दिहाड़ी मजदूर ने पाई-पाई जोड़कर बनाई थी 11 हजार किताबों की लाइब्रेरी, उपद्रवियों ने लगाई आग

सैयद इसाक की लाइब्रेरी जलकर हो गई खाक. (Pic- Social Media)

सैयद इसाक की लाइब्रेरी जलकर हो गई खाक. (Pic- Social Media)

सैयद इस्हाक ने जानकारी दी है कि उनकी लाइब्रेरी में भगवद् गीता, कुरान और बाइबिल सहित कन्नड़ भाषा की 11 हजार किताबें थीं. उसकी लाइब्रेरी में आग लगने की खबर सुनकर मदद के लिए आगे आए लोगों ने अब तक 13 लाख रुपये जुटाए हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 12, 2021, 12:16 PM IST
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नई दिल्‍ली. सोशल मीडिया (Social Media) पर लोग अब पहले से अधिक सक्रिय हो गए हैं. किसी को मदद पहुंचानी हो या किसी को फेमस करना हो, सोशल मीडिया सारे काम चंद सेकंड में कर देता है. अब ऐसा ही एक मामला मैसुरु (Mysuru) में देखने को मिला है. वहां 62 साल के बुजुर्ग सैयद इस्हाक (Syed Issaq) की लाइब्रेरी थी. वह दिहाड़ी मजदूरी करते हैं, लेकिन हाल ही में उनकी लाइब्रेरी आग में जलकर खाक हो गई. इसके बाद जब लोगों को उनके नुकसान के बारे में पता चला तो सोशल मीडिया के जरिये उन तक मदद पहुंच गई.

इस्हाक ने जानकारी दी कि उनकी लाइब्रेरी में भगवद् गीता, कुरान और बाइबिल के अलावा 11 हजार किताबें थीं. उनमें से अधिकांश कन्‍नड़ भाषा में थीं. उनके अनुसार वह इस लाइब्रेरी को 2011 से चला रहे थे. इस लाइब्रेरी में हर धर्म से जुड़ी किताबें रहती थीं. अब सब जलकर खाक हो गया है.

इस घटना के बाद सैयद इस्हाक पुलिस के पास गए और इसकी शिकायत भी दर्ज कराई. उनका आरोप है कि कन्‍नड़ भाषा का विरोध करने वालों ने उनकी लाइब्रेरी जला दी है. उनका कहना है कि जिन्‍हें कन्‍नड़ भाषा पसंद नहीं है, उन्‍होंने इस घटना को अंजाम दिया है. यहां लाइब्रेरी होनी चाहिए थी. इस इलाके में शिक्षा व्‍यवस्‍था बेहद खराब है.


सैयद इस्हाक की लाइब्रेरी जलने और उन्‍हें हुए नुकसान की जानकारी पाकर लोगों ने सोशल मीडिया पर उनकी मदद करने की योजना बनाई. इसके कारण अब तक उनके पास 13 लाख रुपये की रकम पहुंच चुकी है. उनका कहना है जो कुछ भी होता है, वो अच्‍छे के लिए होता है. यहां शिक्षा जरूरी है.
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