अंधेरे में डूबी कई मंज़िलों वाली गुफा की दीवारों पर थीं अजीब आकृतियां!

आधी हकीकत-आधा फसाना के इस एपिसोड के पहले भाग में देखिए एक रहस्यमयी गुफा का रोमांचक सफर. इस गुफा के अंदर कुदरती शिवलिंग के साथ ही शिव परिवार की कई निशानियों का होना बताया जाता है, लेकिन क्या है सच्चाई?

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 19, 2019, 8:04 AM IST
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आधी हकीकत आधा फसाना. इस बार एक ऐसी रहस्यमयी गुफा की यात्रा जिसके बारे में गिने-चुने लोग ही जानते हैं. हज़ारों साल पहले के स्कंदपुराण में इस गुफा का ज़िक्र है, लेकिन हैरत की बात यह है कि इसे कोई 4 साल पहले ही खोजा जा सका है. यह गुफा उत्तराखंड के किस कोने में है? वहां पहुंचना कैसे है? उसके अंदर कितने रहस्य हैं और क्या वो सभी सच हैं? चलिए इस रोमांचक यात्रा पर.

गंगोलीहाट से हमें 10 किलोमीटर दूर सुतार गांव जाना था. उसी गांव के पास है वो चमत्कारी गुफा. क्या वाकई उस गुफा में 9 मंज़िल होगी और हर मंज़िल पर वो कौन से निशान हैं, जिसे शिव परिवार से जोड़कर देखा जाता है. ऐसे कई रहस्यों पर से पर्दा उठने वाला था.

हम भताड़ी गांव पहुंचे, जहां से सुतारप गांव 5 किमी दूर है. गांव वालों से हमने बात की तो हमें मालूम चला कि इससे आगे का सफर हमें पैदल पार करना था. अभी हमारी मंजिल दूर थी, वहां हमें पैदल जाना होगा और वो भी इन गांववालों के साथ.



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कहते हैं उस गुफा को गांववालों ने 4 साल पहले ही पहाड़ों में खोजा है लेकिन उसका स्कंदपुराण के मानसखंड में ज़िक्र मिलता है. पहाड़ों के टेढ़े-मेढ़े रास्ते से होते हम सुतार गांव पहुंच गए. अब हमारे और उस गुफा के बीच बस एक पहाड़ था.

हमारे इस सफर में सुबह बारिश हुई और बारिश के बाद पहाड़ों की ये पगडंडी बेहद खराब हो गई. लेकिन इस पर चलने का अनुभव भी ज़रूरी था. उस गुफा की पड़ताल के लिए वहां पहुंचना भी ज़रूरी था. हम लोगों की मदद से उस गुफा तक पहुंचे और राज़ जानने की कोशिश की.

चंद घंटे के बाद हम दाणेश्वर महादेव गुफा के सामने खड़े थे. कई मंजिल की इमारत आपने देखी होगी लेकिन क्या कई मंजिल वाली गुफा आपने देखी है? लेकिन ये एक सच हैं जिसको जानने के लिए हम यहां थे और तस्दीक करने वाले थे.

9 मंजिल वाली ये गुफा अंधेरे में डूबी थी. अंदर टार्च की रोशनी में पहले तल पर एक शिवलिंग नजर आया. शिवलिंग के पास इस धाम के पुजारी बैठे थे. ये नौ मंज़िल की गुफा है, अभी हम प्रथम तल पर थे. ये नैचुरल शिवलिंग है, केवल नीचे के हिस्से को बनाया है. लेकिन हमारी नज़रें उन निशानियों को तलाश रही थीं जिसे लोग शिव परिवार से जोड़कर देखते हैं.

ऐसी आकृतियां हर गुफा में मिलती हैं, जिन्हें लोग देवताओं से जोड़कर देखते हैं लेकिन हमें इससे भी बड़ी निशानी देखनी थी. जिसकी तलाश में हम गुफा की दूसरी मंजिल की तरफ बढ़े.

दूसरी मंज़िल पर देवी की एक मूर्ति थी जिसे बाहर से लाकर रखा गया था, लेकिन यहां दीवारों पर बहुत ही अजीब बनावट थी. गांववाले इसे सांप से जोड़कर देखते हैं.
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