Rajasthan सहित MP के 6 लोगों ने माइनस 30 डिग्री में भारत के सबसे कठिन Chadar trek को किया पार

Rajasthan सहित MP के 6 लोगों ने माइनस 30 डिग्री में भारत के सबसे कठिन Chadar trek को किया पार

Rajasthan सहित MP के 6 लोगों ने माइनस 30 डिग्री में भारत के सबसे कठिन Chadar trek को किया पार

कोटा(Kota) जिले के रामगंजमंडी कस्बे के चार्टर्ड अकाउंटेंट पंकज गुप्ता की अगुवाई में हाड़ोती अंचल सहित मध्यप्रदेश के 6 लोगो ने लद्दाख(Ladakh) में माइनस 30 डिग्री में भारत का सबसे कठिन चादर ट्रेक(Chadar trek) पार किया.

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  • Last Updated: January 29, 2021, 4:07 PM IST
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कोटा(Kota) जिले के रामगंजमंडी कस्बे के चार्टर्ड अकाउंटेंट पंकज गुप्ता की अगुवाई में हाड़ोती अंचल सहित मध्यप्रदेश के 6 लोगों ने लद्दाख(Ladakh) में माइनस 30 डिग्री में भारत का सबसे कठिन चादर ट्रेक(Chadar trek) पार किया. रामगंजमंडी के सीए पंकज गुप्ता की अगुवाई में झालरापाटन के इंजीनियर प्रीतम गुप्ता, रवि गुप्ता, इंदौर के सीए अमित सिंघवी, सीए निखिल बेदमुथा और अश्विन बंसल ने भारत के सबसे कठिन और रोमांचक चादर ट्रेक को पार किया.

गणतंत्र दिवस पर चादर ट्रेक में फहराया तिरंगा 

पंकज और उनकी टीम ने चादर ट्रेक में गणतंत्र दिवस पर वहां तिरंगा भी फहराया. खास बात यह है कि ये इन सभी के जीवन का पहला ट्रेक मिशन था. यह ट्रेक लद्दाख में है जो कि जंस्कार नदी के जम जाने पर केवल जनवरी और मध्य फरवरी में खुलता है.



एक लापरवाही ले सकती है आपकी जान 
जमी हुई नदी में ऊपर चलकर 55 किलोमीटर का ट्रैक पूरा करना होता है और जमी हुई बर्फ के नीचे तेज गति से नदी बह रही होती है. आपकी एक लापरवाही आपकी जान ले सकती है. पंकज गुप्ता ने बताया कि हमे वहां के लोकल गाइड को पूर्ण रूप से फॉलो करना होता है. चादर ट्रेक पर दिन का तापमान माइनस 15 के करीब और रात का तापमान माइनस 25 से माइनस 35 डिग्री रहता है. जिसमे सर्वाइव करने के लिए आपको शारीरिक मजबूती के साथ-साथ मानसिक रूप से बहुत मजबूत होना पड़ता है.

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लेह में ऑक्सीजन की कमी

लेह में ऑक्सीजन की कमी होती है. इसलिए लेह पहुंचते ही पहले 3 दिन आपको लेह में रहना होता है, ताकि आप वहाँ के ऑक्सीजन लेवल के अनुकूल अपनी बॉडी को एडजस्ट कर पाए. फिर चौथे दिन लेह से 70 किलोमीटर ड्राइव करके आपको चादर ट्रेक के स्टार्टिंग पॉइंट पर छोड़ दिया जाता है. जहाँ से लोकल गाइड की मदद से आपको 4 से 5 दिन में 55 किलोमीटर का ट्रैक नदी के ऊपर की जमी हुई परत पर पैदल चलकर पूरा करना होता है और इन सब गाइडलाइन को फॉलो करते हुए हैं सभी 6 लोगों ने अपना मिशन सावधानी पूर्वक पूरा किया. सीए पंकज गुप्ता का कहना है कि यदि आप जीवन मे एडवेंचर प्रेमी है तो एक बार यह ट्रेक अवश्य पार करना चाहिए.

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