एक्सपर्ट्स ने कहा, आस्था अपनी जगह, लेकिन चूहों का जूठा खाना खतरनाक

आधी हकीकत आधा फसाना. उस धाम की यात्रा जो महज़ एक एक मंदिर नहीं है, एक खास समुदाय के लिए यहां जीवन से लेकर मृत्यु और मृत्यु से लेकर पुनर्जन्म का पूरा चक्र चलता है, वह भी चूहों के ज़रिये! अंतिम भाग.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 27, 2019, 6:16 AM IST
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आधी हकीकत आधा फसाना.

इस बार एक हम ऐसे धाम की यात्रा करेंगे जो महज एक एक मंदिर नहीं है, एक खास समुदाय के लिए यहां जीवन से लेकर मृत्यु और मृत्यु से लेकर पुनर्जन्म का एक पूरा चक्र चलता है, जिसके वाहक चूहे हैं. चूहे इस धाम की देवी के संतान माने जाते हैं. यही वजह है कि इस धाम से जुड़े लोग चूहों को अपना वंशज मानते हैं. वहां इंसान और चूहों के बीच एक दैवीय रिश्ता है. चूहों की भरमार रहने के बावजूद उस जगह कोई बीमारी नहीं फैलती. लोगों के मुताबिक वो चूहे हैं ही नहीं, वो इंसान हैं, जो अपने अगले जन्म का इंतजार कर रहे हैं और सबसे बड़ा दावा वो सफेद चूहे जो देवी के रुप माने जाते हैं.

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अब हमें इस पूरे धाम की पड़ताल करके अपने कुछ सवालों के जवाब हासिल करने थे. साथ ही हमें उस सफेद चूहे को भी देखना था जिसके देवी के रुप के होने का दावा किया जाता है. फिर हम उसकी तलाश में निकले मंदिर के कोने कोने में गए. इस दौरान हमारा उस मंदिर से जुड़े ऐसी कई हकीकतों का सामना करना पड़ा जिसके बारे में हमने सोचा भी नहीं था. धाम से जुड़े हमने सभी दावों की पड़ताल की और उससे जो जब नतीजा सामने उसने में ऐसा दुविधा में डाल दिया जिसका कोई रास्ता नहीं नजर आ रहा था.
यहां आने वाले हर शख्स की एक ही मुराद होती है, बस किसी तरह से सफेद चूहा दिख जाए. इस दौरान हम मंदिर के हर कोने में गए लेकिन सफेद चूहा कहीं नहीं दिखा, तभी हमें एक बात का ख्याल आया. इस धाम में इतने चूहे हैं तो वो मरते भी होंगे. मरते होंगे तो बदबू भी आती होगी लेकिन यहां तो किसी तरह की कोई बदबू नहीं थी. आखिर यहां मरने वाले चूहे कहां जाते हैं.

उनका ये कहना है कि जब उनकी मौत होती है को इसी श्मशान में उनका अंतिम संस्कार किया जाता है और वो उसी समय इस धाम में काबा के रुप में जन्म लेते हैं. वो माता के पास यहीं रहते हैं और यहीं उनका स्वर्ग और नरक है. जब काबा की मौत होती है कि तो किसी न किसी काबा के घर के अंदर ही जन्म लेते हैं.

करणी माता के मंदिर में हजारों चूहे लेकिन ये मुख्य द्वार उनके लिए लक्ष्मण रेखा है. यहां पर दरवाजे के अंदर झांकते हुए काबा नजर आएंगे. दूसरी तरफ भी काबा का ढेर नजर आएगा लेकिन ये मुख्य दरवाजा है और कहते हैं कि काबा इस दहलीज को नहीं लांघते हैं. यहां से बाहर आते ही हम देखते हैं कि यहां पर एक भी काबा नजर नहीं आ रहे हैं. कहीं पर भी आप देखेंगे बिल्कुल पूरा खाली मैदान है. मंदिर के अंदर कोई खाली जगह नहीं मिलेगी लेकिन बाहर ये फासला साफ नजर आ रहा है.

वाकई ये बात हैरान करने वाली थी. एकदम गेट के पास सैकड़ों चूहे थे लेकिन उनमे से एक भी बाहर नहीं जा रहा था. ये बात किसी को भी हैरानी में डाल सकती है. फिलहाल हम सफेद चूहे की तलाश में मंदिर के रसोई घर में पहुंच गए. बताया गया था कि इस जगह वो जरुर दिखेगा. फिर हमारी तलाश एक बर्तन के पास जाकर खत्म हुई.

अभी यहां पर आप देख सकते हैं इस पानी के बर्तन के नीचे बिल्कुल इस बर्तन के नीचे ये रहा, ये सफेद काबा है. इसी के दर्शन के लिए लोग दूर दूर से आते हैं. कहते हैं ये माता के रुप हैं, जो भी इसे देखता है उसकी मनोकामना पूरी हो जाती है. ये छुपने की कोशिश कर रहा है दूसरे काबा चुपचाप रहते हैं लेकिन ये छुपने की कोशिश करता है. बिल्कुल साफ साफ दिख रहा है, जैसे ही हमने बर्तन से निकाला यहां से निकल गया. इसके बाद हमें दो और सफेद काबा यानी चूहे दिखे, फिर भी हजारों चूहों के बीच महज दो या तीन सफेद चूहों को देखना नामुमकिन की हद तक मुश्किल है. कड़ी मेहनत के बाद जब लोगों को ये दिखते हैं तो उन्हें ये किसी चमत्कार से कम नहीं लगता.

पुनर्जन्म का चक्र, सफेद चूहे को देवी का रुप मानना धाम से जुड़े हर दावे का पड़ताल संभव नहीं था. जो मुमकिन था वो हमने किया और जो सामने आया, उसमें दावे हकीकत के काफी करीब दिखे. लेकिन किसी नतीजे पर पहुंचने से पहले हमें कुछ और सवालों के जवाब चाहिए थे. आखिर एक जगह पर इतने चूहे कैसे इकट्ठे हो गए. इतने चूहों के बावजूद धाम में किसी तरह की बदबू क्यों नहीं थी. चूहों का जूठा खाने के बावजूद कोई बीमार क्यों नहीं पड़ता और सबसे बड़ी बात इस धाम के चूहों से बीमारी क्यों नहीं फैलती. जाहिर है हमारे किसी भी सवाल का जवाब इस धाम में तो नहीं मिलने वाला था.

इसके लिए हमारी दूसरी टीम ने दिल्ली में वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट फैय्याज से संपर्क किया. हमने उनको धाम की पूरी कहानी बताई. फिर एक्सपर्ट ने बताया कि धाम में चूहों की मौजूदगी और उनके बाहर नहीं जाने की वजह, फूड सिक्योरिटी है. चूहों का जूठा खाने के बावजूद बीमारी नहीं होने के दावे को एक्सपर्ट ने सिरे से खारिज कर दिया. इनके मुताबिक ये बात सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकती है. इतने पर भी हम संतुष्ट नहीं हुए तो, धाम से जुड़े चमत्कार के दावों को लेकर हमने वैज्ञानिक से भी मुलाकात की. वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट की तरह वैज्ञानिक ने भी हर बात को तर्कों के आधार पर नकार दिया.

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