• Home
  • »
  • News
  • »
  • auto
  • »
  • DO NOT LEAVE THE CAR ON THE HIGH SECURITY SYSTEM OTHERWISE THERE WILL BE A BIG LOSS KANND

हाई-सिक्योरिटी सिस्टम के भरोसे न छोड़ें कार, नहीं तो होगा बड़ा नुकसान

हाई सिक्योरिटी कार से हो सकता है नुकसान.

टेस्ला के ऑटोपायलट, कैडिलैक के सुपर क्रूज और मर्सिडीज बेंज के इंटेलिजेंट ड्राइव की ही तरह वोल्वो के पायलट असिस्ट सिस्टम के भरोसे कार से ड्राइवर को अभी भी रिप्लेस नहीं किया जा सकता है.

  • Share this:
    नई दिल्ली. इन दिनों कारें ईबीडी के साथ एबीएस ( ABS with EBD), हिल असिस्ट कंट्रोल (Hill Assist Control), कोलिजन वार्निंग सिस्टम, (Collision Warning System), लेन असिस्ट सिस्टम (Lane Assist System), सेमी-ऑटोनॉमस ड्राइव मोड (Semi-Autonomous Drive Mode), सेल्फ-पार्किंग (Self-Parking) जैसे कई हाई-सिक्योरिटी फीचर्स (High-Security Features) से लैस की जा रही हैं. अमेरिका में किए गए एक हालिया अध्ययन से पता चला है कि कार में दिए जाने वाले ये हाई-सेफ्टी फीचर्स पर पूरी तरह से भरोसा करना सही नहीं है.

    अध्ययन में पता चली ये बात - इंश्योरेंस इंस्टीट्यूट फॉर हाईवे सेफ्टी और एमआईटी के एज लैब द्वारा एक महीने तक अलग-अलग वालेंटियर्स पर किए गए एक अध्ययन में यह पाया गया कि असिस्ट सिस्टम का आदी होने के बाद ड्राइवर कार चलाने के दौरान सुरक्षा मानकों पर पहले जितना ध्यान नहीं दे रहे थे. ज्यादातर ड्राइवर्स सेफ्टी फीचर्स पर जरूरत से ज्यादा भरोसा करते हुए भी देखे गए, जिससे उनका ध्यान भी कई बार भटकता हुआ नजर आया. इस अध्ययन के लिए अडॉप्टिव क्रूज़ कंट्रोल से लैस रेंज रोवर इवोक और पाइलट असिस्ट से लैस वोल्वो S90 कार का इस्तेमाल किया गया था.

    यह भी पढ़ें: IPS दीपांशु काबरा ने पोस्ट किया मजेदार वीडियो, देखें Tesla का रिक्शा! जो होता है अपने आप पार्क
    क्या कह रहे वैज्ञानिक - अध्ययन में पाया गया कि शुरूआत में ड्राइवरों ने सेफ्टी फीचर्स पर पूरा भरोसा न करते हुए खुद की ड्राइविंग पर भरोसा किया लेकिन समय बीतने के साथ ड्राइवरों का ध्यान भटकने लगा. IIHS के सीनियर रिसर्च साइंटिस्ट इयान रीगेन ने कहा, "अध्ययन की शुरूआत में और पाइलट असिस्ट का प्रयोग करने के बाद ड्राइवरों का ध्यान भटकने की संख्या में काफी बढ़ोत्तरी हुई".

    यह भी पढ़ें: इंटर्नशिप के लिए LinkedIn पर अपलोड किया वीडियो, वायरल होने पर मिली ड्रीम जॉब
    सेफ्टी फीचर्स पर न करें आंख मूंदकर भरोसा - इस अध्ययन में देखा गया कि टेस्ला के ऑटोपायलट, कैडिलैक के सुपर क्रूज और मर्सिडीज बेंज के इंटेलिजेंट ड्राइव की ही तरह वोल्वो के पायलट असिस्ट सिस्टम के भरोसे कार से ड्राइवर को अभी भी रिप्लेस नहीं किया जा सकता है. वास्तविक दुनिया की परिस्थितियों के साथ ढलने में इस सेफ्टी सिस्टम को अभी बहुत वक्त लगेगा. क्योंकि यह सिस्टम गाड़ी की स्पीड और स्टियरिंग को कंट्रोल करती है, इसलिए कई बार ड्राइवर इन पर जरूरत से ज्यादा भरोसा कर लेते हैं. इसलिए यह सलाह दी जाती है कि गाड़ी में चाहे जितने भी सेफ्टी फीचर्स होने के दावा किया जाए लेकिन उन पर आंख बंद करके विश्वास करना सही नहीं है क्योंकि यहां बात आपकी सेफ्टी की है.
    Published by:Kanhaiya Pachauri
    First published: