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OMG: 10 साल तक सड़क से गंदगी उठा घर को बना दिया कबाड़, बाद में जो हुआ, वो जानकर फटी की फटी रह जाएंगी आंखें!

साउथ कोरिया के चोई ने 10 सालों में 150 टन कचरा घर में जमा किया (Image-SBS, South Korea)

साउथ कोरिया के चोई ने 10 सालों में 150 टन कचरा घर में जमा किया (Image-SBS, South Korea)

साउथ कोरिया के ग्वांगजू (Gwangju in South Korea) में एक बुजुर्ग दंपति ने जीवन के अंतिम दशक में अपने 40 वर्षीय बेटे के लिए लगभग 150 टन कचरा जमा किया. बदबूदार कूड़े से भरे होने की वजह से घर कई बीमारियों की जड़ भी बन गया था, जिसकी वजह से चोई की पत्नी की तबीयत भी खबाह हो गई. जिसके बाद 226 लोगों की मदद से घर से कबाद हटाया गया.

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    मां-बाप अपने बच्चे के लिए हर वो चीज करना चाहते हैं, जो उसके भले के लिए हो फिर चाहे उन्हें ऐसा करने के लिए कितनी परेशानियां झेलनी पड़ें. कई बार वो ऐसे फैसले लेने से भी पीछ नहीं हटते जिनसे उन्हें लगता है कि वह इसके जरिए मरने के बाद भी अपने बच्चे की मदद कर पाएंगे. ऐसा ही कुछ दक्षिण कोरियाई मीडिया (South Korean Media) की एक रिपोर्ट में सामने आया है, जिसमें एक बुजुर्ग दंपति की दुखद कहानी बताई गई है.

    जानकारी के मुताबिक साउथ कोरिया के ग्वांगजू (Gwangju in South Korea) में एक बुजुर्ग दंपति ने जीवन के अंतिम दशक में अपने 40 वर्षीय बेटे के लिए कई टन कचरा जमा किया. आपको बता दें कि उनके बेटे ने ने घर छोड़ कर बाहर जाने और नौकरी खोजने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद उसके माता-पिता ने यह कदम उठाया. आपको जानकारी दे दें कि एसबीएस जो कि एक दक्षिण कोरियाई राष्ट्रीय टेलीविजन नेटवर्क (SBS, a South Korean national television network) है, उसने ग्वांगजू में रहने वाले 75 वर्षीय चोई (Choi) की चौंकाने वाली कहानी बताई. इस रिपोर्ट में बताया गया कि चोई ने पिछले एक दशक में अपने दो मंजिला घर को शहर की सड़कों और कचरे से इकट्ठा कचरे से भरे डंप (dump full of garbage gathered) में बदल दिया. ऐसा करने के पीछे बुजुर्ग का मानना यह था कि एक आदमी का कचरा दूसरे आदमी का खजाना है, जानकारी के मुताबिक चोई पेंशनभोगी हैं, जिन्होंने सचमुच अपने पूरे घर को कबाड़ से भर दिया, बालकनियों और यहां तक ​​​​कि यार्ड में भी ढेर सारा कबाड़ भर दिया.

    चोई के पड़ोसियों ने जताई आपत्ति

    रिपोर्ट के मुताबिक चोई के घर के सामने का दरवाजा कबाड़ के थैलों से ढका हुआ था, एसबीएस के पत्रकारों को दंपत्ति से मिलने के लिए कचरे के पहाड़ों पर चढ़ना पड़ा था. जिसके बाद अंदर जाने पर कचरे की गंध से उन्हें लगातार खांसी और सांस लेने में तकलीफ होने लगी. आपको बता दें कि चोई, उनकी 70 वर्षीय पत्नी और उनका बेटा एक दशक से भी अधिक समय से कूड़े से भरे घर में रह रहे थे. वह सभी एक छोटे से कमरे में सोते थे क्योंकि हॉल सहित बाकी जगह कबाड़ से भरी हुई थी. पड़ोसियों ने शुरुआत में कचरे के बारे में शिकायत की थी लेकिन फिर भी चोई कचरे को घर लाते रहे.

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    चोई कचरे को मानते हैं खजाना

    चोई का कहना है, 'कुछ भी, जब तक इसका ठीक से उपयोग किया जाता है, उपयोगी है, और कचरा सिर्फ एक तरह का खजाना है" उन्होंने कहा कि वह रोजाना शहर की सड़कों पर घूमते थे, सभी प्रकार के चीजों को एकत्र करते थे. वहीं जानकारी के मुताबिक दंपति का बेटा, उनका वजन 100 किलोग्राम से अधिक था और उसने एक साल से अधिक समय से घर से बाहर पैर नहीं रखा था. वह सारा दिन बस उसी एक छोटे से कमरे में बैठा रहाता और कुछ भी नहीं करता था. साथ ही अपने माता-पिता के बार-बार उसे बाहर जाने और काम की तलाश करने के लिए कहने के बावजूद, उसने एक नहीं सुनी और पिता की पेंशन की मदद से गुजर-बसर करने का फैसला लिया. चोई ने कहा कि यही कारण है कि उन्होंने पिछले एक दशक में सारा कचरा इकट्ठा किया.

    कचरे की वजह से चोई के घर में नहीं है पैर रखने की जगह (Image-SBS, South Korea)
    कचरे की वजह से चोई के घर में नहीं है पैर रखने की जगह (Image-SBS, South Korea)


    बेटे के लिए जमा किया कचरा

    चोई ने कहा, “मेरा बेटा बस घर पर रहना पसंद करता है, वह नौकरी की तलाश में बाहर नहीं जाता है, और यह हमें चिंतित करता है. मुझे बस इस बात का डर है कि मैं और मेरी पत्नी जल्द ही मर जाएंगे और वह बिना किसी सहारे के छोड़ दिया जाएगा इसलिए मैंने घर पर और चीजें स्टोर करने का फैसला किया, और फिर अधिक से अधिक चीजें स्टोर होती चली गईं ”

    कचरे के कारण बीमार हो गई पत्नी

    आपको बता दें कि एसबीएस द्वारा किए गए एक मेडिकल चेकअप से पता चला कि चोई की पत्नी को दिल की गंभीर बीमारी थी. डॉक्टरों ने उन्हें साफ-सुथरे वातावरण में रहने के लिए कहा और अपनी स्थिति में सुधार के लिए व्यायाम करने के लिए भी कहा. जिसके बाद 75 वर्षीय चोई ने अपनी पत्नी की तवीयत के कारण स्वयंसेवकों से अपने घर को साफ करने की अनुमति दी. बताया जा रहा है कि जमा किए गए150 टन कचरे को छांटने के लिए 226 लोगों और एक खुदाई करने वाले को लाया गया था लेकिन दंपति के बेटे ने कमरे से बाहर निकलने से इनकार कर दिया लेकिन बाद में उसके माता-पिता ने उससे बात की और एक साल से अधिक समय बाद उसने पहली बार घर से बाहर कदम रखा. आपको बता दें कि वर्षों में पहली बार अपने घर को साफ और कबाड़ से मुक्त देखकर, चोई ने रोना शुरू कर दिया और कहा "अपनी पत्नी के भविष्य और स्वास्थ्य के लिए, मैं फिर कभी कचरा नहीं उठाऊंगा"

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