पहले COVID रिलीफ फंड से लिया 36 करोड़ का लोन, फिर लैंबोर्गिनी खरीदकर मनाईं छुट्टियां

पुलिस ने लोन का दुरुपयोग करने वाले को पकड़ा (फोटो-यूएस इमिग्रेशन एंड कस्टम इंफोर्समेंट)

पुलिस ने लोन का दुरुपयोग करने वाले को पकड़ा (फोटो-यूएस इमिग्रेशन एंड कस्टम इंफोर्समेंट)

अमेरिका (United States) के दक्षिणी कैलिफोर्निया (Southern California) में एक शख्स ने कोविड के दौरान जिन व्यापारियों का नुकसान हुआ, उनके लिए दिए जा रहे लोन के लिए एप्लाई किया. जब लोन मिला तो इस शख्स ने इसका इस्तेमाल अपना काम सेट करने में नहीं बल्कि शानदार गाड़ियां खरीदने और छुट्टियां मनाने में किया.

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कैलिफोर्निया. अमेरिका (United States) में महामारी के प्रकोप के बाद बहुत से लोगों के उद्योग-धंधों को नुकसान हुआ. ऐसे में सरकार ने उन लोगों की सहायता के लिए 'पेचेक प्रोटेक्शन प्रोग्राम' (Paycheck Protection Program) नाम से एक रिलीफ फंड लॉन्च किया. अब सरकार ने तो फंड लॉन्च किया था मजबूर लोगों की मदद के लिए लेकिन दक्षिणी कैलिफोर्निया (Southern California) के रहने वाले मुस्तफा कादरी ने सरकार को ही चूना लगा दिया. हुआ यूं कि मुस्तफा कादरी ने COVID-19 रिलीफ फंड से 5 मिलियन डॉलर का लोन लिया लेकिन उसका इस्तेमाल अपना व्यापार सेट करने में नहीं लैविश वेकेशंस मनाने में किया.

अब मुस्तफा कादरी का ये कारनामा कैलिफोर्निया (California) पुलिस की नजर में आया, तो उन्होंने 38 साल के कादरी पर फंड के गलत इस्तेमाल का आरोप लगाकर उसे गिरफ्तार कर लिया है. कादरी पर वायर फ्रॉड, पहचान चुराने, बैंक धोखाधड़ी, मनी लॉन्ड्रिंग समेत कई मामले दर्ज किए गए हैं.

36 करोड़ के लोन से खरीदी 3 लग्जरी कार

अमेरिका के दक्षिणी कैलिफोर्निया (Southern California) में मुस्तफा कादरी नाम के एक 38 साल के शख्स ने फेडरल कोविड-19 रिलीफ फंड की 5 मिलियन डॉलर यानि ₹36 करोड़ 71 लाख रुपये की राशि लोन के तौर पर ली. ये राशि उसे अमेरिकी सरकार के ‘पेचेक प्रोटेक्शन प्रोग्राम’(Paycheck Protection Program) के तहत मिली थी. रिपोर्ट्स के मुताबिक, कादरी ने न का पैसा लेने के बाद इसका इस्तेमाल फेरारी, लैम्बोर्गिनी और बेंटले जैसी लग्जरी कारों को खरीदने के लिए किया. इसी पैसे पर कादरी ने की लैविश वेकेशंस भी प्लान कर डाले.
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29 जून को तय किया गया ट्रायल

सरकार ने प्रोग्राम कोविड-19 महामारी की वजह से हुए आर्थिक नुकसान से उबरने के लिए छोटे उद्योगों की मदद के लिए शुरू किया गया था. जब पुलिस को कादरी की हरकत का पता चला तो उसकी गिरफ्तारी हुई. कादरी ने पीपीपी लोन के एक हिस्सा का इस्तेमाल अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए भी किया. मुस्तफा कादरी को बाद में $100,000 (₹73,41,805) के बॉन्ड पर रिहा कर दिया गया है. उस पर मुकदमा 29 जून से चलेगा. कोर्ट में अभियोजकों ने कहा कि कादरी ने तीन बैंकों में उन कंपनियों के नाम पर धोखाधड़ी वाले लोन आवेदन किए जो मान्य ही नहीं था. इसके अलावा कादरी ने जो डाक्यूमेंट जमा किए, उसमें डुप्लीकेट बैंक रिकॉर्ड और नकली टैक्स रिटर्न भी शामिल थे.

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