OMG! इस दरबार में होती है शैतानी ताकतों की पेशी, बुरे सायों को मिलती है सज़ा

आधी हकीकत आधा फसाना : लखनऊ से 50 किलोमीटर दूर बाराबंकी की बांसा शरीफ की दरगाह में कहते हैं कि रुहानी ताकतों की सबसे बड़ी अदालत है. इस दरगाह में लोगों के विश्वास और साइंस के दावों की पूरी दास्तान.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 28, 2018, 5:02 PM IST
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आधी हक़ीक़त आधा फ़साना. भूत-प्रेत, अंजान ताकतें, प्रेत-बाधा... इन बातों पर न विज्ञान यकीन करता है, न ही आज का पढ़ा लिखा समाज. फिर भी इस बात से कोई इनकार नहीं कर सकता कि हमारे आस-पास ऐसे कई मामले देखने को मिल जाते हैं जिसमें शैतानी साये की बात कही जाती है. हमारे सामने भी एक ऐसे दरबार का दावा पेश किया गया जहां शैतानी ताकतों की पेशी की जाती है. कहते हैं कितनी बड़ी प्रेतबाधा हो, दरबार में पहुंचते ही सब दूर हो जाता है. अब आप कहेंगे कि ऐसी तो देश में बहुत जगहें हैं तो ये कौन सी खास बात है? हमने भी यही कहा लेकिन लोगों ने हमें एक ऐसी बात बताई जिसे सुनकर हम वहां खुद को जाने से नहीं रोक पाए और जब वहां पहुंचे और दावे को हकीकत बनते देखा तो हैरान रह गए.

अब ये चमत्कार उस दरबार का है या दरबार में मौजूद किसी अंजान शक्ति का? कहते हैं वहां पहुंचते ही शैतानी शक्तियां पनाह मांगने लगती हैं, बुरी ताकतें तिलमिला उठती हैं. कोई चीखता है, कोई चिल्लाता है तो किसी को दर्द अंदर ही अंदर ही टीसता है. यहां तक कि खुद को चोट पहुंचाने से भी नहीं चूकता.

फिर रूहानी साये से पीड़ित इंसान की दरबार में पेशी होती है. सुनवाई चलती है, सज़ा भी सुनाई जाती है और फिर कुछ ऐसा होता है जिसे देखकर आंखों पर यकीन नहीं होता! सज़ा काटने के बाद पीड़ित इंसान बेहोश हो जाता है और जब होश में आता है तो ऐसा लगता है मानो कुछ हुआ ही नहीं था!



दरबार के इस चमत्कार में विश्वास करने वालों की कमी नहीं है लेकिन हमें इस विश्वास में अंधविश्वास नज़र आया. पड़ताल के लिए चमत्कार की हर कहानी का पीछा किया. इस दौरान कई बार बुरे सायों से सामना भी हुआ. यहां तक कि मेडिकल साइन्स और दरबार के चमत्कार को आमने-सामने खड़ा कर दिया. इसके बाद जो हुआ वो चौंका देने वाला था. आंखें खोल देने वाला था.
सफर शुरू होता है उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से और वहां से हम चलेंगे बाराबंकी. हमारी मंजिल थी लखनऊ से 50 किलोमीटर दूर बाराबंकी का बांसा जहां हमें बांसा शरीफ की दरगाह जाना था. कहते हैं रुहानी ताकतों की वो सबसे बड़ी अदालत है. थोड़ी देर बाद हम उस दरगाह के सामने खड़े थे जो दूसरे दरगाहों की तरह ही लग रही थी.

यहां अजीब सी हरकतें हो रही थीं. कुछ लोग बेड़ियों से भी जकड़े थे. कुल मिलाकर अंदर का माहौल बेहद खौफनाक था. कहा जाता है कि ये आसिबी दरगाह है, यहां आसिबी लोग सही होते हैं. हम, आप और विज्ञान इसे मानसिक बीमारी मानता है लेकिन यहां आने वाले लोगों के मुताबिक ये शैतानी साये का असर है जिसका इलाज केवल और केवल इसी दरबार में होता है.

ऐसे कई लोग मिले जो अस्पतालों के चक्कर काटने के बाद थक हार कर यहां पहुंचे थे. किसी ने कहा गुर्दे में पथरी थी, शुगर में डॉक्टर ने ऑपरेशन कर दिया गुर्दे पक गए. यहीं इलाज होगा. अब इस जगह पर केस, गवाही और बयान का क्या मजरा था? ये समझ में नहीं आ रहा था.

कैसा केस कैसी अदालत? यहां के लोगों ने जवाब दिया कि यहां खादिम दरख्वास्त लगा देता है. अब वो सरकार से भूत प्रेत जो भी है, वो सिलसिला अपने आप शुरू हो जाता है. मरीज़ के उपर जो शह होती है वो बोलती है. सवाल फिर उठा कि क्या कुछ ताकतें ऐसी भी हैं जो इंसान की पहुंच से बाहर हैं? यही जानने के लिए हम पहुंचे इस मजार पर. फिर तय किया कि हम खुद इस सारी प्रकिया के गवाह बनेंगे, उसे परखेंगें, साथ ही कुछ मामलों का अंत तक पीछा करेंगे. यही हमारी पड़ताल होगी.

हमारी पड़ताल का पहला केस 20 साल की शमीमा का था. शमीमा पिछले 6 महीने से ऐसी हरकतें कर रही है. दूसरा मामला था 22 साल के रज्जाक का जो बेहद अजीब सी हरकतें कर रहा था. तीसरा केस था साबिर की बीवी का जिसे हमने थोड़ा अलग अंदाज़ में अंजाम देने की सोची.

साबिर के परिवार ने हमारी बात मान ली और वो मेडिकल टेस्ट कराने के लिए रवाना हो गए. अब हमें शमीमा और रज्जाक की बीमारी, इसके इलाज के तौर तरीकों और नतीजों पर निगाह रखनी थी. ताकि ये पता चल सके कि इलाज का दावा हकीकत है या फसाना? अभी कई रहस्यों से पर्दा उठाना बाकी था. रूहानी इलाज का वो अजीब तरीका, वो चिराग़ जिसे देखते ही शैतानी शक्तियां तड़प उठती हैं. आज सारे सवालों के जवाब मिलने का वक्त नज़दीक था. (शेष अगले अंक में..)
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