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वश में किए 51 हजार नाग... ये हैं 'नाग मोहिनी'

महाराष्ट्र के बुलढ़ाणा की रहने वाली वनिता बोरहाडे के लिए सांप पकड़ना एक खेल है.

महाराष्ट्र के बुलढ़ाणा की रहने वाली वनिता बोरहाडे के लिए सांप पकड़ना एक खेल है.

महाराष्ट्र के बुलढ़ाणा की रहने वाली वनिता बोरहाडे के लिए सांप पकड़ना एक खेल है.

    दुनिया में ज्यादातर लोग सोचते हैं कि उनका पाला कभी सापों से न पड़े. सांप का नाम सुनते ही लोग दहशत के मारे कांपने लगते हैं लेकिन महाराष्ट्र के बुलढ़ाणा की रहने वाली वनिता बोरहाडे के लिए सांप पकड़ना एक खेल है.

    वनिता अब तक लगभग 51 हजार सांपों को पकड़ चुकी हैं. कुछ लोग तो इन्हें ‘नाग मोहिनी’ के नाम से भी पुकारते हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि सांप चाहे कितना भी बड़ा और जहरीला क्यों न हो वनिता को देखकर वो खुद ही उनके पास चला आता है.

    वहीं वनिता इन जहरीले सांपों को अपना दोस्त मानती हैं. वनिता बोरहाडे तब से सांप पकड़ रही हैं, जब उनकी उम्र 12 साल हुआ करती थी. 51 हजार सांपों को पकड़े वाली इस महिला को आज तक एक भी सांप ने नहीं काटा है.

    ये सांप को देखते ही बता देती हैं कि वो जहरीला है या नहीं. बुलढ़ाणा के लोगों को जब भी कोई सांप दिखाई देता है वो तुरंत वनिता को फोन करते हैं औऱ वो बिना किसी हथियार के मौके पर पहुंचकर सांप को पकड़ लेती हैं.

    पहले पहल तो लोगों को लगा कि वो सांपों का तमाशा दिखाती हैं और जादू से सांपों को अपने वश में कर लेती हैं. धीरे-धीरे लोगों को वनिता के इस हुनर का पता चला और लोग उन्हें 'सांप वाली दीदी' के नाम से पुकारने लगे.

    शादी के बाद वनिता के पति ने उनके इस काम को सराहा और इस काम को प्रोफेशन बनाने की सलाह दी. पति से मिले इस समर्थन के बाद वनिता सांपों को जीवनदान देने में लग गईं.

    इस काम के लिए सरकार की ओर से वनिता को कई बार सम्मानित किया गया है. वनिता लोगों को सांपों के प्रति जागरूक करने के अलावा स्कूल में बच्चों को सांप पकडऩे की ट्रेनिंग भी देती हैं.

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