कोविड रोड ब्लॉक के बावजूद समय पर पूरा होगा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, जानिए कब बनकर होगा तैयार

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे 2023 तक बनकर होगा तैयार.

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का उद्देश्य दोनों शहरों के बीच यात्रा करने में लगने वाले समय को काफी कम करना है. लगभग 1 लाख करोड़ रुपये की कुल लागत से निर्मित, एक्सप्रेसवे पर वाहनों को 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलाया जा सकेगा.

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    नई दिल्ली. भारत में सबसे लंबा एक्सप्रेसवे दिल्ली-मुंबई के बीच बनने वाल है. जो निर्धारित समय के भीतर पूरा हो जाएगा. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने आश्वासन दिया है कि परियोजना से संबंधित सभी कार्यों में तेजी लाई जा रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि, काम में कोई देरी न हो. राज्यसभा में एक सवाल का जवाब देते हुए, नितिन गडकरी ने कहा कि कोविड -19 महामारी का दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्यक्रम पर प्रभाव पड़ा है, जो कि केंद्र के अपने लक्ष्य के अनुसार, जनवरी, 2023 तक पूरा करने का लक्ष्य है.

    नितिन गडकरी ने कहा कि कुल 1,350 किलोमीटर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे में से 350 किलोमीटर का निर्माण पहले ही हो चुका है और 825 किलोमीटर का निर्माण कार्य अभी किया जा रहा है. मंत्री ने यह भी आश्वासन दिया कि एक्सप्रेसवे के शेष 163 किलोमीटर के लिए बोलियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है, जो कि इस वित्तीय वर्ष के भीतर दिए जाने की संभावना है. कोरोना महामारी के चलते दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे में थोड़ी रुकावट देखने को मिली थी, जिसके बाद अब सभी परियोजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है.

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    दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का उद्देश्य दोनों शहरों के बीच यात्रा करने में लगने वाले समय को काफी कम करना है. लगभग 1 लाख करोड़ रुपये की कुल लागत से निर्मित, एक्सप्रेसवे पर वाहनों को 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलाया जा सकेगा. दिल्ली और मुंबई के बीच की दूरी अभी 24 घंटों में तय की जाती है, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे बनने के बाद यह समय घटकर 12 घंटों का हो जायेगा. यह ट्रेन की तुलना में दिल्ली-मुंबई के बीच यात्रा करने का एक तेज़ विकल्प होगा.

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    दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा बनाया जा रहा पहला ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे है. इस एक्सप्रेसवे के पहले चरण में आठ लेन होंगी, जिसे बाद में दूसरे चरण में 12 लेन का किया जायेगा. जानवरों और पैदल चलने वालों को लेन में प्रवेश करने से रोकने के लिए इसके दोनों ओर छह फुट की दीवारें भी होंगी.

    हरियाणा के सोहना से शुरू और मुंबई के पास मीरा भायंदर में समाप्त होने वाले इस एक्सप्रेसवे में एनिमल कॉरिडोर भी शामिल होंगे. निर्माण योजना में एनिमल ओवरपास को भी शामिल किया गया है क्योंकि यह कई रिज़र्व फारेस्ट से होकर गुजरता है. एक्सप्रेसवे में यात्रियों की सुविधा के लिए कई एग्जिट पॉइंट्स, रेस्तरां, रेस्टरूम और पेट्रोल पंप जैसी सुविधाएं भी होंगी.

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