यहां होती है जहरीले सांपों की खेती

चीन के एक गांव में हर साल 30 लाख जहरीले सांपों को पैदा किया जाता है. ये खेती गांव वालों को काफी पैसा देती है.

News18Hindi
Updated: December 7, 2017, 12:01 PM IST
यहां होती है जहरीले सांपों की खेती
चीन के एक गांव में हर साल 30 लाख जहरीले सांपों को पैदा किया जाता है. ये खेती गांव वालों को काफी पैसा देती है.
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Updated: December 7, 2017, 12:01 PM IST
खेतों में अन्न, दालें, तिलहन और सब्जियां पैदा की जाती हैं. चिकन और अंडों के लिए मुर्गी फार्मिंग की जाती है. बकरी और मछली पालन किया जाता है. क्या आपको मालूम है कि सांप पालन भी किया जाता है. हमारे पड़ोसी देश चीन में लोग जहरीले सांपों की खेती करते हैं और वो भी लाखों की संख्या में.

चीन के एक गांव में हर साल 30 लाख जहरीले सांप पैदा किए जाते हैं. चीन के ‘जिसिकियाओ’ गांव में बाकायदा स्नैक फार्मिंग की जाती है. इस गांव की कुल आबादी एक हजार के आसपास है.

हर शख्स पैदा करता है 30 हजार सांप 

यानि गांव का औसतन हर शख्स पूरे साल में लगभग 30 हजार सांप पैदा करता है. यहां पाले जाने वाले सांपों में विशाल अजगर, खतरनाक कोबरा और जहरीले वाइपर सहित कई जानलेवा सांप शामिल हैं. स्थानीय लोगों को जिस सांप से सबसे ज़्यादा डर लगता है वो है फाइव स्टेप स्नेक. इसका नाम फाइव स्टेप रखे जाने के पीछे भी बड़ी दिलचस्प कहानी है. आम लोगों का मानना है कि इस सांप के काटने के बाद इंसान महज पांच कदम चल पाता है और उसकी मौत हो जाती है.

यहां सांपों की खेती उनके मांस और शरीर के अन्य अंगों के लिए की जाती है. सांप का मीट चीन में शौक से खाया जाता है. साथ ही सांपों के शरीर के अंगों का उपयोग दवाओं के निर्माण में भी होता है.

कैसे हुई शुरुआत

‘जिसिकियाओ’ गांव में पहले चाय, जूट और कपास की खेती होती थी, लेकिन आज न केवल चीन बल्कि पूरे विश्व में इसे स्नेक फार्मिंग के कारण जाना जाता है. इस गांव में स्नेक फार्मिंग की शुरुआत गांव के ही एक किसान यांग होंगचैंग ने की. होंगचैंग ने बताया कि जब वो युवा थे, तो गंभीर रूप से बीमार पड़ गए.   इलाज के लिए उन्हें सांप की जरूरत थी, जिसके लिए उन्होंने एक जंगली सांप को पकड़ा.

इसी दौरान उन्हें सांप से जुड़े कारोबार का ख्याल आया. फिर उन्होंने सांप पालना शुरू किये. इससे जब उनकी आमदनी बढ़ने लगी तो गांव के दूसरे किसानों ने भी यही तरीका अपनाया.

छोटे से गांव में सौ स्नेक फॉर्म्स 

उन्होंने बताया कि आज इस छोटे से गांव में लगभग सौ स्नेक फॉर्म्स हैं, जहां लकड़ी और शीशे के छोटे-छोटे बक्सों में इन सांपों को पाला जाता है. जब सांप के बच्चे अंडों से निकल कर बड़े हो जाते हैं तो उन्हें एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के लिए प्लास्टिक के थैलों का प्रयोग किया जाता है.

सांपों को फार्म हाउस से बूचड़ खाने में ले जाने के बाद सबसे पहले इनके जहर को निकाला जाता है और फिर इनका सर काट दिया जाता है.

इसके बाद सांपों को काटकर उसका मीट निकालकर अलग रख लिया जाता है. चमड़े को अलग सुखाया जाता है. मीट का प्रयोग खाने और दवा बनाने में प्रयोग होता है. चमड़ों से बैग बनाये जाते हैं.
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