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Astrology: कुंडली में इस तरह के योग बनाते हैं आपको घर का मालिक

Astrology: कुंडली में इस तरह के योग बनाते हैं आपको घर का मालिक

मंगल ग्रह अचल संपत्ति का कारक ग्रह माना जाता है. Image-Shutterstock

मंगल ग्रह अचल संपत्ति का कारक ग्रह माना जाता है. Image-Shutterstock

कहते हैं जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि होती है खुद का घर बना लेना. परंतु हर व्यक्ति अपना खुद का घर बना पाए ऐसा सभी के लिए संभव नहीं है. कुंडली में मौजूद कई योग ऐसे होते हैं जो आपके घर बनने और ना बनने की स्थिति को दर्शाते हैं. कैसे जानेंगे इन योग को? आइए डालते हैं एक नज़र.

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हाइलाइट्स

मंगल ग्रह अचल संपत्ति का कारक ग्रह माना जाता है.
शनि ग्रह पुराने घर, भूमि आदि दिलवाने वाला ग्रह माना जाता है.

हर एक व्यक्ति का सपना होता है कि उसका अपना खुद का एक घर हो, जिसमें वह व्यक्ति अपने परिवार के साथ हंसी-खुशी जीवनयापन कर सके. लेकिन ऐसा होना सभी के लिए संभव नहीं होता. कुछ लोगों को कड़ी मेहनत के बाद खुद का घर मिल पाता है. वहीं कुछ लोग बहुत प्रयास करने के बाद भी अपना घर नहीं बना पाते हैं. इसके विपरीत कुछ लोग ऐसे होते हैं, जिन्हें बड़ी ही आसानी से अपना घर मिल जाता है. ज्योतिषशास्त्र (Astrology) के अनुसार ग्रह-नक्षत्रों की गणना के जरिए यह पता लगाया जा सकता है कि खुद का घर बनने के कुंडली में कौन से योग होते हैं. इस विषय में हमें भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा बता रहे हैं.

इस तरह लगाएं पता
किसी व्यक्ति की कुंडली में खुद का घर बनाने की जानकारी उसके चतुर्थ भाव का अध्यन करके पता की जा सकती है. चतुर्थ भाव चल-अचल संपत्तियों का मुख्य घर माना जाता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में चतुर्थ भाव का स्वामी लग्न स्वामी के साथ मौजूद हो और उसका आय का भाव भी वही हो तो उस व्यक्ति के पास एक से अधिक घर हो सकते हैं.

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कुंडली में यदि पराक्रम भाव में बुध स्थित हो और चतुर्थ घर का स्वामी भी सुस्थिर हो तो वह व्यक्ति अपने लिए बहुत सुंदर घर का निर्माण करवाने में सफल होता है.

कुंडली में चौथे घर का स्वामी स्व-नवांश में हो या उच्च राशि का हो तो व्यक्ति को भूमि, गृह और वाहन का सुख प्राप्त होता है.

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जो ग्रह चौथे घर में स्थित होते हैं, उनके पास भी संपत्ति प्रदान करने की शक्ति होती है.

यदि किसी व्यक्ति की कुंडली के चौथे भाव का स्वामी मंगल शनि या फिर शुक्र से युक्ति में हो तो जातक को अपना घर प्राप्त होता है.

इसी तरह खुद का घर खरीदने के लिए मंगल, शुक्र और बृहस्पति की दशा की अवधि अनुकूल होती है.

भूमि, घर और संपत्ति के लिए इन ग्रहों को देखा जाता है
मंगल ग्रह – ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मंगल ग्रह अचल संपत्ति का कारक ग्रह माना जाता है. इस ग्रह का शुभ प्रभाव चतुर्थ भाव चतुर्थेश होना एक अच्छे घर का संकेत देता है.

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शनि ग्रह – ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि ग्रह पुराने घर, भूमि आदि दिलवाने वाला ग्रह माना जाता है. शनि गोचर में जब चौथा घर को सक्रिय करता है तो घर निर्माण का काम पूरा हो जाता है.

शुक्र ग्रह – शुक्र का बली अवस्था में चौथे या चतुर्थेश को प्रभावित करना एक भव्य घर होने का संकेत माना जाता है.

Tags: Astrology, Dharma Aastha, Religion

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