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अनोखी जनजाति जो महात्मा गांधी की तरह करती है अहिंसा का पालन, एक दूसरे के प्रति रखते हैं सद्भाव


ये जनजाति कभी भी लड़ाई में नहीं पड़ती और इनकी सहनशीलता बहुत ज्यादा होती है. (फोटो: Twitter/@offclnerdbird)

ये जनजाति कभी भी लड़ाई में नहीं पड़ती और इनकी सहनशीलता बहुत ज्यादा होती है. (फोटो: Twitter/@offclnerdbird)

मलेशिया की माई सेमाई ट्राइब (Semai Tribe) को ओरैंग दलाम (Orang Dalam) के नाम से भी जाना जाता है. ये दक्षिण पूर्वी एशिया (Southeast Asia) के मलय प्रायद्वीप में रहने वाली जनजाति है. ऐसा माना जाता है कि सेमाई दक्षिण पूर्व एशिया की मूल आबादी के वंशज हैं.

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दुनिया में कई तरह की जनजातियां हैं जो अपनी अजीबोगरीब मान्यताओं के कारण चर्चा में रहती हैं. शहरी लोगों को इन जनजातियों से जुड़ी मान्यताएं हैरान करने वाली लग सकती हैं मगर ये जनजातियां पिछले काफी वक्त से इनका पालन करती हैं और आज भी वो इन्हें बदलाव की आंधी से बचाकर रखी हैं. आज हम मलेशिया (Malaysia Semai tribe) की ऐसी ही जनजाति के बारे में बताने जा रहे हैं जो अपने अहिंसा (Most non violent tribe of the world) के भाव के कारण हमेशा तारीफों से घिरी रहती है.

मलेशिया की माई सेमाई ट्राइब (Semai Tribe) को ओरैंग दलाम (Orang Dalam) के नाम से भी जाना जाता है. ये दक्षिण पूर्वी एशिया (Southeast Asia) के मलय प्रायद्वीप में रहने वाली जनजाति है. ऐसा माना जाता है कि सेमाई दक्षिण पूर्व एशिया की मूल आबादी के वंशज हैं, जो लगभग 8000 से 6000 ईसा पूर्व के दौरान मलय प्रायद्वीप पर पहुंचे थे. प्रजाति खाने के लिए स्लैश और बर्न खेती का तरीका अपनाती है. इसके अलावा ये लोग मछली पालन, मुर्गी और बकरी पालन का भी काम करते हैं जिससे ये अपने लिए मांस का प्रबंध करते हैं.

अहिंसा के उपासक
अब आपको बताते हैं कि ये जनजाति क्यों इतनी खास है. दरअसल, इस जनजाति में लंबे वक्त से अहिंसा का पालन होता है. माना जाता है कि इस जनजाति के लोगों में सहनशीलता बहुत होती है. वो कभी भी किसी तरह की लड़ाई में नहीं पड़ते, ना ही खुद से, ना ही किसी बाहरी से. रॉबर्ट डेनटैन नाम के ऑथर ने अपनी एक किताब में इस बात का जिक्र किया था कि 1970 से 2004 तक इस जनजाति में हत्या जैसे मामले के सिर्फ 4 केस सामने आए थे जबकि छोटे-मोटे मामले ना के बराबर सुनने को मिलते हैं. हालांकि, उनकी सहनशीलता को उनकी कमजोरी नहीं समझा जा सकता. रिपोर्ट के अनुसार मलायन इमर्जेंसी के वक्त अंग्रेजों ने सेमाई जनजाति के लोगों को कम्युनिस्टों से टकराने के लिए नियुक्त किया था.

पुनान का करते हैं पालन
पुनान एक तरह की मान्यता है, जिसके अनुसार किसी और को दुखी करना या फिर अपनी ख्वाहिशों को उनके ऊपर लादना इस जनजाति में गलत माना जाता है. इसका कारण ये है कि उन्हें लगता है अगर वो किसी को दुखी करेंगे तो उन्हें शारीरिक समस्याएं होंगी. इसी मान्यता के कारण इस जनजाति के लोग हमेशा अपना खाना बांटकर ही खाते हैं. अगर बड़ा शिकार किया जाता है तो उसे समुदाय के अन्य सदस्यों को भी भेजा जाता है जबकि छोटी चीजों को परिवार में बांटा जाता है.

Tags: Ajab Gajab news, Weird news

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