ऑटो सेक्टर में मंदी को रोकना अभी मुश्किल, ये है वजह...

News18Hindi
Updated: August 30, 2019, 5:00 PM IST
ऑटो सेक्टर में मंदी को रोकना अभी मुश्किल, ये है वजह...
मंदी के दौर सा गुजरता ऑटो सेक्टर

ऑटो सेक्टर को रफ्तार देने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से पिछले सप्ताह घोषित प्रोत्साहन पैकेज 'बहुत छोटा और काफी देर' से उठाया गया कदम है

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 30, 2019, 5:00 PM IST
  • Share this:
ऑटो सेक्टर को रफ्तार देने के लिए सरकार ने जो कदम उठाए हैं वो काफी नहीं है. ये बात फिच सॉल्यूशन्स मैक्रो रिसर्च ने कही है. फिच सॉल्यूशंस ने कहा है कि ऑटो सेक्टर को रफ्तार देने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से पिछले सप्ताह घोषित प्रोत्साहन पैकेज 'बहुत छोटा और काफी देर' से उठाया गया कदम है. उसने कहा कि ऑटो सेक्टर की मंदी को थामने के लिए जीएसटी की दर में कमी और पुराने व्हीकल्स को रद्दी में भेजने की योजना जैसे कदम उठाए जाने चाहिए.

ये भी पढ़ें: 1.5 लाख में Alto और 2.5 लाख में ऐसे खरीद सकते हैं Swift

मंदी को रोकना मुश्किल होगा
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने निवेश बढ़ाने और बैंकिंग व ऑटो सेक्टर को मजबूती देने के लिए 23 अगस्त को कई बड़े ऐलान किए थे. फिच सॉल्यूशन्स ने कहा, 'हमारा मानना है कि वित्त वर्ष 2018-19 में आई मंदी को थामने के लिए ये शुरुआती प्रोत्साहन पैकेज बहुत छोटा है और काफी देर से किया गया फैसला है, क्योंकि ऑटो सेक्टर में मंदी गति पकड़ चुकी है और इसलिए उसे रोकना मुश्किल होगा.'

ये भी पढ़ें: भारत में आएगी Kwid इलेक्ट्रिक, जानें कितनी होगी कीमत और कब तक होगी लॉन्च

इस साल इतनी गिरावट दर्ज हो सकती है
ऑटो सेक्टर की बुरी हालत को लेकर फिच सॉल्यूशन्स ने कहा है कि पहला प्रोत्साहन पैकेज दिखाता है कि सरकार इस सेक्टर में हस्तक्षेप को इच्छुक है. उम्मीद है कि अगला प्रोत्साहन पैकेज ज्यादा टारगेटेड और कॉम्प्रिहेंसिव होगा. उसने कहा कि प्रारंभिक प्रोत्साहन पैकेज ऑटो सेक्टर की मंदी को थामने के लिए काफी नहीं है और इस साल बिक्री में 11.8 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है.
Loading...

(सोर्स: भाषा)

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए ऑटो से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: August 30, 2019, 3:29 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...