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    BSIV कार और बाइक बेचने के लिए कंपनियों को मिली और राहत, सुप्रीम कोर्ट ने बढ़ाई डेडलाइन

    कार निर्माताओं  ध्यान अब  अब ग्राहकों के स्वास्थ्य के मुताबिक फीचर्स देेने पर है.
    कार निर्माताओं ध्यान अब अब ग्राहकों के स्वास्थ्य के मुताबिक फीचर्स देेने पर है.

    सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कोरोना वायरस (Covid-19) महामारी की वजह से देश में लागू लॉकडाउन (Lock down in India) खत्म होने के बाद बीएस IV मानक वाले वाहनों की दिल्ली-एनसीआर के बाहर दस दिन के लिये बिक्री की अनुमति दे दी.

    • News18Hindi
    • Last Updated: March 27, 2020, 6:44 PM IST
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    नई दिल्ली. उच्चतम न्यायालय (Supreme Court of India) ने शुक्रवार को कोरोना वायरस (Corona Virus) महामारी की वजह से देश में लागू लॉकडाउन (Lock Down in India) खत्म होने के बाद BSIV मानक वाले वाहनों की दिल्ली-एनसीआर के बाहर दस दिन के लिए बिक्री की अनुमति दे दी.  सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने इससे पहले बीएस IV मानक वाले वाहनों की बिक्री की समय सीमा 31 मार्च, 2020 निर्धारित की थी.

    न्यायमूति अरूण मिश्रा और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ ने फेडरेशन ऑफ आटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन की याचिका पर सुनवाई के बाद यह आदेश पारित किया. इस संगठन ने देश में कोराना वायरस की दहशत और आर्थिक मंदी के मद्देनजर न्यायालय से बीएस IV मानक वाले बचे हुए वाहनों की बिक्री की अवधि बढ़ाने का अनुरोध किया था.

    न्यायाधीशों ने इस याचिका की वीडियो कांफ्रेन्सिग के माध्यम से सुनवाई की और स्पष्ट किया कि एक अप्रैल 2020 से बीएस IV मानक वाले वाहनों की बिक्री दिल्ली-एनसीआर में नहीं होगी. सरकार ने मोटर वाहनों से होने वाले वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए भारत स्टेज मानक निर्धारित किए हैं. देश में अप्रैल, 2017 से बीएस IV मानक लागू हैं.



    आइए जानें इससे जुड़ी सभी बड़ी बातें...
    क्या होता है बीएस (What is BS  Norms in India)--बीएस का मतलब है भारत स्टेज. इसका संबंध उत्सर्जन मानकों से है. भारत स्टेज उत्सर्जन स्टैंडर्ड  खासतौर पर उन 2-व्हीलर और 4-व्हीलर्स के लिए हैं, जिन्हें पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के तहत केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तय करता है.



    अगर आसान शब्दों में कहें तो ये वाहन कम पॉल्यूशन करेंगे. आपको बता दें कि भारत सरकार ने साल 2000 से बीएस उत्सर्जन मानक की शुरुआत की थी. भारत स्टेज यानी भारत स्टैंडर्ड मानदंड यूरोपीय नियमों पर आधारित है

    बीएस-6 के आने से क्या होगा (What does it mean BSVI means for India )
    वाहन कंपनियां जो भी नए हल्के और भारी वाहन बनाएंगी, उनमें फिल्टर लगाना जरूरी हो जाएगा.
    बीएस-6 के लिए विशेष प्रकार के डीजल पार्टिकुलेट फिल्टर की जरूरत होगी. इसके लिए वाहन के बोनट के अंदर ज्यादा जगह की जरूरत होगी. नाइट्रोजन के ऑक्साइड्स को फिल्टर करने के लिए सेलेक्टिव कैटेलिटिक रिडक्शन (एसआरसी) तकनीक का इस्तेमाल अनिवार्य तौर पर करना होगा.


    हवा में प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी. हवा में जहरीले तत्व कम हो सकेंगे जिससे सांस लेने में सुविधा होगी. बीएस 4 के मुकाबले बीएस 6 में प्रदूषण फैलाने वाले खतरनाक पदार्थ काफी कम होंगे. नाइट्रोजन डाइऑक्साइड, कार्बन मोनोऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड और पार्टिकुलेट मैटर के मामले में बीएस 6 ग्रेड का डीजल काफी अच्छा होगा. बीएस -4 और बीएस-3 फ्यूल में सल्फर की मात्रा 50 पीपीएम होती है.जो बीएस 6 मानकों में घटकर 10 पीपीएम रह जायेगा यानी की अभी के स्तर से 80 फीसदी कम है.

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