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बड़े कार बाजारों की लिस्ट से बाहर हुआ ये देश, कई देशों पीछे छोड़ चौथे नंबर पर आया भारत

बड़े कार बाजारों की लिस्ट से बाहर हुआ ये देश, कई देशों पीछे छोड़ चौथे नंबर पर आया भारत

इटली Lamborghini और Ferrari जैसी कई पॉपुलर ऑटो कंपनियों का होम कंट्री भी है.

इटली Lamborghini और Ferrari जैसी कई पॉपुलर ऑटो कंपनियों का होम कंट्री भी है.

इंडस्ट्री को प्रभावित करने के पीछे कोविड-19 महामारी, सेमीकंडक्टर चिप की कमी, इलेक्ट्रिक व्हीकल की बढ़ती मांग और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव प्रमुख कारण हैं.

नई दिल्ली. इटली सस्ती पैसेंजर कारों की बिक्री के मामले में 10 सबसे बड़े कार बाजारों की लिस्ट से बाहर हो गया है. इस बात का खुलासा यूके की Motor1 वेबसाइट की ओर से जारी आंकड़ों में हुआ है. इटली लंबे समय से ग्लोबल कंपनियों के लिए एक प्रमुख बाजार रहा है. इटली Lamborghini और Ferrari जैसी कई पॉपुलर ऑटो कंपनियों का होम कंट्री भी है.

डेटा से पता चलता है कि 2021 में 2020 की तुलना में 5 प्रतिशत की वृद्धि के साथ दुनिया भर में करीब 82 मिलियन पैसेंजर व्हीकर बेचे गए थे. लेकिन इस दौरान इटली जैसे कुछ देश इस मामले में पीछे रहे. हाल के वर्षों में ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के लिए कई चुनौतियां उभर कर आई हैं. जिससे दुनिया भर में इस इंडस्ट्री के समीकरणों को नाटकीय रूप से बदल दिया है. इंडस्ट्री को प्रभावित करने के पीछे कोविड-19 महामारी, सेमीकंडक्टर चिप की कमी, इलेक्ट्रिक व्हीकल की बढ़ती मांग और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव प्रमुख कारण हैं.

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मोटर1 के आंकड़ों के अनुसार, इटालियन कार बाजार दुनिया का 12वां सबसे बड़ा बाजार था. एस समय था जब इटली में पैसेंजर कार बिक्री का आंकड़ा 2 मीलियन से ज्यादा हो गया था. इटालियन बाजार ने पारंपरिक रूप से हमेशा शीर्ष 10 में एक स्थान पाया है. न केवल इटली में बल्कि जर्मनी, फ्रांस, यूके और स्पेन जैसे बाजारों में भी बिक्री में गिरावट आई है. भले ही ये देश शीर्ष 10 की सूची में हों.

विशेषज्ञों का कहना है कि इनमें से कई देशों में कड़े उत्सर्जन मानदंडों (stringent emission norms) का मतलब है कि सरकारें बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रिक व्हीकलों को प्राथमिकता दे रही हैं. कई देशों में इलेक्ट्रिक वाहनों के महंगे होने के चलते अभी बड़ी संख्या में लोगों की पहुंच से बाहर है.

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भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए कई चुनौतियां हैं. जैसे बीएस 6 उत्सर्जन मानदंडों में बदलाव के बाद कोविड-19 महामारी का प्रकोप और सेमीकंडक्टर की कमी इंडस्ट्री को बड़े स्तर प्रभावित कर रही है. जमीनी हकीकत यह है कि सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स के अनुसार, यहां यात्री कारों की मांग मजबूत बनी हुई है, लेकिन उत्पादन और आपूर्ति कम है. बहरहाल, जापान के बाद और जर्मनी, फ्रांस, ब्रिटेन, ब्राजील और दक्षिण कोरिया से आगे भारत अभी भी दुनिया का चौथा सबसे बड़ा कार बाजार है.

Tags: Auto News, Autofocus, Car Bike News, Italy

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