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इलेक्ट्रिक व्‍हीकल खरीद रहे हैं तो ध्‍यान रखें, इन 5 राज्‍यों में है चार्जिंग की बेहतर सुविधा

इलेक्ट्रिक व्‍हीकल खरीदने से पहले उसकी चार्जिंग की सुविधा देखना जरूरी है. फिलहाल ईवी चार्जिंग प्‍वाइंट बनाने में पांच राज्‍य सबसे आगे हैं.

इलेक्ट्रिक व्‍हीकल खरीदने से पहले उसकी चार्जिंग की सुविधा देखना जरूरी है. फिलहाल ईवी चार्जिंग प्‍वाइंट बनाने में पांच राज्‍य सबसे आगे हैं.

Electric Vehicle Charging Points: सीईईडब्‍ल्‍यू के आंकड़े बताते हैं कि देश में इस समय कुल 934 सार्वजनिक चार्जिंग स्‍टेशन बनाए गए हैं. जबकि इनका इस्‍तेमाल अभी सिर्फ 7.89 फीसदी ही हो पा रहा है. इनमें भी तेज चार्ज करने वाले कुल 167 चार्जिंग स्‍टेशन हैं जो कि कुल स्‍टेशनों का 29. 2 फीसदी है. वहीं धीमे चार्ज करने वाले 218 चार्जिंग प्‍वाइंट हैं. यह कुल चार्जिंग प्‍वाइंट का 38.1 फीसदी है.

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    नई दिल्‍ली. देश में बढ़ते पेट्रोल-डीजल के दामों की दिक्‍कतों को खत्‍म करने और पर्यावरण प्रदूषण को रोकने के लिए ई-मोबिलिटी (E-Mobility)को बढ़ावा दिया जा रहा है. निजी दोपहिया और चार पहिया वाहनों से लेकर सार्वजनिक परिवहन (Public Transport) के वाहनों को भी इलेक्ट्रिक मोड पर स्विच किया जा रहा है. इसके लिए ईवी (EV) खरीदारों को राहत देने के साथ ही राज्‍य सरकारें बड़े स्‍तर पर ईको-सिस्‍टम और इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर तैयार कर रही हैं. इसके साथ ही ई-साइकिल (E-Cycle) से लेकर ई-रिक्‍शा, ई-बसें, इलेक्ट्रिक कार (Electric Car), ई-बाइक (E-Bike), इलेक्ट्रिक स्‍कूटर (Electric Scooter)आदि ई वाहनों की नई-नई रेंज भी बाजार में आ रही है. हालांकि ई वाहनों को लेकर लंबी दूरी की यात्रा के दौरान चार्जिंग की दिक्‍कतों को लेकर जताई जा रही आशंकाओं के बीच चार्जिंग प्‍वॉइंट (EV Charging Point) और बैटरी स्‍वैपिंग सुविधाओं को विकसित किया जाना सबसे ज्‍यादा जरूरी है.

    ऐसे में ई वाहनों को लेकर तैयार की जा रही चार्जिंग की सुविधाओं की बात करें तो ज्‍यादातर राज्‍य अपने-अपने यहां ई-व्‍हीकल पॉलिसी (E-Vehicle Policy) लागू कर चुके हैं और योजनानुसार सुविधाएं मुहैया करा रहे हैं. हालांकि ई-व्‍हीकल को बाजार में उतारने की जल्‍दी बीच भारत के सिर्फ कुछ ही राज्‍य हैं जो बुनियादी सुविधाओं पर भी काम कर रहे हैं. इनमें भी दक्षिण भारत, उत्‍तर भारत से आगे है. ई-वाहनों के लिए देश में सबसे ज्‍यादा चार्जिंग प्‍वाइंट (Charging Point) अभी तक आंध्र प्रदेश में बनाए गए हैं जबकि देश की राजधानी दिल्‍ली अभी काफी पीछे है.

    काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वॉटर (CEEW)की ओर से जारी आंकड़े बताते हैं कि देश में इस समय कुल 934 सार्वजनिक चार्जिंग स्‍टेशन बनाए गए हैं. जबकि इनका इस्‍तेमाल अभी सिर्फ 7.89 फीसदी ही हो पा रहा है. इनमें भी तेज चार्ज करने वाले कुल 167 चार्जिंग स्‍टेशन हैं जो कि कुल स्‍टेशनों का 29. 2 फीसदी है. वहीं धीमे चार्ज करने वाले 218 चार्जिंग प्‍वाइंट हैं. यह कुल चार्जिंग प्‍वाइंट का 38.1 फीसदी है.

    सीईईडब्‍ल्‍यू के मुताबिक सबसे ज्‍यादा ईवी चार्जिंग स्‍टेशन बनाने वाले टॉप पांच राज्‍यों में उत्‍तर भारत का एकमात्र दिल्‍ली शामिल है. सबसे ज्‍यादा ईवी चार्जिंग (EV Charging) प्‍वाइंट बनाने वाला राज्‍य आंध्र प्रदेश है. पहले नंबर पर मौजूद आंध्र प्रदेश में 433 सार्वजनिक चार्जिंग प्‍वाइंट हैं. जबकि दूसरे नंबर पर तेलंगाना है जहां 160 पब्लिक चार्जिंग स्‍टेशन (Public Charging Station) हैं.

    तीसरी नंबर पर कर्नाटक राज्‍य है. यहां 126 चार्जिंग स्‍टेशन हैं. जबकि चौथे नंबर पर मौजूद दिल्‍ली में 78 पब्लिक चार्जिंग प्‍वाइंट हैं. पांचवे नंबर पर महाराष्‍ट्र है. यहां 72 जगहों पर ई-वाहनों को चार्ज किया जा सकता है. ऐसे में ईवी खरीदने वाले लोगों इन पांच राज्‍यों में चार्जिंग की बेहर सुविधा मिल सकती है. हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि जनसंख्‍या और वाहनों की संख्‍या को देखते हुए इनका बढ़ाया जाना जरूरी है.

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