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अफगानिस्तान का वो इलाका जहां घुस नहीं पाया तालिबान, ऐसी खतरनाक ट्रेनिंग से डरते हैं तालिबानी

शेरे पंजशीर की कड़ी ट्रेनिंग देख अच्छे-खासे इंसान के होश उड़ जाए (इमेज- AFP)

शेरे पंजशीर की कड़ी ट्रेनिंग देख अच्छे-खासे इंसान के होश उड़ जाए (इमेज- AFP)

अफगानिस्तान (Afganistan) पर तालिबान (Taliban) ने कब्ज़ा जमा कर तबाही मचाना शुरू कर दिया है. जो जान बचाकर भाग सकते थे, वो बच निकले. बाकी लोगों पर तालिबानियों का कहर बरप रहा है. इस बीच अब अफगानिस्तान में सिर्फ एक ही हिस्सा है, जहां तालिबान (Only Area Out Of Reach From Taliban) नहीं पहुंच पाया है.

  • News18Hindi
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    तालिबान (Taliban) ने देखते ही देखते अफगानिस्तान को अपने कब्जे में ले लिया. जैसे ही अमेरिकी सैनिक (American Soldiers) वहां से हटे, तालिबानियों का झंडा बुलंद हो गया. किसी ने सोचा भी नहीं था कि अचानक अफगानिस्तान कई साल पीछे पहुंच जाएगा.अफगनिस्तान के लगभग हर हिस्से पर कब्ज़ा जमा चुके तालिबानी देश के एक हिस्से में अपनी पकड़ नहीं बना सका. अफगानिस्तान के इस हिस्से में अभी तक तालिबान नहीं पहुंचा है. ये है पंजशीर की घाटी (Valley Of Panjshir). ये घाटी अफगानिस्तान के हिन्दू-कुश पहाड़ के पास स्थित है. द सन (The Sun) में छपी खबर के मुताबिक़, देश में सिर्फ यही हिस्सा है जहां तालिबान नहीं पहुंच पाया है.

    सोशल मीडिया (Social Media) पर अब पंजशीर इलाके की रखवाली कर रहे जांबाजों की तस्वीर सामने आई है. इस एरिया की रखवाली करने वालों को शेरे पंजशीर (Lions Of Panjshir) कहते हैं. इनकी ट्रेनिंग की जो तस्वीरें सामने आई हैं, उन्हें देखकर आप समझ जाएंगे कि तालिबानियों से मुकाबला करने के लिए ये कितनी कड़ी ट्रेनिंग से गुजरते है. रेसिस्टेंस मिलिट्री फ़ोर्स में गिने जाने वाले ये सिपाही पहाड़ों और नदियों में अपनी ट्रेनिंग पूरी करते हैं. इसमें सैंकड़ों एंटी तालिबान लड़ाके हैं. इन्हें नॉर्दर्न अलायंस के नाम से जाना जाता है. इनका मकसद है तालिबानियों को कुचल कर रख देना. लड़ाके घाटी में रहने वाले करीब 1 लाख 70 हजार लोगों की हिफाजत करते हैं.

    डरता है तालिबान
    इस एंटी तालिबान लड़ाके ग्रुप के लीडर अली नज़री ने बताया कि तालिबान ने एरिया पर अटैक किया था. लेकिन उनके लड़ाकों ने तालिबान को धूल चटा दी. इसके बाद तालिबान एरिया से बाहर चला गया. वहीं एरिया के वाइस प्रेसिडेंट अमरुल्लाह सालेह ने बताया कि जैसे ही खबर मिली कि राष्ट्रपति देश छोड़कर भाग निकले हैं, उन्होंने शेरे पंजशीर को इक्कठा किया और लड़ाई के लिए तैयार रहने को कहा. अटैक के बाद हार मिलने के कारण तालिबान इस एरिया से जा चुका है. लेकिन अभी वो दुबारा अटैक कर सकता है. इस कारण से ट्रेनिंग चालू है.

    sher-e-panjshir

    ऐसे करते हैं ट्रेनिंग
    पंजशीर के शेरों को कड़ी ट्रेनिंग से गुजरना पड़ता है. इनकी ट्रेनिंग की कई तस्वीरें सामने आई. इसमें लड़ाके अपने कंधे पर लकड़ी के बड़े-बड़े टुकड़े लेकर पहाड़ों पर चढ़ते नजर आए. इसके साथ ही ये लड़ाके पानी में लड़की के टुकड़ों के साथ भी ट्रेनिंग करते हैं. इनकी कड़ी ट्रेनिंग देख समझ सकते हैं कि कैसे ये तालिबानियों को अपने इलाके से दूर रखने में कामयाब हो पाए. इनका मकसद ना सिर्फ अपने एरिया में तालिबानियों को घुसने ना देना है, बल्कि ये बाकी के हिस्सों से भी तालिबानियों को साफ़ करने के फिराक में हैं.

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