Fact Check: शहर से 15 KM के दायरे में वाहन चालकों के लिए हेलमेट पहनना जरूरी नहीं? जानिए सच्चाई

Fact Check: शहर से 15 KM के दायरे में वाहन चालकों के लिए हेलमेट पहनना जरूरी नहीं? जानिए सच्चाई
पीआईबी ने किया फैक्ट चेक

सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि अब शहर से 15 किलोमीटर के दायरे में हेलमेट पहनना अनिवार्य नहीं है. फैक्ट चेक में यह खबर पूरी तरह फर्जी पाई गई है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 8, 2020, 9:18 AM IST
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नई दिल्ली. देश में फैली कोरोना वायरस महामारी के बीच सोशल मीडिया (Social Media) पर आए दिन तरह- तरह की खबरें वायरल हो रही हैं. इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप वॉट्सऐप (WhatsApp) पर कुछ दिनों से एक मैसेज वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि अब शहर से 15 किलोमीटर के दायरे के अंदर वाहन चालकों को हेलमेट (Helmet) पहनना अनिवार्य नहीं होगा. इस खबर की जब जांच की गई तो पता चला कि यह पूरी तरह फेक है. प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (पीआईबी) की तरफ से इसे फर्जी और गलत बताया गया है. इसके साथ ही सभी को हेलमेट पहनने की बात कही गई है.

दावा है कि सागर कुमार जैन नाम के शख्स की याचिका पर कोर्ट ने एक फैसला सुनाया है. वॉट्सऐप पर वायरल मैसेज में सागरकुमार जैन की याचिका का हवाला देते हुए लिखा गया है कि महानगरपालिका या फिर नगरपंचायत के दायरे के 15 किलोमीटर के अंदर अब लोगों को हेलमेट पहनना अनिवार्य नहीं होगा. वायरल मैसेज में यह भी लिखा गया है कि यदि आपसे कोई ट्रैफिक पुलिस या पुलिस वाला हेलमेट नहीं पहनने के बारे में पूछता है तो जवाब देना कि मैं नगरपालिका या नगरपंचायत की हद में हूं, क्योंकि शहर के 15 किलोमीटर के दायरे में अब हेलमेट पहनना अनिवार्य नहीं है.


फैक्ट चेक:
भारत सरकार के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पीआईबी फैक्ट चेक ने इस दावे को फेक बताया है. पीआईबी ने ट्वीट किया, 'यह दावा फर्जी है! वाहन चालकों को अभी भी हेलमेट पहनना अनिवार्य है.' गौरतलब है कि सोशल मीडिया पर इसी तरह दो दिन पहले भी एक मैसेज वायरल हो रहा था, जिसमें दावा किया जा रहा था कि राम मंदिर का फैसला सुनाने वाले पूर्व चीफ जस्टिस रंजन गोगोई कोरोना संक्रमित हो गए हैं. हालांकि यह दावा भी फर्जी पाया गया.
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