छोटे से चूहे को ब्रिटेन में कहते हैं 'हीरो', बड़े-बड़े मिशन कामयाब करने के बाद अब हो रहा है रिटायर

मागावा चूहे को मिला रिटायरमेंट.(Photo Credit- PDSA/AP)

मागावा चूहे को मिला रिटायरमेंट.(Photo Credit- PDSA/AP)

आम तौर पर चूहे (Rat and Rodant) सबके लिए प्रॉब्लम ही बने होते हैं लेकिन मगावा (Magawa) नाम का चूहा हीरो माना जाता रहा है. सालों तक अपनी जान पर खेलकर बड़े-बडे़ मिशन को अंजाम देने वाला ये चूहा अब रिटायर हो रहा है. चलिए बताते हैं कि इसे क्यों कहा जाता है HERO RAT.

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ब्रिटेन के सर्वोच्च नागरिक सम्मान के समकक्ष पशु सम्मान ( George Cross for animals) को पा चुका अफ्रीकी चूहा मागावा अब रिटायर होने वाला है. पिछले साल सितंबर में, इस चूहे को बारूदी सुरंगों (Landmines) और बमों का पता लगाने के अपने अदभुत कार्य के लिए सम्मानित किया गया था. इसे हीरो रैट (Bomb Sniffing Hero Rat) माना जाता है. 5 साल तक अपनी सेवाएं देने के बाद अब मागावा (Magawa) को रिटायर किया जा रहा है, ताकि वो अपनी बाकी की ज़िंदगी सुकून और शांति से खा-पीकर बिता सके.

कंबोडिया (COMBODIA) में सूंघकर बम और बारूदी सुंरगों का पता लगाने के अपने काम से उसे दुनिया भर में पहचान मिली. मागावा विशालकाय अफ्रीकी नस्ल (African Rat) का चूहा है, जिसने 5 साल के करियर में 2,25, 000 वर्ग मीटर भूमि से बारूदी सुरंगों को साफ करने में मदद की, जो 42 फुटबॉल पिचों के बराबर मानी जाएंगी. मागावा मूल रूप से तंजानियन चूहा है. उसे बारूदी सुरंगों का पता लगाने के लिए खास तौर पर बेल्जियन चैरिटी 'अपोपो' की ओर से प्रशिक्षित किया गया था.

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केले और मूंगफलियां हैं मागावा की पसंदीदा
कंबोडिया में अपोपो चैरिटी प्रोग्राम के मैनेजर माइकल हेइमान ने कहा है कि -' 71 बारूदी सुरंगों और बमों की 38 चीजें पता करने के बाद अब मागावा थोड़ा थक गया है. इस वजह से हमने उसकी भलाई के लिए उसे रिटायर कर दिया है. अब वो अपना बाकी का जीवन केले और मूंगफलियां खाकर बिताएगा' मागावा को तंजानिया में विस्फोटकों के भीतर केमिकल कपाउंड का पता लगाने के लिए ट्रेनिंग दी गई थी. अपने इस काम के बदले उसे केले और मूंगफलियां दी जाती थीं, जो उसके फेवरेट हैं.

30 मिनट में करता था इतना बड़ा काम

मागावा का वजन कम होने की वजह से वो माइंस पर खड़े होकर धरती खुरचता था और बम के बारे में सचेत कर देता था. उसके माइंस पर खड़े होने से बम फटते नहीं थे. वो सिर्फ 30 मिनट में एक टेनिस कोर्ट के आकार के बराबर के इलाके में बम का पता लगा सकता था. अगर मेटर डिटेक्टर से इतना एरिया स्कैन किया जाएगा, तो चार दिन का वक्त लगेगा. अब अपनी सेवाएं देने के बाद उसे सेवामुक्त कर दिया गया है. वो सिर्फ अपना पसंदीदा खाना खाकर आराम करेगा.

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