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जानवरों का जासूस है ये शख्स, एक केस के लेता है 80 हजार रुपए


Updated: November 18, 2019, 12:37 PM IST
जानवरों का जासूस है ये शख्स, एक केस के लेता है 80 हजार रुपए
Pet_Detective

सन चीन का पहला ऐसा जासूस (First Pet Detective of China) है जो गुम जानवरों को ढ़ूंढ निकालने में महारथ हासिल रखता है. एक पालतू जानवर की ढ़ंढने (Finding Pets Fee) के लिए सन की फीस 80 हजार रुपए है.

  • Last Updated: November 18, 2019, 12:37 PM IST
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बीजिंग. चीन में इन दिनों एक खास प्राइवेट डिटेक्टिव की (Private Detective in China) धूम मची है. यह जानवरों का जासूस (Pet Detective) है. इसका नाम है सन जिनरॉंग (Sun Jinrong). सन चीन का पहला ऐसा जासूस (First Pet Detective of China) है जो गुम जानवरों को ढ़ूंढ निकालने में महारथ हासिल रखता है. एक पालतू जानवर की ढ़ंढने (Finding Pets Fee) के लिए सन की फीस 80 हजार रुपए है.

सन जिनरॉंग पालतू जानवरों का पता लगाने के लिए अत्याधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल करते हैं. इन उपकरणों की कीमत हजारों डॉलर में बताई जाती है. सन अब तक एक हजार से ज्यादा पालतू जानवरों को उनके मालिकों से दोबारा मिलवा चुके हैं.

काम बढ़ने के साथ ही सन ने एक स्थाई कंपनी बना ली है. उनकी कंपनी में 10 कर्मचारी काम करते हैं. सन जिनरॉंग के मुताबिक उनके पास काम अक्सर आधी रात को ही आता है जब मालिकों को अपने पालतू जानवर अपनी जगह पर नहीं मिलते. ये इमरजेन्सी कॉल चीन के गांव शहर कहीं से भी आ सकता है. कॉल आते ही सन को अपनी टीम के साथ काम पर निकलना होता है.

सन के मुताबिक चीन में पालतू जानवरी गुम होने के बजाय चोरी होने की घटनाएं लगातार बढ़ रहीं हैं. कुत्ते जैसे जानवरों को उनके मांस के लिए बेंच दिया जाता है. ऐसे में एक जासूस के तौर पर देश के अंदर सन की मांग लगातार बढ़ती जा रही है.

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सन जिनरॉंग पालतू जानवरों का पता लगाने के लिए अत्याधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल करते हैं.


सन बताते हैं कि उनके पास साल-दर-साल इकट्ठा किए गए डेटा होता है. इस डेटा के विश्लेषण से भी उन्हें जानवरों का पता लगाने में मदद मिलती है. सन के पास जानवर के गुम होने का देश भर का पैटर्न होने की वजह वो आसानी से जानवर तक पहुंच जाते हैं. पालतू जानवर ढूंढ़ने में उनकी सफलता का प्रतिशत 70 के आसपास है.

मसलन किसी की बिल्ली गुम हो जाने पर सन उसके पगमार्क और इंफ्रारेड हीट सेंसर का उपयोग करते हैं. जिस दिशा में बिल्ली गई है उसके निशान मिलने के बाद हीट सेंसर का उपयोग किया जाता है. अगर बिल्ली खुद रास्ता भटक गई है तो उसके मालिक की रिकॉर्डेड आवाज उसे सुनाई जाती है. जिसे पहचान कर बिल्ली अपने घर आ जाती है.
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First published: November 18, 2019, 12:37 PM IST
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