अगले साल अप्रैल से गाड़ियों में यूज होगा BS-VI फ्यूल

दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए मिनिस्ट्री ऑफ पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस ने राष्ट्रीय राजधानी में भारत स्टैंडर्ड (BS)-VI के मानकों का पालन करने वाले फ्यूल को तय समय से पहले लाने करने का फैसला किया है. दिल्ली में BS-VI फ्यूल 1 अप्रैल 2018 से आएगा.

News18Hindi
Updated: November 15, 2017, 5:14 PM IST
अगले साल अप्रैल से गाड़ियों में यूज होगा BS-VI फ्यूल
दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए मिनिस्ट्री ऑफ पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस ने राष्ट्रीय राजधानी में भारत स्टैंडर्ड (BS)-VI के मानकों का पालन करने वाले फ्यूल को तय समय से पहले लाने करने का फैसला किया है. दिल्ली में BS-VI फ्यूल 1 अप्रैल 2018 से आएगा
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Updated: November 15, 2017, 5:14 PM IST
दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए पेट्रोलियम मंत्रालय ने राष्ट्रीय राजधानी में भारत स्टैंडर्ड (BS)-VI के मानकों का पालन करने वाले फ्यूल को तय समय से पहले लाने करने का फैसला किया है. दिल्ली में BS-VI फ्यूल 1 अप्रैल 2018 से आएगा, पहले इसे 1 अप्रैल 2020 में लाने का प्लान था.

पॉल्यूशन घटाने पर है फोकस
व्हीकल्स से होने वाले प्रदूषण के अलावा आसपास के राज्यों में पराली जलाए जाने के कारण दिल्ली में हवा की गुणवत्ता खराब हुई है, जिसके कारण सरकार सख्त फैसले लेने के लिए मजबूर हुई है. तेेेल मंत्रालय ने कहा कि दिल्ली में चलने वाली सभी गाड़ियों को प्रदूषण घटाने के लिए अप्रैल 2018 से नए फ्यूल का इस्तेमाल करना होगा.

1 अप्रैल 2019 से पूरे NCR में आएगा नया फ्यूल

पेट्रोलियम मिनिस्ट्री ने 15 नवंबर को एक बयान में कहा है, 'दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में प्रदूषण के गंभीर स्तर को देखते हुए पेट्रोलियम मिनिस्ट्री ने पब्लिक ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के साथ विचार-विमर्श करके दिल्ली में 1 अप्रैल 2020 के बजाय 1 अप्रैल 2018 से BS-VI ग्रेड ऑटो फ्यूल लागू करने का फैसला किया है. ऑयल मार्केटिंग कंपनियों से 1 अप्रैल 2019 से पूरे एनसीआर एरिया में BS-VI फ्यूल लाने की संभावनाएं तलाशने के लिए कहा गया है.'

अभी यूज हो रहा है BS-IV फ्यूल
भारत में अभी BS-IV के मानकों को पूरा करने वाले फ्यूल का इस्तेमाल होता है. लेकिन पिछले साल यूरो V नॉर्म्स को छोड़ते हुए अप्रैल 2020 से BS-VI फ्यूल अपनाने का फैसला किया गया था. मंत्रालय ने कहा है, 'इस कदम से दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में वायु प्रदूषण की बढ़ती समस्या से निपटने में मदद मिलेगी.'
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यूएस एबेंसी ने बुधवार को हवा में पार्टिकुलेट मैटर PM 2.5 की रीडिंग ली, जिससे पता चला कि दिल्ली में यह रीडिंग 265 है, जबकि इसकी सेफ लिमिट 50 है. हालांकि, यह लेवल्स पिछले हफ्ते के स्तर से कम है, लेकिन अभी यह सुरक्षित स्तर नहीं है.
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