भयानक तूफान जितनी तेज है दुनिया के सबसे बड़े पंखे की हवा, उखाड़ सकती है बड़े-बड़े पेड़ और घर

इस प्रोजेक्ट पर काम साल 2005 में शुरू हुआ था. तब दो शक्तिशाली पवन टर्बाइन काम करते थे. जो 53 मीटर/ सेकंड तक की हवाएं पैदा करने में सक्षम थे. (फोटो क्रेडिट- Florida International University)

द वॉल ऑफ विंड (Wall of Wind) दुनिया का सबसे बड़ा पंखा है. इससे एक बड़े तूफान के बराबर तेज हवा निकलती है. जिसकी रफ्तार 252.7 किमी प्रति घंटे तक हो सकती है. इसे फ्लोरिडा स्टेट यूनिवर्सिटी में इंटरनेशनल हरिकेन रिसर्च सेंटर (IHRC) और कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड कंप्यूटिंग (CEC) के इंजीनियरों को वॉल ऑफ विंड को इस रूप में लाने में 15 साल का समय लगा.

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    'वॉल ऑफ विंड' (Wall of Wind) दुनिया का सबसे पावरफुल फैन सिस्टम है. यह अपने आप में अनोखी, एक बहुत बड़ी मशीन है, जिससे एक बड़े तूफान (Hurricane) के जितनी तेज हवा निकलती है. श्रेणी 5 के अंतर्गत जिस गति के तूफान को मौसम विज्ञानियों (Meteorologists) ने रजिस्टर कर रखा है, इस मशीन से निकलने वाली हवा की गति (speed of wind) भी उतनी ही तेज होती है. आंकड़ों की बात करें तो यह मशीन (machine) करीब 252.7 किमी प्रति घंटे (70 मीटर/ सेकंड) तक की गति वाली हवाओं को पैदा करने में सक्षम है.

    तूफान की विनाशकारी ताकत के खिलाफ बेहतर सुरक्षा के लिए सबसे पहले इसका अध्ययन (Study) करना जरूरी है और इस मशीन की पैदा की शक्तिशाली हवाओं के सामने अलग-अलग चीजों के ठहर सकने की टेस्टिंग (testing) करनी होगी. इसी बात को ध्यान में रखते हुए, फ्लोरिडा स्टेट यूनिवर्सिटी में इंटरनेशनल हरिकेन रिसर्च सेंटर (IHRC) और कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड कंप्यूटिंग (CEC) के इंजीनियरों को वॉल ऑफ विंड को इस रूप में लाने में 15 साल का समय लग गया. यानी उस प्रभावशाली मशीन को, जो तूफान जितने बल वाली हवाओं को पैदा करने में सक्षम है.

    साल 2005 से शुरू हुआ था प्रोजेक्ट
    इस प्रोजेक्ट पर काम साल 2005 में शुरू हुआ था. तब दो शक्तिशाली पवन टर्बाइन काम करते थे. जो 53 मीटर/ सेकंड तक की हवाएं पैदा करने में सक्षम थे. लेकिन जैसे-जैसे अधिक शक्तिशाली हवाओं का अध्ययन करने की आवश्यकता बढ़ती गई, वैसे-वैसे वॉल ऑफ विंड की शक्ति भी बढ़ाई जाती रही. आज इस मशीन में कुल 12 विशाल पंखे लगे हुए हैं, जो 70 मीटर/ सेकंड तक की हवाओं को पैदा करने में सक्षम हैं. संदर्भ के लिए, इसी के जरिए किए एक अध्ययन से पता चला है कि उम्र, व्यास, या अपने लचीले गुणों की परवाह किए बिना पेड़ 42 मीटर/ सेकेंड की हवा की गति पर टूटना शुरू कर देते हैं.

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    फ्लोरिडा स्टेट यूनिवर्सिटी की वेबसाइट के अनुसार, "वॉल ऑफ विंड बड़ी-बड़ी संरचनाओं जैसे जैसे कि व्यापारिक निर्माण या बने हुए घरों पर तूफानों के प्रभाव का अध्ययन करने की सुविधा देता है". इसमें एक वाटर इंजेक्शन सिस्टम भी लगा हुआ है, जो सीधी बारिश कराने में भी सक्षम है. यह इंजीनियरों को ढ़ांचे और उसमें लगे पदार्थों को बारिश और हवा दोनों से ही होने वाले नुकसानों को जांचने की सुविधा देता है.

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