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Aliens के ड्रोन को हम समझते हैं UFO! अमेरिकन एक्सपर्ट ने खोले दूसरी दुनिया के तमाम राज़

UFO एक्सपर्ट का दावा है कि Aliens हमसे भी सैकड़ों साल पहले से ब्रह्मांड में मौजूद हैं.

UFO एक्सपर्ट का दावा है कि Aliens हमसे भी सैकड़ों साल पहले से ब्रह्मांड में मौजूद हैं.

अमेरिकी UFO एक्सपर्ट का मानना है कि जिन्हें हम उड़न तश्तरियां या UFO समझते हैं, वो दरअसल ये Aliens की ओर से इस्तेमाल किए जाने वाले Drone हैं, जिससे वे हम पर नज़र रखते हैं.

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    Pentagon की UFO report को लेकर पूरी दुनिया में हलचल मची हुई है. इसी बीच Harvard के Professor Avi Loeb का दावा है कि दूसरे ग्रहों के लोगों की सभ्यता हमसे काफी पुरानी है, ऐसे में वो Drones के ज़रिये हम पर नज़र रखते हैं. इन्हीं Drones को हम UFO समझते हैं.

    Harvard के प्रोफेसर और UFO एक्सपर्ट Avi Loeb का मानना है कि एलियंस की सभ्यता हमारी सभ्यता से काफी पुरानी है और UFO उनकी artificial intelligence से बने हुए ड्रोन हो सकते हैं. इसके ज़रिये वो धरती पर नज़र रखते हैं. दुनिया की टॉप यूनिवर्सिटीज़ में से एक Harvard के प्रोफेसर के इस दावे को सिरे से नकारा नहीं जा सकता है. अगर इसे सच मानें तो ये बात भी स्वीकारनी होगी कि ब्रह्मांड में मानव सभ्यता के अलावा भी कुछ सभ्यताएं सदियों से अस्तित्व में हैं.

    मानव सभ्यता से भी पुरानी सभ्यताएं मौजूद

    प्रोफेसर Avi Loeb कहतते हैं कि धरती की सभ्यता से भी सदियों पहले की सभ्यताएं ब्रह्मांड में मौजूद हैं. Avi Loeb प्रोजेक्ट के तहत इस बात को लेकर रिसर्च हो रही है कि एलियंस की उत्पत्ति कब और कहां हुई? साल 2018 में प्रोफेसर लोएब ने इस बात को लेकर दावा किया था कि धरती के पास से गुजरने वाले Oumuamua दरअसल आसमान में एलियन सभ्यता का ही कूड़ा-कचरा है. द सन से बात करते हुए उन्होंने इस बात का दावा किया है कि – कुछ चीजें हो सकती हैं, जो काफी पुरानी हों. जैसे सूरज की उत्पत्ति से पहले भी तमाम तारें अरबों साल पहले पैदा हुए. इसी तरह कुछ सभ्यताएं भी मानव सभ्यता से सदियों से पहले पैदा हुई हैं.

    UFO नहीं AI वाला Drone कहिए

    प्रोफेसर लोएब कहते हैं कि- सदियों का वक्त काफी होता है जिसमें एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वाला स्पेसक्राफ्ट कैमिकली तैयार किया जा सके. तारों के बीच आपस की दूरी काफी ज्यादा है. प्रोफेसर लोएब का दावा है कि इस बात के बारे में भी कल्पना कर सकते हैं कि सदियों पुरानी सभ्यताओं ने किस तरह के उपकरणों का इस्तेमाल किया होगा. वे मानते हैं कि किसी भी इतनी पुरानी सभ्यता के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से ऐसे ड्रोन तैयार करने के लिए सदियों का वक्त काफी है.

    प्रोफेसर लोएब का ये दावा ऐसे समय में सामने आया है, जब अमेरिका की UFO Report दुनिया में सुर्खियां बटोर रही है. कुछ दिन पहले ही एक और यूएफओ एक्पर्ट्स ने दावा किया था कि एलियंस की टेक्नॉलजी इतनी एडवांस है कि वो धरती को किसी अखरोट की तरह फोड़ सकते हैं.

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