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चमक पर नहीं सेकंड हैंड Audi-Bmw खरीदते समय यह जरूर चैक करें, आगे नहीं हाेगे परेशान

यहां मिल जाएगी कार की पूरी जन्मकुंडली..

यहां मिल जाएगी कार की पूरी जन्मकुंडली..

सेकंड हैंड लग्जरी कार (Second hand luxury Car) देखने में बेहत आकर्षक होती है. ऐसे में यदि आप केवल लुक्स देखकर ही कार खरीद रहे है. तो आपको बाद में परेशान होना पड़ सकता है. इसलिए जब भी आप सेकंड हैंड लग्जरी कार खरीदें तो सबसे पहले कार कंपनी के सर्विस सेंटर (Service Center) पर जाकर कार को जरूर चैक कराएं.

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    नई दिल्ली. यदि आप सेकंड हैंड बीएमडब्ल्यू(BMW), ऑडी (Audi), मर्सीडीज (Mercedes) खरीदने का मन बना रहे है ताे अच्छी बात है. यह देखा भी जा रहा है कि पिछले कुछ समय से युवा अपना शाैक पूरा करने के लिए सेकंड हैंड लग्जरी काराें के तरफ रूख कर रहे है. क्याेंकि आठ से दस साल पुरानी यह लग्जरी कारें पांच से लाख रुपए के बजट में भी आसानी से मिल जाती है. इन लग्जरी काराें काे लेते समय सबसे बड़ी दिक्कत यह आती है कि आखिर इसमें कमी कहा से निकाले. क्याेंकि यह कारें ज्यादातर अमीर लाेग इस्तेमाल करते है और उनके ड्राइवर इसे चलाते है ताे गाड़ी दिखने में ताे बिलकुल नई जैसी रहती है, उसकी चमक दमक देखकर काेई भी आकर्षित हाे जाए.

    लेकिन इसके परे एक बेहद जरूरी चीज है जिसे यदि आपने नजर अंदाज कर दिया हाे सकता है कि आपके भविष्य में दिक्कत का सामना करना पड़े. क्याेंकि भले ही यह कार बेहद सस्ती मिल भी जाए लेकिन इसके पार्ट्स उतने ही महंगे रहते है. ताे जानते है ऐसी लग्जरी काराें काे लेने के पहले आपकाे क्या सावधानियां या फिर क्या चैक पाइंट काे खरीदने के पहले शामिल रखे.

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    कार की पूरी कुंडली मिल जाएगी यहां  

    नाेएडा में कार सर्विस सेंटर के संचालक शहज़ाद कहते है लग्ज़री काराें काे ख़रीदने से पहले उसकी कुंडली यानि की अब तक सर्विस रिकॉर्ड देखना वह सबसे ज़रूरी काम है जिसके बाद ही आप कार खरीदने का मन बनाए. यदि कार का सर्विस रिकॉर्ड है. इसका मतलब कार हमेशा से शाे-रूम के सर्विस सेंटर से ही सर्विस हुई. यदि ऐसा है ताे कार ली जा सकती है लेकिन सर्विस रिकॉर्ड देखते समय आपकाे यह भी ध्यान रखना हाेगा कि कार में क्या-क्या दिक़्क़तें आ चुकी है. क्या काेई दिक़्क़त इंजन से संबंधित भी थी जिसका काम हुआ है. ऐसा इसलिए कि यदि आप जानकार नहीं है ताे इन काराें की टेस्ट राइड करते समय शायद आपकाे इंजन में आ रही दिक़्क़त समझ ना आए.

    जानकार व्यक्ति से ही चैक करवाए 

    शहजाद कहते हैं कि विदेशी कार काे लेने के पहले उसका सर्विस रिकॉर्ड के साथ एक और चीज सबसे ज्यादा जरूरी है. वह है इन काराें के जानकार व्यक्ति काे ही कार चैक करवाना. वे कहते है लाेग कई बार अपने मैकेनिक जाे इन काराें में डील नहीं करते है उनकी राय भी लेते है.

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    लेकिन वाे उतना सही है. इन तरह की काराें की जानकारी उनके डेडिकेट मैकेनिक्स काे ज्यादा हाेती है. साथ ही बेहतर हाेगा कि कार काे कंपनी में ले जाकर वहां के मैकेनिक से चैक करवा लिया जाए. वहीं कई कंपनियों ने अब कार काे चैक कर डिटेल इंपेक्शन रिपाेर्ट का काम भी शुरू किया है लाेग इसकी भी मदद ले सकते है. ऐसे में यदि आप इन सभी टिप्स को फॉलो करेंगे. तो महंगी सेकंड हैंड कार खरीदने के बाद कभी परेशान नहीं होंगे.

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