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रोजा तोड़कर किया रक्तदान, हिंदू युवक की बचाई जान

News18Hindi
Updated: May 14, 2019, 11:47 AM IST

असम के मंगलदोई के युवक पानुल्लाह अहमद ने साबित किया कि इंसानियत किसी भी धर्म से बढ़कर है. एक फोन कॉल पर पानुल्लाह और उनके दोस्त तापश ट्यूमर का ऑपरेशन करा रहे रंजन गोगाई के लिए रक्तदान करने पहुंच गए.

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माह-ए-रमजान चल रहा है. छह दिन गुजर चुके हैं. इस दौरान भाईचारे की मिसाल पेश करते हुए मुस्लिम समुदाय के साथ ही कुछ हिंदू भी रोजा रख रहे हैं. इसी बीच असम से खबर आ रही है कि एक रोजेदार ने इंसानियत की शानदार मिसाल पेश की है. इस नौजवान ने साबित कर दिया कि इंसानियत हर धर्म से बढ़कर है. उसने दिखाया कि धर्म, जाति, संप्रदाय से परे इंसान का इंसान के लिए क्या फर्ज होता है.

दरअसल, असम के एक मुस्लिम युवक ने रोजा तोड़कर रक्तदान किया और एक हिंदू युवक की जान बचाने में डॉक्टरों की मदद की. उसने एक फोन कॉल पर इंसानियत को बचाने के लिए रमजान के कायदे-कानून की परवाह नहीं की.

असम के मंगलदोई के पानुल्लाह अहमद और तापश भगवती फेसबुक पेज 'टीम ह्यूमैनिटी - ब्लड डोनर्स एंड सोशल एक्टिविस्ट इन इंडिया' के सदस्य हैं. दोनों को गुवाहाटी के एक निजी अस्पताल में ट्यूमर का ऑपरेशन करा रहे मरीज के बारे में फोन कॉल आई. उन्हें बताया गया कि असम के धीमाजी के रंजन गोगोई को ब्लड की जरूरत है. इसके बाद पानुल्लाह ने रक्तदान करने के लिए पहले खाना खाकर रोजा तोड़ा. फिर रक्तदान कर रंजन गोगाई की जान बचाने में डॉक्टरों की मदद की.



पानुल्लाह ने पहले रोजा तोड़ा और फिर रंजन की जिंदगी बचाने के लिए रक्तदान किया.




रंजन को B+ ग्रुप के ब्लड की थी जरूरत

दरअसल, 8 मई को पानुल्लाह और तापश को पता चला कि रंजन को B+ ग्रुप के ब्लड की दरकार है तो उन्होंने कई डोनर्स से संपर्क किया, लेकिन कोई उपलब्ध नहीं हो पाया. इसके बाद उन्होंने खुद रक्तदान करने का फैसला किया. अहमद और तापश गुवाहाटी में एक निजी अस्पताल में काम करते हैं. दोनों दोस्त रेग्युलर ब्लड डोनर्स हैं.

रक्तदान से पहले बुजुर्गों से किया मशविरा 

पानुल्लाह ने बताया कि पहले उन्होंने कई बुजुर्गों और इस्लाम के जानकार लोगों से रोजा रखते हुए रक्तदान करने की इजाजत के बारे में पूछा. इस पर उन्होंने बताया कि वह रक्दान तो कर सकते हैं, लेकिन इससे वह खुद बीमार पड़ सकते हैं. इसके बाद पानुल्लाह अहमद ने रोजा तोड़कर रक्तदान करने का फैसला किया.

फिट लोगों से की रेग्युलर रक्दान की अपील 

टीम ह्यूमैनिटी ने भी इंसानियत की इस कहानी को शेयर किया है. पोस्ट में दोनों दोस्तों की तस्वीरें भी साझा की गई हैं. इसमें लिखा गया है कि दो दोस्तों ने मुस्कराते हुए एक अनजान हिंदू भाई की जान बचाने के लिए रक्तदान किया. उन्होंने शारीरिक रूप से फिट लोगों से समय-समय पर रक्दान करने की अपील भी की है. आखिर में लिखा है कि इंसानियत हर धर्म से बढ़कर है.

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First published: May 12, 2019, 6:52 PM IST
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