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मांग बढ़ाने के लिए अब ऑटो इंडस्ट्री को खुद ही करने होंगे प्रयास: SIAM

भाषा
Updated: September 21, 2019, 5:11 PM IST
मांग बढ़ाने के लिए अब ऑटो इंडस्ट्री को खुद ही करने होंगे प्रयास: SIAM
वाहन निर्माताओं के संगठन सियाम (SIAM) ने शनिवार को कहा कि जीएसटी परिषद (GST Council) की ओर से वाहनों पर कर में कटौती से इनकार करने के बाद अब मांग को बढ़ावा देने के लिए इंडस्ट्री को अपने स्तर पर ही प्रयास करने होंगे

वाहन निर्माताओं के संगठन सियाम (SIAM) ने शनिवार को कहा कि जीएसटी परिषद (GST Council) की ओर से वाहनों पर कर में कटौती से इनकार करने के बाद अब मांग को बढ़ावा देने के लिए इंडस्ट्री को अपने स्तर पर ही प्रयास करने होंगे

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  • Last Updated: September 21, 2019, 5:11 PM IST
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नई दिल्ली: वाहन निर्माताओं के संगठन सियाम (SIAM) ने शनिवार को कहा कि जीएसटी परिषद (GST Council) की ओर से वाहनों पर कर में कटौती से इनकार करने के बाद अब मांग को बढ़ावा देने के लिए इंडस्ट्री को अपने स्तर पर ही प्रयास करने होंगे. सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चर्स (सियाम) के अध्यक्ष राजन वढेरा ने बयान में कहा, 'ऑटो इंडस्ट्री जीएसटी में कटौती को लेकर काफी आशान्वित था. लेकिन वाहनों पर जीएसटी को 28 से घटाकर 18 प्रतिशत नहीं किया गया है.' उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री को मांग बढ़ाने के लिए अपने स्तर पर विकल्प ढूंढने होंगे.

जीएसटी परिषद ने शुक्रवार को गोवा में हुई बैठक में वाहनों पर जीएसटी दर में कटौती नहीं की है. ऑटो इंडस्ट्री बिक्री में तेजी के लिए जीएसटी की मौजूदा 28 प्रतिशत दर को घटाकर 18 प्रतिशत करने की मांग कर रहा था. ऑटो इंडस्ट्री ने वाहन कलपुर्जों पर एकसमान 18 प्रतिशत की दर रखने की मांग की थी. वर्तमान में वाहन कलपुर्जों पर 18 प्रतिशत और बाकी बचे सामानों पर 28 प्रतिशत की दर से जीएसटी कर लगता है.

वढेरा ने उम्मीद जताई है कि त्योहारी सीजन सकारात्मक उपभोक्ता रुख को बढ़ाने में मदद करेगा. उन्होंने कहा कि 10-13 सीटों वाली श्रेणी से कम श्रेणी में 4 मीटर से कम लंबाई के यात्री वाहनों पर मुआवजा उपकर (कंपनसेशन सेस) कम करना एक सकारात्मक कदम है. वढेरा ने कहा, 'सियाम ने 10-13 सीटों वाली समूची वाहन श्रेणी पर मुआवजा उपकर हटाने की मांग की थी. हालांकि उसकी इस मांग पर परिषद ने उपकर में कमी करके मांग को आंशिक तौर पर पूरा किया है.'

उन्होंने उम्मीद जताई है कि वित्त मंत्री के हालिया उपायों से वृद्धि को समर्थन मिलेगा. एक बार बाजार स्थिर हो जाए और राजस्व उचित स्तर पर पहुंच जाए तो सरकार जीएसटी के स्तर को तर्कसंगत बनाने और वाहनों पर कर घटाने में सक्षम होगी. उल्लेखनीय है कि जीएसटी परिषद ने शुक्रवार को होटल कमरों पर जीएसटी में कटौती और कैफीन युक्त पेय पदार्थों पर उप कर सहित कुल कर बढ़ाकर 40 प्रतिशत करने समेत कई कदम उठाए हैं.

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First published: September 21, 2019, 5:11 PM IST
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