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जन्म के समय मोबाइल फोन जितनी बड़ी थी बच्ची, अब जी रही ऐसी जिंदगी कि मां को मांगनी पड़ रही लोगों से मदद

जन्म के समय मोबाइल फोन जितनी बड़ी थी बच्ची, अब जी रही ऐसी जिंदगी कि मां को मांगनी पड़ रही लोगों से मदद

बच्ची को दिमाग में चोट लगी है जिसके कारण वो चल नहीं सकती. अब उसकी मां उसके इलाज के लिए फंड जुटा रही है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

बच्ची को दिमाग में चोट लगी है जिसके कारण वो चल नहीं सकती. अब उसकी मां उसके इलाज के लिए फंड जुटा रही है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

ब्रिटेन (Britain) की एक महिला (Woman), जो जानलेवा बीमारी से लड़ रही है, उसने एक प्रीमेच्योर बच्ची (Premature Baby) को जन्म दिया है जिसके दिमाग में चोट लगने के चलते अब वो चल नहीं सकती. महिला अपनी बेटी के लिए फंड जुटाने की कोशिश में लगी हुई है.

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    शादी के बाद किसी भी पति-पत्नी (Husband-Wife) के लिए जीवन का अगला पड़ाव माता-पिता (Parents) बनने का होता है. वो पल एक औरत के लिए बेहद खास होता है जब वो अपने बच्चे को पहली बार गोद में उठाती है. एक मां प्रेग्नेंसी (Pregnancy) के 9 महीने के दौरान और प्रसव के वक्त जो दर्द झेलती है उसकी तुलना करना मुश्किल है. उसके बाद माता-पिता दोनों चाहते हैं कि उनका बच्चा स्वस्थ रहे और हंसता-खेलता जीवन में आगे बढ़े. लेकिन अगर ऐसा नहीं होता तो माता-पिता के लिए उससे बुरा अनुभव कुछ भी नहीं हो सकता है. हाल ही में एक छोटी बच्ची और उसकी मां से जुड़ी खबर ने सभी को चौंका दिया है.

    एक मां (Mother) जो सेपसिस (Sepsis) नाम की बीमारी से ग्रसित थी उसने साल 2019 में अपनी प्रीमेच्यूर बेटी (Premature Baby) को जन्म दिया. जन्म के वक्त बेटी महज एक मोबाइल फोन (Mobile Phone) जितनी बड़ी थी. कार्ली रॉबर्ट्स (Carly Roberts) नाम की महिला 28 हफ्ते की प्रेग्नेंट थी जब उसे लेबर पेन शुरू हुआ. महिला को अस्पताल में एडमिट किया गया और तभी टेस्ट के दौरान पता चला कि उन्हें सेपसिस नाम की बीमारी है. सेपसिस एक ऐसी कंडीशन है जिसमें शरीर जब किसी इंफेक्शन से लड़ता है तो उस प्रक्रिया में वो अन्य टिशू को नुकसान पहुंचाता है. ये एक जानलेवा बीमारी है. डिलिवरी से पहले महिला को फ्लू जैसे लक्षण थे जिसका जब चेकअप हुआ तो पता चला कि उन्हें ये बीमारी है. इस बीच उनकी बेटी का जन्म हुआ जिसका जन्म के वक्त वजन 1 किलो से थोड़ा ज्यादा था. उसे तुरंत ही आईसीयू में भर्ती किया गया. आयरलैंड के बैंगोर अस्पताल से जब महिला की बेटी का केस नहीं संभला तो उन्होंने लिवरपूर महिला अस्पताल में उसे भेज दिया जहां पता चला कि उसके दिमाग में तीन चोटें लगी हैं.

    छोटी बच्ची इसला की मां कार्ली के पहले से दो बच्चे हैं, एक 8 साल की लड़की और एक 12 साल का लड़का. कार्ली ने बताया- “उसे एंबुलेंस में अस्पताल ले जाया गया. हमें पता भी नहीं था कि वो बच पाएगी या नहीं. हमने काफी वक्त तक उसे नहीं देखा. कार्ली ने बताया कि उनकी बेटी 9 दिन तक आईसीयू में थी जबकि 9 हफ्ते तक उसे अस्पताल में ही रखा गया. बाद में कार्ली को पता चला कि उनके सेपसिस है जिसकी वजह से बच्ची की ये हालत हुई और दूसरा ये कि बच्ची के शरीर में ऑक्सीजन की कमी भी हो गई थी. काफी वक्त बाद जब इसला को अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया था तब भी उसकी समस्याएं कम नहीं हुई थीं. जब वो 6 महीने की हुई तो पता चला कि वो सेरेब्रल पाल्सी ( Cerebral Palsy) से ग्रस्त है. अब वो दो साल की हो चुकी है मगर वो अपने पैरों से चल नहीं सकती. अभी तो वो वॉकर के सहारे चलती है मगर कुछ वक्त बाद व्हीलचेयर से उसे चलना पड़ेगा. कार्ली ने अपनी बेटी के लिए क्राउड फंडिंग कैंपेन शुरू किया है जिसके जरिए वो उसकी थेरेपी कराना चाहती हैं.

    Tags: Ajab Gajab news, OMG News

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