रेटिंग एजेंसी Ind-Ra का अनुमान, कोरोना के चलते इलेक्ट्रिक व्हीकल के प्रसार में हो सकती है देरी

इलेक्ट्रिक व्हीकल (प्रतीकात्मक तस्वीर)
इलेक्ट्रिक व्हीकल (प्रतीकात्मक तस्वीर)

रेटिंग कंपनी इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी के चलते भारत में इलेक्ट्रिक व्हीकल (Electric Vehicles) के प्रसार में देरी होने की आशंका है.

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नई दिल्ली. रेटिंग कंपनी इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च (India Ratings and Research/Ind-Ra) ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी (COVID-19 Pandemic) के चलते भारत में इलेक्ट्रिक व्हीकल (Electric Vehicles/EV) के प्रसार में देरी होने की आशंका है.

रेटिंग एजेंसी ने कहा कि इस समय सरकार की प्राथमिकता पारंपरिक ऑटोमोबाइल उद्योग को पुनर्जीवित करने की है और साथ ही कम कीमत होने के कारण पारंपरिक जीवाश्म ईंधन पर आधारित गाड़ियों को खरीदना ग्राहकों के लिए आसान होगा. ऐसे में इंडरा ने निकट भविष्य में इलेक्ट्रॉनिक गाड़ियों से फोकस हटने का अनुमान जताया है.

इंडरा ने एक बयान में कहा कि इलेक्ट्रानिक गाड़ियों को दोतरफा दबाव का सामना करना पड़ेगा क्योंकि एक तरह जहां उपभोक्ता इस समय अधिक कीमत अदा करने के लिए तैयार नहीं होंगे, वहीं दूसरी ओर विनिर्माता भी इस समय पूंजीगत खर्च को बढ़ाने से परहेज करेंगे.



रिपोर्ट में कहा गया कि इन गाड़ियों के महंगा होने और पहले ही दबाव का सामना कर रहे परंपरागत ऑटो उद्योग को बचाने की सरकार की प्राथमिकता के चलते कुछ समय के लिए इलेक्ट्रॉनिक गाड़ियों से ध्यान हट सकता है.
एजेंसी ने कहा कि महामारी के कारण आर्थिक गतिविधियों में कमी के चलते ऑटोमोबाइल उद्योग को वित्त वर्ष 2020-21 में बिक्री में 20 प्रतिशत कमी का सामना करना पड़ सकता है.

NH और एक्सप्रेस वे पर इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन का प्रस्ताव
बता दें कि इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग और आगे बढ़ाने के लिए मोदी सरकार लगातार प्रयास कर रही है. इलेक्ट्रिक व्हीकल के सामने सबसे बड़ी चुनौती लंबे सफर को लेकर था. सीमित सीमा तक बैटरी बैकअप होने की वजह से लोग इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद करने से कतरा रहे थे. अब केंद्र सरकार ने देश के प्रमुख एनएच और एक्सप्रेस वे पर इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन बनाने के लिए कंपनियों से प्रस्ताव लेने का काम शुरू कर दिया है.

केंद्र सरकार के भारी उद्योग विभाग ने इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन के निर्माण और संचालन के लिए सरकारी संगठनों, केंद्र और राज्य सरकारों की पीएसयू कंपनियों, राज्य के डिस्कॉम, तेल सार्वजनिक उपक्रमों और अन्य पब्लिक और प्राइवेट संस्थाओं से प्रस्ताव आमंत्रित करने के लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट की मांग की है.
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