रोहिंग्या प्रदर्शन में शामिल होने पर भाजपा महिला नेता पार्टी से निलंबित

भाजपा नेता बेनजीर अरफान

भाजपा नेता बेनजीर अरफान

असम में भाजपा अल्पसंख्यक नेता को इसलिए पार्टी ने निलंबित कर दिया गया, क्योंकि उन्होंने रोहिंग्या मुस्लिम शरणार्थियों संबंधी प्रोग्राम में शिरकत की थी

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 18, 2017, 12:28 PM IST
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असम भाजपा ने अपनी नेता बेनजीर अरफान को रोहिंग्या मुस्लिम रैली में शामिल होने के कारण पार्टी से निलंबित कर दिया है.

भाजपा नेता अरफान ने म्यांमार के रोहिंग्या मुसलमानों पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ रैली और कार्यक्रम में शिरकत की थी. फिर इसकी तस्वीरें फेसबुक पर पोस्ट कर दी थीं. यही नहीं उन्होंने फेसबुक पर रोहिंग्या मुसलमान शरणार्थियों की मदद की अपील भी की.

व्हाट्स एप पर निलंबन 

अरफान वर्ष 2012 में पार्टी से जुड़ीं थीं. उन्होंने भाजपा के टिकट पर विधानसभा का चुनाव भी लड़ा था लेकिन हार गईं थीं. उनका कहना है कि पार्टी ने व्हाट्स एप के जरिए उन्हें निलंबन की सूचना दी गई. ये व्हाट्स एप राज्य की भाजपा ईकाई के अध्यक्ष रंजीत कुमार दास ने किया था.

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रोहिंग्या मुस्लिम शरणार्थियों के कार्यक्रम में भाजपा नेता बेनजीत अरफान



व्हाट्स एप संदेश 

व्हाट्स पर भेजे गए पत्र में उनसे कहा गया कि भाजपा में होने के बाद भी आपने म्यांमार के रोहिंग्या मुसलमानों के खिलाफ अत्याचारों के विरोध में भूख हड़ताल में शिरकत की. हमारे सोशल मीडिया ग्रुप पर आपने हर किसी से इस विरोध प्रदर्शन में शिरकत की भी अपील की.  हम इस बारे में आपसे लिखित स्पष्टीकरण चाहते हैं, क्यों ना आपके खिलाफ अनुशासनात्मक कदम उठाया जाए और आपको पार्टी से निलंबित कर दिया जाए. व्हाट्स एप पर भेजे इस पत्र में आगे कहा गया, चूंकि आपने पार्टी के नियम और सिद्धांतों के खिलाफ जाने का काम किया है. इसलिए आपको सभी दायित्वों से मुक्त किया जाता है और पार्टी से निलंबित किया जाता है.

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असम विधानसभा चुनावों के दौरान एक रैली में प्रधानमंत्री मोदी के साथ बेनजीर अरफान

मेरा अपमान हुआ है

अरफान का कहना है कि मेरा अपमान किया गया है, मैं इस प्रकरण को पार्टी में उच्च स्तर पर ले जाऊंगी. उन्होंने कहा कि मैने फेसबुक पर एक संदेश पोस्टकर लोगों से रोहिंग्या शरणार्थियों के एक कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की. हां, ये बात जरूर है कि मैने गलत शब्द "विरोध" का इस्तेमाल किया जबकि वह एक प्रार्थना मीटिंग थी.

एनजीओ ने किया था कार्यक्रम

ये प्रोग्राम गुवाहाटी के एक एनजीओ द माइनारिटी पीपुल्स फोरम ने आयोजित किया था. उनके फेसबुक पोस्ट पर भाजपा की स्थानीय ईकाई में इसलिए विवाद हो गया क्योंकि ये केंद्र के उस फैसले के खिलाफ था, जिसमें उन्होंने रोहिंग्या मुसलमानों के भारत में प्रवेश पर रोक की बात कही थी.

छोटी सी गलती की ये सजा

अरफान का कहना है, ये सबकुछ उन्हें नुकसान पहुंचाने के लिए किया गया है. इसमें कुछ लोगों के कतिपय स्वार्थ निहीत हैं. भाजपा की स्थानीय इकाई भेदभाव के आधार पर चलाई जा रही है और जो भी शीर्ष लोगों के खिलाफ सवाल उठाया है, उसे छोटी सी गलती के लिए बाहर निकाल दिया जाता है, जैसा मेरे साथ हुआ.

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