अपना शहर चुनें

States

तेज रफ्तार वाहन को कैसे पकड़ते है ट्रैफिक कैमरा, क्यों नहीं बचा जा सकता जुर्माना देने से? जानें सबकुछ

ट्रैफिक कैमरा से बचना मुश्किल ही नहीं असंभव भी है.
ट्रैफिक कैमरा से बचना मुश्किल ही नहीं असंभव भी है.

E Challan : यदि आपको लगाता है कि आपने ट्रैफिक नियम का उल्लंघन नहीं किया है. तो आप नज़दीकी ट्रैफिक सेंटर से संपर्क कर सकते हैं. इसके साथ ही आप न्यायालय में ई-चालान को चुनौती दे सकते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 23, 2021, 3:43 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. यदि आप दिल्ली, मुंबई या देश के किसी बड़े मेट्रो शहर में रह रहे हैं. तो आपने ट्रैफिक लाईट के आसपास कई कैमरे लगे हुए देखें होंगे. ये कैमरे आपको ट्रैफिक लाइट जंप करते और सड़क पर आपकी ओवर स्पीड पर नजर बनाए रखते हैं. यदि आप ट्रैफिक लाइट जंप करते है या फिर सड़क पर ओवर स्पीड में वाहन चलाते है. तो कैमरे खुद से आपका चालान जनरेट करके आपके घर के पते पर भेज देते है और आपको ये जुर्माना भरना पड़ता है. आइए जानते है सड़क पर ट्रैफिक कैमरे किस तरह से काम करते है और इनसे बचना कतई संभव क्यों नहीं है.

कैसे काम करते है ट्रैफिक कैमरा - ट्रैफिक उल्लंघन का पता लगाने के लिए सड़क पर 2 मेगापिक्सल और हाई रेजोल्यूशन के कैमरे लगाए जाते हैं. ये कैमरे 60 डिग्री तक आसानी तक घूम सकते है. इसलिए ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करते समय इनसे बचना मुश्किल होता है. इन कैमरों से वाहन की रफ्तार पता करना बहुत ही आसान होता है.

यह भी पढ़ें: लोन लेकर खरीदना चाहते हैं कार, तो यहां पढ़ें कितना देना होगा इंटरेस्ट रेट और EMI, समझें फाइनेंस की लागत



स्मार्ट तकनीक का होता है इस्तेमाल- ट्रैफिक कैमरा को ट्रैफिक कंट्रोल रूम से ऑपरेट किया जाता है. इसके लिए डेटा एन्क्रिप्ट सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जाता है. वहीं इस प्रणाली में फोटो और वीडियो को साक्ष्य के तौर पर सुरक्षित भी रखा जाता है. जिससे कभी विवाद होने पर इसे न्यायालय के सामने प्रस्तुत किया जा सके.
कैसे भेजा जाता है चालान - यदि आपने भी ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन किया है. तो ट्रैफिक कंट्रोल रूम से आपके मोबाइल पर SMS के जरिए ई-चालान भेज दिया जाता है. यदि आप तय समय पर चालान की राशि जमा नहीं करेंगे तो आपका वाहन जब्त किया जा सकता है. वहीं आपको बता दें ट्रैफिक कंट्रोल रूम में 24x7 काम किया जाता है

यह भी पढ़ें: Tata Tigor एक बार चार्ज करके दौड़ती है 213 किमी, जानें कीमत और फीचर्स

ट्रैफिक कैमरा से गलती की संभावना कम - ई-चालन भेजने से पहले इसे दो चरण की प्रक्रिया से गुजरना होता है. सबसे पहले ऑटोमेशन तरीके से पुष्टी होती है कि आपने ट्रैफिक नियम का उल्लंघन किया है. इसके बाद मैन्युअल तरीके से भी चेक किया जाता है. जिससे गलती की संभावना कम हो जाती है.

न्यायालय में दे सकते है ई-चालान को चुनौती- यदि आपको लगाता है कि आपने ट्रैफिक नियम का उल्लंघन नहीं किया है. तो आप नज़दीकी ट्रैफिक सेंटर से संपर्क कर सकते हैं. इसके साथ ही आप न्यायालय में ई-चालान को चुनौती दे सकते हैं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज