Home /News /ajab-gajab /

yanomami tribe eat dead body ashes of family members weird funeral tradition ashas

विचित्र जनजाति जो मरने के बाद खा जाती है अपनों की अस्थियां! अजीबोगरीब मान्यता का चौंकाने वाला है कारण

ये जनजाति अपने प्रियजनों के मरने के बाद उनकी अस्थियां खा जाती है. (फोटो: Twitter/@EvelynLouise8)

ये जनजाति अपने प्रियजनों के मरने के बाद उनकी अस्थियां खा जाती है. (फोटो: Twitter/@EvelynLouise8)

ब्राजील और वेनेजुएला की बॉर्डर पर एक जनजाति रहती है जो अमेजन के जंगलों (Amazon rainforest) की प्रमुख जनजातियों में से एक है. इस जनजाति का नाम है यानोमामी (Yanomami tribe weird funeral tradition). इस एक विचित्र प्रथा के बारे में जानकर आप दंग हो जाएंगे.

अधिक पढ़ें ...

शहरी लोग भले ही अपनी मान्यताओं को भूल चुके हों मगर आदिवासी जनजातियां (Weird traditions of tribes) आज भी अपने रीति-रिवाजों को पालन करती आ रही हैं. दुनिया में भले ही अब आदिवासी (tribal rituals around the world) खत्म हो रहे हों, मगर जितने भी हैं वो पूरी शिद्दत से अपने आप को बचाने में और मान्यताओं का पालन करने में लगे हैं. आज हम आपको एक बेहद विचित्र जनजाति के बारे में बताने जा रहे हैं जो अपने प्रियजनों के मरने के बाद उनकी लाश (Tribe eat dead bodies of loved ones) को खा जाती है.

ब्राजील और वेनेजुएला की बॉर्डर पर एक जनजाति रहती है जो अमेजन के जंगलों (Amazon rainforest) की प्रमुख जनजातियों में से एक है. इस जनजाति का नाम है यानोमामी (Yanomami tribe weird funeral tradition). पश्चिमी देशों को यानोमामी जनजाति के बारे में साल 1759 में पता चला था जब स्पेन के खोजी Apolinar Diez de la Fuente पडामो नदी के पास रहने वाले लोगों से मिलने पहुंचे थे. आपको बता दें कि यानोमामी जनजाति में करीब 35,000 सदस्य हैं जो अमेजन रेनफॉरेस्ट में करीब 200 से 250 गांवों में रहते हैं.

प्रियजनों की मौत के बाद ऐसा करते हैं जनजाति के लोग
इस जनजाति के घर से लेकर कई और चीजों भी काफी हैरान करने वाली हैं मगर सबसे ज्यादा जो चौंकाने वाली बात है वो है इनका अंतिम संस्कार का रिवाज. आपको जानकर आश्चर्य होगा कि ये जनजाति मरने के बाद अपने प्रियजनों की लाशें खा जाती है. इन लोगों का मानना है कि इंसान की मौत प्राकृति क्रिया नहीं है. बल्कि वो किसी बुरी शक्ति के प्रकोप से होती है. ऐसे में जब कोई मरता है तो उसके तुरंत बाद लोग लाश को अपने गांव से कुछ दूर ले जाकर रख करीब 40-45 दिनों के लिए रख देते हैं. उतने दिनों में लाश सड़ जाती है.

क्यों खाते हैं अस्थियां?
फिर बचे हुए पार्ट जैसे हड्डियां और अन्य चीजों को जला दिया जाता है. इसके बाद जो राख बचती है, उसे केले के खास सूप में मिलाया जाता है. ये सूप मरने वाले के परिवारवाले बनाते हैं. इस सूप को गांव के हर सदस्य को बांटा जाता है और लोग इसे तबतक पीते हैं जबतक राख पूरी खत्म ना हो जाए. उनका मानना है कि इस तरह ही मरने वाले की आत्मा को शांति मिलती है और अपने अंदर ग्रहण कर वो मरने वाले की आत्मा को अमर कर देते हैं. इसके साथ ये भी मान्यता है कि राख खाने से लोगों के अंदर शक्ति बढ़ जाती है.

Tags: Ajab Gajab news, Weird news

विज्ञापन

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें
विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर