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इंसान ही नहीं जानवरों के साथ भी बदसलूकी की हदें पार करते हैं तालिबानी, निशाने पर चिड़ियाघर का भालू

इंसान ही नहीं जानवरों के साथ भी बदसलूकी की हदें पार करते हैं तालिबानी, निशाने पर चिड़ियाघर का भालू

द सन में छपी तस्वीर में तालिबान लड़ाके को भालू पर बंदूक ताने हुए देखा जा सकता है. (Credit- The Sun)

द सन में छपी तस्वीर में तालिबान लड़ाके को भालू पर बंदूक ताने हुए देखा जा सकता है. (Credit- The Sun)

तालिबानी लड़ाकों (Taliban Fighters) के निशाने पर सिर्फ अफगानी (Afghanistan People) लोग ही नहीं हैं, बल्कि वे जानवरों को भी अपनी गन के इशारे पर चलाना चाहते हैं. वहशी तालिबानी (Taliban in Afghanistan) चिड़ियाघर के जानवरों में भी अपना आतंक फैला रहे हैं.

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  • News18Hindi
  • Last Updated :

    अफगानिस्तान (Afghanistan) में तालिबानियों (Taliban) का राज कायम होने के बाद इंसान तो डर के मारे वहां से भागने लगे हैं, लेकिन चिड़ियाघर (Zoo in Afghanistan) के बेज़ुबान जानवर भला कहां भाग जाएं? वे तो वहीं फंसे हुए हैं, उस पर भी खतरनाक लड़ाकों की खूंखार आंखें और हथियार उनमें खौफ पैदा करने के लिए काफी हैं.

    The Sun की ओर से छापी एक तस्वीर में जिस तरह तालिबानी लड़ाके ने एक भालू (Taliban pointing gun on bear) की ओर अपनी बंदूक तान रखी है, उसे देखकर इन जानवरों की हालत का अंदाज़ा लगाया जा सकता है. हालांकि जानकारी के मुताबिक चिड़ियाघर में अब भी जानवरों की सेवा की जा रही है, लेकिन तालिबानियों का क्या? उनके लिए इंसान की जान लेना जब इतना आसान है, फिर ये तो बेज़ुबान जानवर ठहरे.

    तालिबानी राज में सहमे जानवर
    ताज़ा तस्वीर द सन में छापी गई है, जिसमें एक तालिबानी लड़ाका मांद में खड़े भालू की ओर अपनी बंदूक ताने (Taliban pointing gun on bear) हुए है, जबकि बाकी लड़ाके ये नजारा खड़े होकर बड़े आराम से देख रहे हैं. नीचे खड़ा भालू बंदूक को देखकर कुछ कनफ्यूज़ तो कुछ सहमा नज़र आ रहा है. सूत्रों के मुताबिक चिड़ियाघर के इन जानवरों का गेम अब ओवर हो चुका है, क्योंकि कुछ इसी तरह तालिबानी इन जानवरों को ट्रीट करने वाले हैं और ये तो भाग भी नहीं सकते. हालांकि फिलहाल इस बात की पुष्टि की गई है कि इस भालू को मारा नहीं गया है और चिड़ियाघर के अंदर बाकी जानवरों का खाना-पानी चल रहा है.

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    जानवरों के भी काल हैं तालिबान
    ये चिड़ियाघर काबुल म्युनिसपैलिटी के अंतर्गत आता है और तालिबानी राज आने के बाद उनके लड़ाकों ने आकर इसका दौरा किया है. तालिबान ने फिलहाल इस भालू को भले ही नहीं मारा है लेकिन अब से 20 साल पहले 1990 के दौर में जब तालिबान का राज था तो उन्होंने चिड़ियाघर के जानवरों पर खूब जुल्म ढाया था. उन्होंने एक शेर पर ग्रेनेड फेंककर उसे अंधा कर दिया था, जबकि एक भालू पर मज़े-मज़े में ग्रेनेड फेंक दिया था. इतना ही नहीं बताया जाता है कि अपने मनोरंजन और टाइमपास के लिए वे भालुओं को पिटते हुए देखना पसंद करते थे, जबकि दूसरे जानवरों को भी छड़ी और पत्थरों से मारते थे.

    Tags: Afghanistan Crisis, Taliban in Afghanistan, Taliban News

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