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रिनॉल्ट-निसान को राहत! हाईकोर्ट ने प्रोडक्शन जारी रखने की दी अनुमति, जानिए क्या है मामला

श्रमिक संघ ने कोविड -19 प्रोटोकॉल की कमी पर आपत्ति जताई थी

मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice ) संजीब बनर्जी और न्यायमूर्ति (Justice) सेंथिलकुमार राममूर्ति की पहली पीठ(first bench) ने अंतरिम आदेश पारित करते हुए महामारी से संबंधित मानदंडों का पालन करने के साथ आगे बढ़ने की अनुमति दी.

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    नई दिल्ली. मद्रास हाई कोर्ट (Madras High Court) ने शुक्रवार को फ्रांसीसी और जापानी ऑटो कार निर्माता रिनॉल्ट-निसान (Renault-Nissan) को कहा कि कि अपनी वे अपना प्रोडक्शन (production) जारी रख सकते है. इसके साथ ही राज्य सरकार द्वारा कर्मचारियों की सुरक्षा पर कोविड 19 (Covid 19) के मुद्दों को भी संबोधित कर सकते है. हाईकोर्ट के इस फैसले से कंपनी को राहत मिली है और अब तमिलनाडु में चेन्नई फैसिलिटी में अपना प्रोडक्शन कंपनी जारी रखेगी. मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice ) संजीब बनर्जी और न्यायमूर्ति (Justice) सेंथिलकुमार राममूर्ति की पहली पीठ(first bench) ने इसके अध्यक्ष के बालाजी कृष्णन द्वारा प्रतिनिधित्व किए गए श्रमिकों के श्रमिक संघ की एक रिट याचिका पर आगे अंतरिम आदेश पारित करते हुए महामारी से संबंधित मानदंडों का पालन करने के साथ आगे बढ़ने की अनुमति दी. 


    सुरक्षा चिंताओं को उजागर करने वाली याचिका में 8 मई की सरकारी अधिसूचना को चुनौती दी गई थी, जिसमें लॉकडाउन से छूट दी गई थी और महामारी से संबंधित दिशानिर्देशों का पालन करने के बाद सुविधा को काम करने की अनुमति दी गई थी.  


    कोर्ट ने कहा नियोक्ता ने सुरक्षा के लिए कई अतिरिक्त कदम उठाए


    जैसा कि अदालत ने पहले निर्देश दिया था, औद्योगिक सुरक्षा निदेशालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने 1 जून को कारखाने का दौरा किया और एक रिपोर्ट प्रस्तुत की. पीठ ने कहा कि रिपोर्ट में मैन्यूफ़ैक्चरिंग फेसेलिटी COVID-19 प्रोटोकॉल के अनुरूप बनाने के लिए नियोक्ता द्वारा उठाए जाने वाले कई अतिरिक्त उपाय शामिल हैं. कोर्ट ने कहा कि सरकारी अधिकारियों के सुझाव पर मैन्यूफ़ैक्चरिंग फेसेलिटी में किए गए तत्काल परिवर्तनों से, ऐसा प्रतीत होता है कि मैनेजमेंट ने कामगारों की सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए पर्याप्त चिंता दिखाई है और गार्ड की कोई कमी नहीं होगी. जहां तक ​​सुरक्षा उपायों का संबंध है," न्यायाधीशों ने देखा, अदालत ने कहा कि संक्रमण की उच्च घटनाओं को देखते हुए, कामगारों को भी आशंकित होने के लिए तुरंत दोषी नहीं ठहराया जा सकता है. 


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    किसी भी स्थिति में प्रोटोकॉल का पालन जरूरी


    किसी भी स्थिति में, मई के महीने में राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा लॉकडाउन के दौरान दी गई छूट के लिए महामारी संबंधी प्रोटोकॉल का पालन करना आवश्यक है. अदालत ने कहा कि उत्पादन जारी रखने के लिए औद्योगिक सुरक्षा निदेशालय द्वारा उठाए गए मुद्दों को प्रबंधन द्वारा ध्यान रखा जाना चाहिए.यह आशा की जाती है कि कामगारों के प्रतिनिधि और प्रबंधन 7 जून, 2021 को फिर से मिलने पर अधिक स्थायी समझौता करें, पीठ ने कहा और मामले को आगे की सुनवाई के लिए 8 जून को पोस्ट किया. 


    इसलिए बढ़ी थी कंपनी की मुसीबत


    पिछले महीने के अंत में कंपनियों के लिए परेशानी तब शुरू हुई थी  जब श्रमिक संघ रेनॉल्ट निसान इंडिया थोझीलालार संगम (आरएनआईटीएस) ने कोविड -19 प्रोटोकॉल की कमी पर आपत्ति जताई, जैसे कि राज्य में लॉकडाउन प्रतिबंधों के बावजूद उचित सोशल डिस्टेंसिंग मानदंड ना अपनाए जाने के साथ फैसिलिटी में बेरोकटोक प्रोडक्शन जारी रहा.


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    क्या कहा कंपनी ने 


     निसान के प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी अदालत के निर्देशों का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध है. "हमने इस सप्ताह की शुरुआत में मैन्यूफ़ैक्चरिंग यूनिट के संचालन को सावधानीपूर्वक फिर से शुरू किया. हमारा मैनेजमेंट भारत में COVID19 मामलों में हाल ही में वृद्धि से उत्पन्न चुनौतियों के कारण, और भी अधिक जोरदार और पारदर्शी है जिसमें लोगों के साथ, जो उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा को सर्वोपरि रखता है. हमने यूनियन के साथ कर्मचारी सुरक्षा के संबंध में पिछले समझौतों के अनुसार, उत्पादन लाइनों में से एक में पहले से ही परिवर्तन लागू कर दिए हैं, और राज्य सरकार की सिफारिशों पर कार्य करते हुए, उन्हें जल्द से जल्द दूसरी उत्पादन लाइन में कैस्केडिंग करेंगे, हाल के निरीक्षणों के बाद.

    Published by:Amit Deshmukh
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