OMG: 72 जहरीले सांपों के साथ 72 घंटे रहा था ये शख्स, बनाया था वर्ल्ड रिकॉर्ड!

नीलम कुमार खैरे (फोटो: यूट्यूब से)

नीलम कुमार खैरे (फोटो: यूट्यूब से)

गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड (Guinness World Record) की तरफ से ये साफ कर दिया गया था कि अगर नीलम (Neelam Kumar Khaire) रोज अपने पिंजड़े से आधे घंटे के लिए बाहर भी आना चाहें तब भी उनका रिकॉर्ड माना जाएगा मगर नीलम ने ऐसा करने से मना कर दिया था. नीलम के पिंजड़े में 36 दो अलग प्रजाति के कोबरा थे, 24 रसेल वाइपर, 8 बैनडेड क्रेट और 4 आम से सांप थे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 18, 2021, 1:22 PM IST
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दुनिया में बड़ी आबादी ऐसी है जो सांपों से बहुत डरती है. वैसे सांप से डरना लाजिमी भी है क्योंकि अधिकतर सांप इतने जहरीले होते हैं कि उनके जहर से इंसान की मौत हो सकती है. मगर भारत के एक सरीसृप विज्ञानवेत्ता (herpetologist) ने सांपों के बीच रहकर एक अनोखा वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किया है. उनके इस रिकॉर्ड के बारे में जानकर लोग हैरान हो जाते हैं.

आपको बता दें कि जो वैज्ञानिक रेपटाइल और सांपों के विज्ञान पर शोध करते हैं, उन्हें सरीसृप विज्ञानवेत्ता कहते हैं. नीलम कुमार खैरे भारत के जानेमाने वैज्ञानिक हैं जिनका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है. नीलम ने एक कमरे जैसे बंद बॉक्स में 72 घंटे, 72 सांपों के बीच रहकर अनोखा विश्व रिकॉर्ड साल 1980 में बनाया था. इस रिकॉर्ड के माध्यम से उन्होंने लोगों को ये बताने की कोशिश की थी कि सांप तभी काटते हैं जब उन्हें उकसाया जाता है.

neelam kumar khaire
फोटो: सोशल मीडिया


रिकॉर्ड बनाने का कैसे आया आइडिया?
20 जनवरी 1980 के दिन नीलम कुमार खैरे ने ये कारनामा कर दिखाया था. उस वक्त नीलम 28 साल के थे और पुणे के एक होटल में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करते थे. 1979 में साउथ अफ्रीका के पीटर ने ऐसा वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था जब उन्होंने 50 घंटे 18 जहरीले और 6 कम जहरीले सांपों के बीच समय बिताया था. नीलम को पीटर के इस रिकॉर्ड को तोड़ना था. शुरू में पुलिस और प्रशासन ने उन्हें ये करने से मना कर दिया था मगर 20 जनवरी को नीलम ने खुद को ग्लास के बक्से में 72 सांपों के बीच बंद कर लिया था.

नीलम जब कम उम्र के थे तब से उन्हें सांपों से बहुत प्यार था. वो कभी उन्हें मारते नहीं थे. इंडिया टुडे से बात करते हुए नीलम ने बताया था कि जब वो कम उम्र के थे तो मुंबई में उनके घर के पास बहुत सांप निकलते थे. तब वो उन्हें पकड़कर जंगल के इलाके में छोड़ देते थे.

कैसे बीते थे नीलम के 72 घंटे



गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड की तरफ से ये साफ कर दिया गया था कि अगर नीलम रोज अपने पिंजड़े से आधे घंटे के लिए बाहर भी आना चाहें तब भी उनका रिकॉर्ड माना जाएगा मगर नीलम ने ऐसा करने से मना कर दिया था. नीलम के पिंजड़े में 36 दो अलग प्रजाति के कोबरा थे, 24 रसेल वाइपर, 8 बैनडेड क्रेट और 4 आम सांप थे. इन सभी सांपों के साथ नीलम ने 3 दिन गुजारे जो काफी अच्छे से गुजरे. जब कभी सांप उनके नजदीक आ जाते तो वो उन्हें धीरे से उठाकर दूर कर देते थे. 72 घंटे बाद  उन्होंने पिछला रिकॉर्ड तोड़ दिया था.

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1986 में पुणे नगर निगम के साथ मिलकर नीलम ने कटराज स्नेक पार्क की स्थापना की जिसका बाद में नाम बदलकर राजीव गांधी जूलॉजिकल पार्क रख दिया गया. वो पहले भारतीय बने जिन्होंने जानवरों के लिए अनाथालय की स्थापना की और अपनी पूरी जिंदगी जानवरों के नाम कर दी. उन्होंने उत्तरा स्कूल ऑफ एनवायरोमेंट और रूरल डेवलपमेंट एंड एक्सटेंशन की स्थापना भी की है.
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