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बोरिंग बताकर शख्स को जॉब से निकाला! कोर्ट ने आदमी के पक्ष में दिया फैसला, कहा- 'उबाऊ होना उसका हक है'

शख्स ने मुआवजे के रूप में 3 करोड़ रुपये से ज्यादा की मांग की है. (प्रतीकात्मक फोटो: Canva)

शख्स ने मुआवजे के रूप में 3 करोड़ रुपये से ज्यादा की मांग की है. (प्रतीकात्मक फोटो: Canva)

फ्रांस के पैरिस (Paris, France) से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां क्यूबिक पार्टनर्स (Cubik Partners) नाम की ए ...अधिक पढ़ें

नौकरी पर काम का प्रेशर कम करने के लिए अक्सर बॉस या फिर कंपनी का प्रशासन अलग-अलग तरह की पहल करता है जिससे कर्मचारियों का वर्क-लाइफ बैलेंस बना रहे और वो कंपनी में काम करने को सजा के रूप में ना लें. पर बहुत से लोगों को नहीं पसंद आता कि वो अपनी कंपनी के सहकर्मियों के साथ ऑफिस के बाद जुड़ें या फिर उनसे संपर्क में रहें. वो नहीं चाहते कि वो ऑफिस पार्टी का हिस्सा बनें. इसमें कुछ गलत भी नहीं है पर फ्रांस की एक कंपनी (Man fired for not being fun loving) शायद इस बात को नहीं समझ पाई और वो अपने एक कर्मचारी के साथ जबरदस्ती करने लगी और ना मानने पर उसे नौकरी से ही निकाल दिया.

ऑडिटी सेंट्रल न्यूज वेबसाइट की रिपोर्ट के अनुसार ये चौंकाने वाला मामला फ्रांस के पैरिस (Paris, France) का है. यहां क्यूबिक पार्टनर्स (Cubik Partners) नाम की एक कंपनी है जिसने विचित्र कारणों से अपने एक कर्मचारी को नौकरी (Boring man fired from job) से निकाल दिया था. रिपोर्ट के मुताबिक, ये मामला साल 2015 का है. कंसल्टेंसी फर्म में काम करने वाले एक शख्स को बॉसेज़ ने सिर्फ इसलिए नौकरी से निकाल दिया क्योंकि वो बोरिंग था. कंपनी वीकएंड्स में पार्टियों का आयोजन करती थी जिसमें लोग खूब शराब पीते थे. इसके अलावा कॉन्फ्रेंस आदि में कर्मियों को एक दूसरे के साथ रात गुजारने के लिए भी कहा जाता था.

उबाऊ होने पर शख्स को नौकरी से निकाला
शख्स को इन चीजों में कोई रुचि नहीं थी. इस बात से बॉस को नाराजगी थी. प्रशासन ने शख्स को पेशेवर अपर्याप्तता के आधार पर नौकरी से निकाल दिया. उनका कहना था कि वो रोमांचक नहीं है और ना ही मस्ती करना पसंद करता है. शख्स को ये बात बुरी लगी तो वो कंपनी को कोर्ट तक घसीट ले गया. सालों तक कोर्ट में ये मामला चलता रहा और अब जाकर कोर्ट ने शख्स के पक्ष में फैसला सुनाया है. शख्स ने अपील की थी कि सिर्फ इस आधार पर नौकरी से निकाल देना कि वो पार्टी नहीं करना चाहता, पूरी तरह से गलत है.

कोर्ट ने व्यक्ति के पक्ष में सुनाया फैसला
कोर्ट भी इस बात से सहमत हुई और उन्होंने कहा कि कंसल्टेंसी कंपनी के पास ये अधिकार नहीं है कि वो कर्मियों को हफ्ते के अंत में शराब पीने के लिए कर्मचारियों को फोर्स करे और जबरदस्ती ज्यादा मात्रा में उनपर अल्कोहल पीने का दबाव बनाए. इसके अलावा कोर्ट ने कहा कि सहकर्मियों के साथ रात गुजारने के लिए मजबूर करना भी कंपनी की गलती है. कोर्ट ने आदेश दिया है कि कंपनी उस शख्स को 2.4 लाख रुपये मुआवजा दे. पर अब शख्स ने कहा कि है कि कंपनी के इस कदम की वजह से मानसिक और आर्थिक तौर पर उसका काफी नुकसान हुआ है, ऐसे में उसने कंपनी से मुआवजे के रूप में 3 करोड़ रुपयों की मांग की है जिसका फैसला कोर्ट अगली सुनवाई में करेगी.

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