पर्यटन स्थलों में हादसों को रोकने के लिए जगदलपुर जिला प्रशासन की पहल

बस्तर के वाटर फाल में पर्यटक(फाइल फोटो)

बस्तर के वाटर फाल में पर्यटक(फाइल फोटो)

बस्तर(Bastar) के पर्यटन स्थलों(Tourist places) में हादसों को रोकने के लिए जगदलपुर(Jagdalpur) जिला प्रशासन ने कवायाद करना शुरू कर दिया है. जिसके तहत जिला प्रशासन के माध्यम से बस्तर के पर्यटन स्थल खासतौर पर चित्रकोट(Chitrakote) और तीरथगढ वॉटरफॉल(Tirathgarh Waterfall) में गोताखोरों और युवाओं को ट्रेनिंग देकर उन्हें तैनात किया जाएगा.

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बस्तर(Bastar) के पर्यटन स्थलों(Tourist places) में हादसों को रोकने के लिए जगदलपुर(Jagdalpur) जिला प्रशासन ने कवायाद करना शुरू कर दिया है. जिसके तहत जिला प्रशासन के माध्यम से बस्तर के पर्यटन स्थल खासतौर पर चित्रकोट(Chitrakote) और तीरथगढ वॉटरफॉल(Tirathgarh Waterfall) में गोताखोरों और युवाओं को ट्रेनिंग देकर उन्हें तैनात किया जाएगा. दरअसल बीते कुछ सालों से लगातार इन पर्यटन स्थलों पर हादसें हो रहे हैं. जब पर्यटक यहां पर पहुंचते है तो उनकी लापरवाही से गंभीर दुघर्टनाऐं घटित हो रही है. जिसके चलते कई लोगों की जानें भी जा चुकी है. पखवाडे भर पहले डिमरापाल मेउिकल कालेज में पदस्थ एक ट्रेनी डाक्टर अपने कुछ दोस्तों के साथ चित्रकोट वाटर फाल गए हुए थे. इस दौरान ऊंचे पहाडों से ट्रेकिंग करते समय पैर फिसलने से वाटर फाल में गिरने से डॉक्टर की मौत हो गयी थी. ऐसी कई तरह की घटनाऐं पिछले कुछ सालों में लगातार हो रही है.

पिछले दो सालों के आंकडों पर नजर डालें तो करीब एक दर्जन के आसपास लोगों की मौत या तो वाटर फाल के किनारे डेंजर जोन में सेल्फी लेने या फिर पानी की धार की करीब फिसलन वाली जगहों में जानें से हुए हैं. लगाातर हो रही इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए न्यूज 18 ने जिला प्रशासन को ध्यान दिलाया था. जिस पर जिला प्रशासन के द्धारा दो दिन पहले जगदलपुर के कलेक्टोरेट में एक अधिकारियों की बुलाई गयी. इस बैठक में ये तय किया गया है कि स्थानीय युवाओं को गोताखोर और पंचायत समूह के कुछ युवाओं के रोजगार के नजरिए एक इन पर्यटन स्थलों में तैनात किया जाए.

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ऐसे लगेगा दुघटनाओं पर विराम
गोताखोरी की ट्रेनिंग प्राप्त कर चुके युवा चित्रकोट और तीरथगढ वाटर फाल पर तैनात रहेगें और जब कभी ऐसे हादसें होते हैं तो वे डूबते हुए लोगों को बचाऐगें. साथ ही पर्यटन केन्द्रों में ट्रेकिंग करने आने वाले पर्यटकों को ट्रेनिंग ले चुके युवाओं के मार्ग दशर्न में ट्रेकिंग करने के लिए कहा जाएगा. इसके लिए जो ट्रेनर है वे एक सीमित शुल्क लेकर लेागों को ट्रेकिंग कराएगें. इससे जहां स्थानीय स्तर पर युवाओं को कुछ रोजगार मिल जाएगा तो वहीं इस तरह की दुघटनाओं पर विराम लग सकेगा. इसके अलावा इन जगहों पर डेजर जोन की रेखा तय करने के लिए रेड रिबिन लगाए जाऐगें ताकि लोग चित्रकोट और तीरथगढ जैसे वाटर फाल में घूमते समय डेंजर जोन का पार न करे. इन जगहों पर कुछ स्थानीय युवतियों को भी स्थानीय पुलिस प्रशासन के सहयोग से वहां पर तैनात किया जाएगा.

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