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बच्चों को सड़क किनारे पालने में सुलाकर शॉपिंग करने चले जाते हैं माता-पिता! यहां अगवा होने का नहीं है डर

डेनमार्क में ये प्रथा सालों से चली आ रही है और लोग बिना किसी डर के अपने बच्चों को बाहर सोने के लिए छोड़ देते हैं. (फोटो: Twitter/@AlmaChronicle)

डेनमार्क में ये प्रथा सालों से चली आ रही है और लोग बिना किसी डर के अपने बच्चों को बाहर सोने के लिए छोड़ देते हैं. (फोटो: Twitter/@AlmaChronicle)

अगर आप डेनमार्क (Denmark kids sleeping custom) में हैं और आपको सड़क किनारे पालने में सोते बच्चे नजर आ जाएं तो हैरान होन ...अधिक पढ़ें

भारत में जब भी माता-पिता अपने छोटे बच्चों को लेकर भीड़-भाड़ वाले इलाकों में घूमने निकलते हैं तो वो या तो उन्हें गोद में चढ़ा लेते हैं या फिर उनका हाथ मजबूती से पकड़े रहते हैं जिससे वो गुम ना हो जाएं. कई देशों में बच्चा चोरी होने का अपराध काफी ज्यादा बड़े स्तर पर होता है. हालांकि, दुनिया के बहुत से देश ऐसे भी हैं जहां इस तरह का अपराध नहीं है और लोग निश्चिंत होकर अपने छोटे बच्चों को बाहर लेकर जाते हैं. डेनमार्क (Denmark kids sleep in strollers outside) को ही ले लीजिए. यहां आलाम ये है कि माता-पिता (parents leave children outside to sleep) बच्चों को पालने में घर के बाहर सुला देते हैं.

अगर आप डेनमार्क (Denmark kids sleeping custom) में हैं और आपको सड़क किनारे पालने में सोते बच्चे नजर आ जाएं तो हैरान होने की जरूरत नहीं है क्योंकि ये यहां आम बात है. डेनमार्क में ये प्रथा काफी पुरानी है कि माता-पिता अपने बच्चों (kids sleep in pram outside in Denmark) को पालने में सड़क के किनारे सुलाकर शॉपिंग करने चले जाते हैं या फिर खाना खाने किसी रेस्टोरेंट में बैठ जाते हैं. बच्चे आराम से सड़क के किनारे, भीड़भाड़ से अलग सोते नजर आ जाते हैं.


डेनमार्क में बच्चों को सड़क किनारे छोड़ देते हैं माता-पिता
इस प्रथा के कई कारण हैं. पहला तो ये कि डेनमार्क में क्राइम बेहद कम है. वर्ल्ड पॉपुलेशन रिव्यू वेबसाइट की रिपोर्ट के अनुसार साल 2022 में जुर्म के मामले में डेनमार्क को 117वां स्थान दिया गया था. यहां माता-पिता के अंदर भरोसा होता है कि उनके बच्चों को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा इसलिए वो आसानी से बच्चों को बाहर छोड़ देते हैं. दूसरा कारण ये भी है कि यहां के लोगों को लगता है कि बच्चों को बंद जगह पर सुलाने से ज्यादा अच्छा है कि वो प्रकृति की खुली हवा में सोएं जिससे उनका स्वास्थय भी बेहतर हो जाए. माता-पिता रेस्टोरेंट या दुकानों के शोर से बच्चों को दूर रखना चाहते हैं इसलिए वो भी वो उन्हें बाहर सुला देते हैं.

बच्चों को बाहर छोड़ने से पहले माता-पिता रखते हैं ध्यान
इन दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हो रहा है जिसमें डेनमार्क में जगह-जगह रखे पालने नजर आ रहे हैं. इंसाइडर वेबसाइट के अनुसार ऐसी प्रथा फिनलैंड में भी है. हालांकि, ये कई बार खतरनाक हो सकता है क्योंकि उतने छोटे बच्चों को अकेले छोड़ने से कीड़े, जानवर या पक्षियों के हमले का भी खतरा रहता है. वेबसाइट में बताया गया कि लोग बच्चों को ऐसी जगह ही छोड़ते हैं जहां से वो उनके ऊपर नजर रख सकें. पालने के टायर को लॉक कर दिया जाता है जिससे वो अपने आप ना लुढ़कने लगे और बच्चों के ऊपर एक कवर लगा देते हैं जिससे धूप की किरणें, ठंडी हवा या फिर जानवरों का सीधा संपर्क उनसे ना हो.

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