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अगर आप ट्रैफिक नियम तोड़ कर दिव्यांग भी हो गए हैं तो भी मुआवजा के हकदार नहीं होंगे

अगर आप ट्रैफिक नियम तोड़ कर दिव्यांग भी हो गए हैं तो भी मुआवजा के हकदार नहीं होंगे

अगर आप ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करते हुए हादसों का शिकार हो जाते हैं तो आप मुआवजा पाने के हकदार नहीं होंगे. (फाइल फोटो)

अगर आप ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करते हुए हादसों का शिकार हो जाते हैं तो आप मुआवजा पाने के हकदार नहीं होंगे. (फाइल फोटो)

अगर आप ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन (Violating Traffic Rules) करते हुए हादसों (Accidents) का शिकार हो जाते हैं तो आप मुआवजा (Compensation) पाने के हकदार नहीं होंगे. दिल्ली की अदालत (Court) ने एक फैसला सुनाते हुए कहा है कि पीड़ित (Victim) खुद सड़क दुर्घटना का कारण था.

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नई दिल्ली. अगर आप ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन (Violating Traffic Rules) करते हुए हादसों (Accidents) का शिकार हो जाते हैं तो आप मुआवजा (Compensation) पाने के हकदार नहीं होंगे. दिल्ली की अदालत (Court) ने एक फैसला सुनाते हुए कहा है कि पीड़ित (Victim) खुद सड़क दुर्घटना का कारण था. पीड़ित ने खुद यातायात नियमों का उल्लंघन किया है और उल्टी दिशा में रहने के कारण कार के सामने आ गया. इसलिए वह मुआवजा का हकदार नहीं है. आपक बता दें कि पीड़ित हादसे में दिव्यांग भी हो चुका है. इसके बावजूद अदालत ने उसे मुआवजा का हकदार नहीं माना. हालांकि, देश में मोटर व्हीकल एक्ट में बदलाव के बाद अब विभिन्न प्रकार के ट्रैफिक नियमों को तोड़ने पर ज्यादा सजा के साथ-साथ ज्यादा जुर्माना का भी प्रावधान किया गया है.

रोहिणी की अदालत ने इस मामले में दिल्ली पुलिस को भी कटघरे में खड़ा किया है. कोर्ट ने कहा है कि पुलिस ने पीड़ित के साथ मिल कर झूठे साक्ष्य गढ़े हैं. दो वाहनों की जगह तीन वाहनों को दुर्घटना का शिकार बताया. साथ ही दुर्घटना की सही जगह बताने में भी घालमेल किया गया. यहां तक की चश्मदीद को अदालत में पेश तक नहीं किया गया. पुलिस ने गवाह के तौर पर एक झूठे आदमी की गवाई दिलवाई.

Court

कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि इस मामले में तमाम जानकारी मिली है, जिसमें पुलिस और पीड़ित की मिलीभगत को दर्शाता है. 

दिव्यांग होने पर भी आपको इसलिए मुआवजा नहीं मिलेगा
कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि इस मामले में तमाम जानकारी मिली है, जिसमें दिल्ली पुलिस और पीड़ित की मिलीभगत को दर्शाता है. इसके लिए अब आपराधिक मामले की सुनवाई करने वाले न्यायाधीश पुलिस की भूमिका को तय करेंगे. जहां तक दुर्घटना में शिकार हुए शख्स की बात है वह अपनी गलती का दुसरे से भरपाई की उम्मीद नहीं कर सकता.

रोहिणी कोर्ट ने सुनाया अहम फैसला
बता दें कि 8 अगस्त 2017 को यह घटना दिल्ली में घटित हुई. बाहरी दिल्ली में सड़क पर उल्टी दिशा में मोटरसाइकिल और स्कूटी से पीड़ित शख्स अपने अन्य दोस्तों का इंतजार कर रहे थे, तभी एक कार चालक ने शख्स को टक्कर मार दी. इस सड़क दुर्घटना में पीड़ित शख्स के साथ उसके तीन दोस्त भी जख्मी हुए. लेकिन, मामले की सुनवाई के दौरान पता चला कि लाल बत्ती पर खड़ी कार हरी बत्ती होने पर चली तभी स्कूटी चलाते पीड़ित कार के सामने आ गया.

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पुलिस ने घटनास्थल से कार और स्कूटी जब्त की थी. (फाइल फोटो)

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पुलिस ने घटनास्थल से कार और स्कूटी जब्त की थी. पीड़ित युवक ने दावा किया था कि वह और दोस्त स्कूटी और बाइक पर इंतजार कर रहे थे. इस पर कोर्ट ने कहा कि तीसरा वाहन क्यों नहीं जब्त किया गया. घटना में एक युवक को जख्मी दिखाया गया, जबकि तीन का मेडिकल रिपोर्ट पेश किया गया. तीनों को एक ही तरफ दांये पैर में चोट आई थी. स्कूटी चालक को ज्यादा चोट आई थी, जिससे वह दिव्यांग हो गया.

Tags: Compensation, Court, Traffic Police, Traffic rules

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