Home /News /auto /

नई या पुरानी कार खरीदने से पहले इन बातों का रखे ख्याल, नहीं होगी परेशानी

नई या पुरानी कार खरीदने से पहले इन बातों का रखे ख्याल, नहीं होगी परेशानी

कम बजट में पुरानी कार खरीदना भी अच्छा ऑप्शन है (फाइल फोटो)

कम बजट में पुरानी कार खरीदना भी अच्छा ऑप्शन है (फाइल फोटो)

कार खरीदने के समय नई कार या पुरानी कार लेने के बीच कन्फ्यूजन हैं, तो इन दोनों ऑप्शन में से किसी एक को चुनने में यह खबर आपकी मदद कर सकती है.

    नई दिल्ली. अपनी पहली कार खरीदना घर खरीदने के बाद दूसरा सबसे बड़ा काम होता है. कार खरीदने के लिए भी हमें एक बड़ी रकम खर्च करनी पड़ती है. कार खरीदने के समय नई कार या पुरानी कार लेने के बीच कन्फ्यूजन हैं, तो इन दोनों ऑप्शन में से किसी एक को चुनने में यह खबर आपकी मदद कर सकती है. हम आपको नए या पुराने कार खरीदने से पहले कुछ इम्पोर्टेन्ट फैक्ट्स बताएंगे जो आगे आपके काफी काम आएंगे.

    डेप्रिसिएशन
    डेप्रिसिएशन एक कम्पल्सरी फैक्ट्स है. यह कार के समय के साथ यूज के दौरान होने वाले टूट-फूट की रेट है. एक ओल्ड कार का डेप्रिसिएशन एक शोरूम से आने वाली नई कार से कम होता है. एक नई कार के लिए डेप्रिसिएशन का रेट एक स्टेबल डेक्लाइनेसन में आने से पहले इनिशियल स्टेज में तेजी से बढ़ती है, जबकि एक पुरानी कार का डेंट या फिर टूट-फूट नए कार की तुलना में काफी धीमा होता है.

    ये भी पढ़ें- Toyota की इस SUV पर चल रही एक-दो नहीं 4 साल की वेटिंग, जानें क्या है वजह 

    अब जबकि किसी भी व्हीकल की टूट-फूट कम्पल्सरी है, लेकिन कई बार यह बहुत से फैक्टर पर डिपेंड करता है, जैसे कि मैंटेनैंस, ड्राइविंग कंडीशन और कार की दो सर्विस के बीच का समय. इसके अलावा, एक नई कार की मैंटेनैंस कॉस्ट यूज्ड कार की तुलना कम होती है. इसलिए, अब जबकि डेप्रिसिएशन एक नई कार के कॉस्ट बढ़ा देती है, तो वही एक पुरानी कार की ज्यादा मैंटेनैंस कॉस्ट इस फैक्टर को बैलेंस करती है.

    परचेज ऑप्शन
    ऐसा कम ही होता है कि कोई एक बार में कार के पुरे अमाउंट का पेमेंट कर के कार को खरीदता है. अक्सर कस्टमर लोन पर ही कार परचेज करते हैं. अब, जब लोन-बेस्ड पेमेंट के कुछ फैक्ट्स सामने आते हैं, तो इस डिस्कशन में दो ऑप्शन डिफरेंट होते हैं. पुरानी कार के लिए इन्स्योरेन्स कॉस्ट कम होती है, क्योंकि व्हीकल के ऐज के साथ प्रीमियम अमाउंट कम हो जाती है, वहीं नई कार के परचेज के लिए इंटरेस्ट रेट्स काफी अधिक होती हैं.

    ये भी पढ़ें- Skoda की 18 लाख की SUV में नहीं मिलेगा ये छोटा सा फीचर्स, जानें क्या है वजह

    Miscellaneous कॉस्ट
    इस केटेगरी में वे कॉस्ट शामिल हैं जो एंटायर ट्रांसक्शन प्रोसेस से जुड़ी हैं, इसमें रजिस्ट्रेशन फी, रोड टैक्स, आरटीओ फी जैसी कॉस्ट शामिल हैं. हालांकि, ये कॉस्ट केवल नई कार खरीदते समय ही लगती हैं. अगर आप यूज्ड कार खरीद रहे है तो आपको इनका कॉस्ट नहीं पे करना होता है.

    ड्राइविंग प्रोफिसिएंसी
    यह फैक्टर तब आती है जब आप इन-एक्सपीरिएंस्ड ड्राइवर है, अगर ऐसा है तो आपके लिए यूज्ड कार परचेज करना फायदे का डील होगा.

    Tags: Auto News, Autofocus, Car Bike News, Car loan

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर