OMG: यहां पर है अनोखा ‘बोलता पत्थर’, जिसे बजाने पर आती है ढोल नगाड़ों की अवाजें

अलीराजपुर जिले के एक छोटे से गांव फाटा में बांजना नाम का एक बड़ा पत्थर है, जिसे बजाने पर ढोल और मांदल की आवाजें आती हैं.

News18 Madhya Pradesh
Updated: July 8, 2019, 10:12 AM IST
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Updated: July 8, 2019, 10:12 AM IST
मध्यप्रदेश में एक अजीबो-गरीब पत्थर है जो कई अनसुलझे रहस्यों को अपने आप में समेटे हुए है. दरअसल मध्यप्रदेश के पश्चिमी क्षेत्र आदिवासी बहुल अलीराजपुर जिले के एक छोटे से गांव फाटा में  'बांजना' नाम का एक बड़ा पत्थर है, जिसे बजाने पर ढोल और मांदल की आवाजें आती हैं.

पत्थर को बजाने पर आती है आवाजें

जानकारी के अनुसार इस पत्थर का इस्तेमाल पुराने जमाने में डाकू लोग अपने गिरोह को एकत्रित करने में किया करते थे. जब डाकुओं का आतंक खत्म हुआ, तो इसका इस्तेमाल गांव वालों ने एक संचार के माध्यम से एक-दूसरे को बुलाने के लिए किया और जैसे ही आधुनिक युग कि शुरुआत होने लगी, तो धीरे धीरे इसका इस्तेमाल होना बंद हो गया. वहीं इस पत्थर का इस्तेमाल जब से बंद हुआ है, तब से इस पत्थर को पूजा भी जाता है. बताया जाता है कि इस बांजना पत्थर की आवाज पुराने जमाने में 10 किमी दूर तक जाती थी लेकिन अब इसकी आवाज 4 किमी. तक रात में सुनाई देती है. स्थानीय लोगों का कहना है कि पत्थर का एक हिसा टूटने के कारण भी पत्थर की आवाज में कमी आई है.

पत्थर से जुड़ी कई कहानियां

दरअसल फाटा गांव में बांजना पत्थर तक पहुंचने के लिए उबड़ खाबड़ कच्चे रास्तों से होते हुए एक पहाड़ पर चढ़ाई करनी पढ़ती है और फिर पहाड़ के किनारे 'बांजना पत्थर' दिखाई देता है. अजीब तरह से दिखाई देने वाला ये पत्थर हजारो सालों से यही पर है और इसकी कहानियां भी कई हैं. सदियां बीत गई लेकिन ये पत्थर आज भी अपनी जगह पर कायम है. इस पत्थर की सबसे चौकाने वाली बात तो ये है कि इसके ऊपर खड़े होकर जब इसको हिलाया जाता है, तो इसमें से ढोल नगाड़ों की आवाजें आती हैं. पत्थर की इस अजब गजब कारनामे को देखने दूर दूराज से लोग आते हैं.

(अलीराजपुर से वसीम मकरानी की रिपोर्ट)

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First published: July 8, 2019, 7:20 AM IST
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