vidhan sabha election 2017

एक ऐसा गांव जहां पैदा नहीं होते बच्चे

News18Hindi
Updated: December 8, 2017, 8:31 AM IST
एक ऐसा गांव जहां पैदा नहीं होते बच्चे
सांका जागीर गांव में बच्चे इसलिए नहीं पैदा कराए जाते क्योंकि इससे गांव में बना श्याम मंदिर अपवित्र हो सकता है
News18Hindi
Updated: December 8, 2017, 8:31 AM IST
एक ऐसा भी गांव है, जहां बच्चे पैदा करने की मनाही है. ये गांव मध्य प्रदेश में है. गुर्जरों के इस गांव में बच्चे इसलिए पैदा नहीं किए जाते,क्योंकि यहां माना जाता है कि अगर उन्होंने गांव में बच्चे पैदा किए तो यहां का श्याम मंदिर अपवित्र हो जाएगा.

ये गांव भोपाल से 77 किलोमीटर दूर है. नाम है सांका जागीर. यहां की आबादी करीब 1200 लोगों की है. गांव में गुर्जरों का बाहुल्य है.

इस गांव में न जाने कितने दशकों से कोई बच्चा पैदा नहीं हुआ. इसकी वजह भी अजीबोगरीब ही है. गांव वाले मानते हैं कि अगर गांव में बच्चे होंगे तो वहां का श्याम मंदिर अपवित्र हो जाएगा.

कई दशकों से नहीं हुआ प्रसव 

इसी मान्यता के चलते कई दशकों से इस गांव में किसी महिला का प्रसव नहीं हुआ है. जब भी किसी महिला को प्रसव होने वाला होता है तो उसे गांव से बाहर लेकर जाया जाता है. महिला का प्रसव या तो उसके मायके में या शहर के किसी अस्पताल में या फिर अंतिम विकल्प के तौर पर गांव के बाहर खेतों में ही होता है. गांव के बड़े-बुजुर्गों का कहना है कि यदि किसी का बच्चा गांव में पैदा होता है तो वह विकलांग हो जाएगा या फिर उस परिवार पर मुसीबतें टूट पड़ेंगी.

इस गांव में 35 साल तक सरपंच रहे मांगीलाल सिंह बताते हैं कि हमने अपने जीवन में नहीं देखा कि किसी महिला ने गांव में बच्चे को जन्म दिया हो.

तो उसे गांव के बाहर भेज देते हैं

यदि महिला अपने मायके या अस्पताल नहीं जा पातीं तो उसे डिलीवरी की तारीख के एक हफ्ते पहले खेतों में बनी झोंपड़ी में शिफ्ट कर दिया जाता है. खुद मांगीलाल बताते हैं कि उनके आठ लड़के हैं. सभी खेत में बनी झोपड़ी में पैदा हुए.

सरपंच चाहते हैं ये प्रथा बंद हो 

उनके बेटे और नए सरपंच नरेंद्र सिंह इस प्रथा को कुरीति मानते हैं. वो अपने गांव को इस अजीब मान्यता से छुटकारा दिलाना चाहते हैं. पंचायत के बाकी सदस्य भी उनके साथ हैं. प्रशासन भी उनकी सहायता करने के लिए तैयार है.

सरपंच नरेंद्र अब गांव वालों को यह समझाने में लगे हैं कि हम श्यामजी को पूजते हैं, तो उन पर विश्वास भी करना चाहिए. उनके कारण कोई क्यों विकलांग पैदा होगा. यह केवल अंधविश्वास है.
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर