Guru Vakri 2021 Effects: व्रकी गुरु का गोचर धनु, मकर, कुंभ, मीन राशि वालों के भाग्य पर डालेगा कैसा प्रभाव जानें

वक्री गुरु गोचर का अपनी राशि पर प्रभाव जानें

Guru Vakri 2021 Effects | व्रकी गुरु का कुंभ में गोचर क्या डालेगा धनु, मकर, कुंभ, मीन राशि पर प्रभाव, जानें News18 हिंदी के साथ...

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    Guru Vakri 2021 Effects- जब भी कोई ग्रह वक्री होता है, तो वह आकाश में आगे की जगह विपरीत दिशा में, पीछे की ओर बढ़ता हुआ दिखाई देता है और वैदिक शास्त्रों में इसी स्थिति को वक्री स्थिति माना गया है. ग्रहों का वक्री होना, कोई साधारण घटना नहीं होती, बल्कि इसका विशेष प्रभाव हर जातक के जीवन पर पड़ता है. ऐसे में अब भाग्य और प्रचुरता के कारक ग्रह 'गुरु बृहस्पति' 20 जून 2021 रविवार को, शनि देव की कुंभ राशि में वक्री हो जाएंगे और ये यहां इस राशि में 14 सितंबर, 2021 तक रहेंगे और फिर अपनी मार्गी गति शुरू करते हुए, मकर राशि में प्रवेश कर जाएंगे. ऐसे में अब चलिए जानते हैं कि, वक्री गुरु के कुंभ राशि में होने वाले इस गोचर का, सभी 12 राशियों के जातकों पर क्या और कैसा प्रभाव पड़ने वाला है:-

    धनु राशिफल
    धनु राशि के जातकों के लिए वक्री गुरु का गोचर सबसे अधिक उनके पारिवारिक जीवन को प्रभावित करेगा, जिसका नकारात्मक प्रभाव आपके भाई-बहनों के साथ आपके संबंधों में कटुता लेकर आ सकता है. इससे आपकी उनके साथ किसी प्रकार की वैचारिक मतभेद होने के योग भी बनेंगे. कार्यक्षेत्र को देखें तो, कार्यस्थल पर आपके सभी पूर्व के प्रयास सफल होंगे और इससे आपको मान-सम्मान व उन्नति की प्राप्ति होगी. आर्थिक लिहाज से भी समय बेहतर रहेगा, हालांकि धन प्राप्त होने पर आप में कुछ अहंकार देखा जाएगा. ऐसे में आपको अपनी छवि में सही सुधार करते हुए, अपने अंदर आए हर प्रकार के अहंकार का त्याग करने की सलाह दी जाती है.

    मकर राशिफल
    गुरु बृहस्पति का गोचर मकर राशि के जातकों को अनचाहे खर्चे देते हुए, किसी प्रकार की परेशानी होने के योग दर्शा रहा है. जिससे उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर होगी और इसका सीधा असर उनकी जीवनशैली में नकारात्मकता लेकर आएगा. हालांकि यह गोचर आपको किसी प्रकार की पैतृक संपत्ति मिलने के योग भी बनाएगा, ऐसे में यदि कोई ज़मीन से जुड़ा विवाद कोर्ट-कचहरी में निलंबित पड़ा था तो, उसका फैसला आपके पक्ष में आने की संभावना अधिक रहेगी. साथ ही ये गुरु का वक्री गोचर, आपको कुछ संवेदनशील भी बनाएगा. इसलिए आपको खुद में सही बदलाव करते हुए, अपनी बेहतर छवि को बनाए रखने के लिए प्रयासरत रहने की हिदायत दी जाती है.

    कुंभ राशिफल
    चूंकि वक्री गुरु बृहस्पति का गोचर आपकी ही राशि में होगा, ऐसे में इसके कारण सबसे अधिक आपको स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से दो-चार होना पड़ सकता है. इसके चलते आपकी सेहत में भी भारी गिरावट दर्ज की जाएगी, जिसके परिणामस्वरूप आप अपने हर निर्णय को लेकर खुद पर ही संदेह करते दिखाई देंगे. इससे आपको निर्णय लेने में देरी होगी और आप कई प्रकार के शुभ अवसरों का लाभ उठाने से भी खुद को वंचित कर देंगे. हालांकि गुरु का आपकी राशि में वक्री होना, आपको बौद्धिक रूप से मजबूत भी बनने में मदद करेगा, जिससे आपके आकर्षण में वृद्धि होगी. साथ ही धीरे-धीरे आप अपनी सेहत में भी, सकारात्मक बदलाव करने में सफल रहेंगे.

    मीन राशिफल
    गुरु बृहस्पति का वक्री गोचर, मीन राशि के जातकों के ज्ञान में वृद्धि लेकर आने वाला है. खासतौर से छात्रों को इस अवधि में, बेहतर प्रदर्शन देने में मदद मिलेगी. कार्यस्थल पर भी आप अपने ज्ञान और अच्छी समझ से, हर निलंबित पड़े कार्यों को पूरा करने में सफल होंगे. जिसके परिणामस्वरूप आपके सभी दुश्मन व विरोधी भी आपके मित्र बन जाएंगे. गुरु देव की कृपा कई जातकों की आध्यात्मिक प्रवृत्ति में भी इजाफ़ा करेगी, जिससे वे कई धार्मिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते दिखाई देंगे. हालांकि जीवन में कुछ आर्थिक तंगी, आपके मानसिक तनाव में वृद्धि का कारण भी बन सकती है. (साभार-Astrosage.com)

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