'ट्रांसफॉर्मर' से कम नहीं है जापान का रोबोट, चांद पर पहुंचते ही बदल लेगा रूप

जापान 2020 तक चांद पर भेजेगा रोबोट.(फोटो क्रेडिट- ispace)

जापान 2020 तक चांद पर भेजेगा रोबोट.(फोटो क्रेडिट- ispace)

चांद पर अपना दम दिखाने की बारी अब जापान (Japan on Moon) की है. अगले साल यानि 2022 में जापान चांद पर एक खास रोबोट (Japan Robot on Moon) भेजने की तैयारी में है, जो वहां पहुंचकर खुद ब खुद चलने लगेगा और चांद की तस्वीरें खींचकर पृथ्वी पर भेजेगा.

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धरती के बाद अब इंसान चांद पर बसने की कोशिशों में लगा हुआ है. इसके लिए अमेरिकन स्पेस एजेंसी NASA से लेकर TESLA जैसी प्राइवेट कंपनियां भी लगातार सक्रिय हैं. धरती के सबसे पास स्थित चांद पर इंसानों को भेजने की योजना पर काम चल रहा है. इस सिलसिले में जापान ने भी अपनी कमर कस ली है. साल 2022 तक जापान चांद पर 3 इंच का छोटा सा रोबोट भेजने की तैयारी में है.

जापान की अंतरिक्ष एजेंसी जापान एरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी (Japan Aerospace Exploration Agency, JAXA) इस प्रोजेक्ट पर जापान की रोबोटिक कंपनी आईस्पेस (ispace) के साथ मिलकर काम कर रही है. बेसबॉल के आकार वाले इस रोबोट भेजने के लिए हाकुतो-आर (HAKUTO-R) लैंडर का इस्तेमाल किया जाएगा. रोबोट का साइज़ महज 3 इंच होगा और इसे ispace के लैंडर में रखकर चांद पर भेजा जाएगा. जापान अगले साल ही चांद पर ये छोटा सा रोबोट भेज देगा.

खुद ही चांद पर चलने लगेगा रोबोट

रोबोट 2 पहियों के सहारे चलेगा. इससे चांद की सतह और वहां मौजूद अन्य चीजों की तस्वीर खींचकर भेजी जाएगी. इसी आधार पर स्पेस एजेंसी समीक्षा करेगी. JAXA ने बताया है कि इस रोबोट में सबसे खास चीज़ ये है कि यह सतह पर पहुंचकर खुद ही चलना शुरू कर देगा. इससे चांद पर ट्रांसपोर्टेशन के लिए जरूरी चीजों की भी कमी आएगी. आने वाले वक्त में जो मिशन होंगे, उनमें भी ये रोबोट अहम भूमिका निभा सकता है.
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जापान चांद पर पहुंचने वाले देशों में हो सकता है शामिल

अब तक चांद पर सिर्फ तीन देश ही पहुंच पाए हैं- अमेरिका, चीन और रूस. इनमें से सिर्फ अमेरिका के एस्ट्रोनॉट्स चांद की सतह पर गए हैं. JAXA के मुताबिक इस रोबोट का निर्माण सोनी, दोशीषा यूनिवर्सिटी और जापानी इंटरनेटमेंट कंपनी टॉमी ने मिलकर किया है. टॉमी जापान में खास तौर रोबोटिक खिलौने बनाने के लिए मशहूर है. जापानी अंतरिक्ष एजेंसी का मकसद इस मिशन के जरिये ज्यादा से ज्यादा जानकारी जुटाना है.

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