• Home
  • »
  • News
  • »
  • ajab-gajab
  • »
  • हाथ काटने से लेकर पत्थर से कूचने तक, तालिबान वापस ला सकता है सजा देने के ये क्रूर तरीके

हाथ काटने से लेकर पत्थर से कूचने तक, तालिबान वापस ला सकता है सजा देने के ये क्रूर तरीके

1996 से 2002 तक तालिबानियों ने अफगानिस्तान में मौत का कोहराम मचाया था (तस्वीर- इंटरनेट से)

1996 से 2002 तक तालिबानियों ने अफगानिस्तान में मौत का कोहराम मचाया था (तस्वीर- इंटरनेट से)

अफगानिस्तान (Afganistan) में लौटे तालिबानी आतंकियों (Talibani Terrorist) ने देश की राजधानी काबुल (Kabul) पर कब्ज़ा जमा लिया है. तालिबान अपने सजा देने के क्रूर तरीकों (Talibani Gruesome Punishments) के कारण बदनाम है. अब अगर उसने पूरे अफगानिस्तान पर कब्ज़ा कर लिया तो दुनिया को एक बार फिर उसके क्रूर तरीके देखने को मिलेंगे.

  • Share this:

    आतंकवादी (Terrorist) सिर्फ और सिर्फ दूसरों को तकलीफ देने में सुकून महसूस करते हैं. उनका काम होता है अपनी बात ना मानने वाले लोगों को सजा देना. तालिबान को भी आतंकी संगठन(Terrorist Group Tliban) में शामिल किया जाता है. इस समय अफगानिस्तान तालिबानियों (Taliban In Afganistan) के कब्जे में है. इस आतंकी संगठन ने देश के कई हिस्सों पर कब्ज़ा कर लिया है. इसमें काबुल शामिल है. तालिबानी क्रूर सजा देने के लिए बदनाम है. अब एक बार फिर जब ये आतंकी संगठन मजबूत हो रहा है तो ये फिर से अपने सजा देने के तरीके वापस से लाने की तैयारी में है.

    द मिरर की रिपोर्ट के मुताबिक, अफगानिस्तान में एक बार फिर तालिबान के क्रूर सजा के तरीके देखने को मिल सकते हैं. इसमें पत्थर से कूचने, हाथ और पैर काट देना और सरेआम फांसी पर लटकाना शामिल है. ये सभी तरीके फिर से अफगानिस्तान में लौट सकते हैं. देश में अभी सत्ता पर काबिज सरकार कभी भी गिर सकती है. देश के राष्ट्रपति अशरफ घानी देश छोड़कर जा चुके हैं. मीडिया से बातचीत करते हुए एक तालिबानी ने बताया कि अब वो अफगानिस्तान से नहीं लौटेंगे. साथ ही जो भी उनके काम में अड़ंगा लगाएगा, उसे खौफनाक सजा दी जाएगी.

    शरिया कानून के तहत देंगे सजा
    BBC से बातचीत करते हुए तालिबानी सुहैल शाहीन ने बताया कि देश में अब शरिया कानून माना जाएगा. यही इस्लाम का असली कानून है. इसमें जो भी बातें लिखी गई है, उसे मानना जरुरी है. अगर कोई इसे ना माने तो उसे सजा भी कानून में लिखी बातों के हिसाब से दी जाएगी. हालांकि, शाहीन ने बताया कि तालिबान लड़कियों को शिक्षा देने पर जोर देगा. साथ ही उन्हें काम करने की भी आजादी होगी.

    महिलाओं के लिए बदतर होंगे हालात
    जहां तालिबानी आतंकी बच्चियों और महिलाओं को हक़ देने की बात कह रहे हैं, वहीं BBC ने ग्राउंड रिपोर्टिंग में पता किया है कि वहां तालिबानियों ने महिलाओं को घर से अकेले ना निकलने, और बैंक में काम करने वाली महिलाओं को नौकरी छोड़ने का आदेश दिया है. अफगानिस्तान में 1996 तक तालिबानियों का राज था. उस समय किसी को तालिबान क्रूर सजा देकर मौत के घाट उतार देता था. अब एक बार फिर हालात वैसे ही बनते जा रहे हैं.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज