भारतीय मूल के मैथ्‍यू ने 'बेमन' से खरीदा लॉटरी टिकट, जीते 30.58 करोड़ रुपये

मैथ्यू एक प्रवासी भारतीय हैं, जोकि साल 2007 से अपने परिवार के साथ कुवैत में रह रहे हैं
मैथ्यू एक प्रवासी भारतीय हैं, जोकि साल 2007 से अपने परिवार के साथ कुवैत में रह रहे हैं

Abu Dhabi lottery ticket : मैथ्यू एक भारतीय प्रवासी हैं, जोकि साल 2007 से कुवैत में रह रहे हैं एक विनम्र जीवनशैली वाले पारिवारिक व्यक्ति मैथ्‍यू ने जीवन में कभी नहीं सोचा था कि वह कभी इतनी बड़ी लॉटरी जीत पाएंगे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 4, 2020, 10:50 PM IST
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किस्मत किसे कहते हैं, ये भारतीय मूल के नोबिन मैथ्यू से पूछिए, जिन्‍होंने बेमन से एक लॉटरी टिकट (Lottery ticket) खरीदी, लेकिन अपने दूसरे और अंतिम प्रयास में उन्‍हें एक चौंकाने वाली खबर मिली. वह बिग टिकट अबू धाबी ड्रॉ (Big Ticket Abu Dhabi draw) के विजेता घोषित हुए हैं और उन्‍होंने ईनाम में 15 मिलियन दिरहम जीते. भारतीय मुद्रा में इसकी कीमत 30 करोड़ 58 लाख 44 हजार 822 रुपये हैं.

दरअसल, मैथ्यू एक प्रवासी भारतीय हैं, जोकि साल 2007 से अपने परिवार के साथ कुवैत में रह रहे हैं.  एक विनम्र जीवनशैली वाले पारिवारिक व्यक्ति मैथ्‍यू ने जीवन में कभी नहीं सोचा था कि वह कभी इतनी बड़ी लॉटरी जीत पाएंगे.

उन्‍होंने लॉटरी टिकट अपने सहयोगी प्रमोद मट्टुमल और मीनू थॉमस के कहने पर खरीदा. मैथ्यू ने मन बना लिया था कि नवंबर का ड्रॉ उनका आखिरी प्रयास होगा और फिर उन्‍हें जैकपॉट लगा. इसे उन्‍होंने अपने दोनों सहयोगियों के साथ साझा करने का फैसला किया है.



मैथ्‍यू ने खलीज टाइम्‍स से कुवैत से फोन पर बातचीत में कहा कि 'मेरे साथी कभी कभार लॉटरी दिकट खरीदते थे. उन्‍होंने मुझे भी टिकट खरीदने पर जोर दिया. यह लॉटरी टिकट खरीदने का मेरा दूसरा प्रयास था. मैं पिछले महीने नहीं जीत पाया था. इसलिए मैंने अपने साथियों से कहा कि यह मेरा दूसरा और अंतिम प्रयास होगा. इसके बाद मैं कभी भी लॉटरी का टिकट नहीं खरीदूंगा'.


जब बिग टिकट आयोजकों ने उन्हें मैथ्यू को इसके बारे में बताया तो वह हैरान रह गए. जिस वक्‍त इसका ऐलान किया गया तो वह काम कर रहे थे ड्रॉ का सीधा प्रसारण नहीं देख रहे थे, लेकिन उन्‍होंने तुरंत महसूस किया कि उसने 17 अक्टूबर को जो टिकट नंबर 254806 खरीदा था, उस पर उनका जैकपॉट लगा है. मैथ्‍यू ने कहा कि "मुझे समझ में नहीं आ रहा था कि मैं क्‍या कहूं. मेरे पास शब्‍द नहीं थे.

वह मूलरूप से भारतीय राज्य केरल से ताल्‍लुक रखते हैं. अपनी स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद मैथ्यू कुवैत चले गए, जहां वह अब अपनी पत्नी और 5 वर्षीय बेटे के साथ रहते हैं.

मैथ्यू ने कहा, "मैं 2007 से कुवैत में रह रहा हूं. मैंने अपने जीवन में बहुत संघर्ष देखा है. मैंने कई कंपनियों में काम किया है. मुझे इस जीत का आशीर्वाद मिला है."

जीत के बाद उनका फोन लगातार दोस्तों और परिवार के सदस्यों की बधाई के साथ बिना रुके बज रहा है. केरल के थिरुवल्ला शहर से 38 वर्षीय मैथ्‍यू अब जीत की रकम का क्‍या करेंगे, इसके बारे में सोच रहे हैं.
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