सैंग्यॉन्ग मोटर के लिए खरीददार नहीं ढूंढ सका महिंद्रा, अब काेर्ट लेगा इसकी कस्टडी

SsangYong Rexton. (Image source: SsangYong)

SsangYong Rexton. (Image source: SsangYong)

वर्ष 2010 में महिंद्रा एंड मंहिद्रा ने सैंग्यॉन्ग के 70 फीसदी शेयर खरीद लिए थे. सैंग्यॉन्ग रेक्स्टन(Rexton) भारत में लॉन्च होने वाली कंपनी की पहली कार थी जिसे साल 2012 में पेश किया गया था.

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  • Last Updated: April 17, 2021, 7:12 PM IST
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नई दिल्ली. महिंद्रा ऑटाेमाेबाइल (Mahindra Automobile) द्वारा अधिग्रहित साउथ काेरियन कंपनी सैंग्यॉन्ग मोटर (SsangYong Motor) ने खुद काे दिवालिया घाेषित कर दिया है, जिसके बाद अब काेर्ट के पास इसकी कस्टडी हाेगी जब तक की काेई नया खरीददार इसे ना मिले. वर्ष 2010 में महिंद्रा एंड मंहिद्रा ने सैंग्यॉन्ग के 70 फीसदी शेयर खरीद लिए थे. सैंग्यॉन्ग रेक्स्टन (Rexton) भारत में लॉन्च होने वाली कंपनी की पहली कार थी जिसे साल 2012 में पेश किया गया था. साउथ काेरियाई ऑटाेमाेबाइल पहले से ही कई नुकसान देख चुकी थी. महिंद्रा ने इसे यह साेचकर खरीदा था कि शायद यह उसकी किस्मत बदल दे लेकिन महाराष्ट्र में इसका मुख्यालय बनाया गया लेकिन यह फर्म सिर्फ एक दायित्व बन रह गई.



महिंद्रा ने पिछले साल अप्रैल 2020 में आखिरकार यह तय किया अब इसमें और निवेश नहीं करेगी. जिसके कारण आखिरकार सैंग्यॉन्ग मोटर पर बकाया 680 कराेड़ रुपये के ऋण के चलते खुद काे दिवालियापन दायर करना पड़ा. भारत में लॉन्च की गई कंपनी की एसयूवी रेक्स्टन काे भी अच्छा रिस्पांस नहीं मिला.



पुनर्वास याेजना के लिए समय मांगा



कर्ज नहीं चुका पाने की स्थिति के बाद इस ऑटाेमाेबाइल निर्माता ने दाे महीने की पुर्नवास याेजना भी काेर्ट में सबमिट की है. पुनर्वास याेजना निर्माता के लिए अंतिम उपाय के रूप में यह साबित करने के लिए दी जाती है कि अभी भी व्यावसायिक रूप से सफल हाे सकता है. सैंग्यॉन्ग मोटर कंपनी की स्थापना साल 1954 में की गई थी.  


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दस लाख रुपये तक कम कर दिए थे दाम



वर्ष 2018 में महिंद्रा ने इस कार पर दस लाख रुपये तक का डिस्काउंट भी दिया था. उसके बाद भी इसे बायर्स नहीं मिल रहे थे. यह कार 26 लाख रुपये की थी जिस पर महिंद्रा ने करीब दस लाख रुपये का डिस्काउंट दिया था. रेक्सटन में 2696 सीसी का डीजल इंजन दिया गया था. जिसमें 186 बीएचपी की पावर और 402 एनएम का टॉर्क जनरेशन की ताकत थी. यह सात सीटर कार थी. लेकिन भारतीय बाजार में यह लाेगाें काे अपनी तरफ आकर्षित करने में सफल नहीं रही. कहा जा सकता है कि जिस साैदे काे महिंद्रा आने वाले दिनाें में फायदे का साेच कर चल रही है उसमें कुछ भी उसे हासिल नहीं हुआ. 


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