हुंडई जल्द लॉन्च करेगी सबसे सस्ती इलेक्ट्रिक एसयूवी, जानें इसके बारे में सबकुछ

हुंडई जल्द ही सबसे सस्ती इलेक्ट्रिक एसयूवी लॉन्च करेगी.

Electric Car : कोरोना वायरस पेंडेमिक के कारण, इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्रभावित हुआ, जिसके कारण प्रोजेक्ट में देरी हो सकती है. लेकिन हुंडई को उम्मीद है कि, वो जल्द ही भारत में सबसे सस्ती इलेक्ट्रिक एसयूवी लॉन्च कर देंगे.

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    नई दिल्ली. हुंडई एक नई इलेक्ट्रिक कार लाने की तैयारी कर रही है, जो कंपनी की लो-कॉस्ट मिड साइज एसयूवी कार होगी. कंपनी इस कार को अपने 'स्मार्ट ईवी' प्रोजेक्ट के तहत डेवलप करेगी. फ़िलहाल, हुंडई मोटर इंडिया लिमिटेड कंज्यूमर्स के लिए कम लागत वाले इलेक्ट्रिक वाहन (EV) लॉन्च करने के फिजिबिलिटी पर अध्यन कर रही है. कंपनी इस प्रोजेक्ट को नंबर वन प्रायोरिटी दे रही हैं.

     मैनिजिंग डाइरेक्टर एस.एस. किम ने कहा, 'हमारे पास प्रोडक्ट और टेक्नोलॉजी है, और हम इंडियन मार्केट की कंडीशन और इंफ्रास्ट्रक्चर सिचुएशन को रिव्यू कर रहे हैं. हुंडई मोटर कंपनी इलेक्ट्रिक टेक्नोलॉजी को अर्ली अडॉप्ट करने वालों में से एक है, और हमारे पास विभिन्न इलेक्ट्रिक प्रोडक्ट्स हैं. हम हाइड्रोजन फ्यूल सेल व्हीकल टेक्नोलॉजी में भी काफी एडवांस हैं. किम ने कहा कि केवल हुंडई और टोयोटा ही ग्लोबल मार्केट में इन वाहनों की बिक्री करते हैं.'

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    कोरोना की वजह से हुई देरी- कोरोना वायरस पेंडेमिक के कारण, इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्रभावित हुआ, जिसके कारण प्रोजेक्ट में देरी हो सकती है. कोरोना की वजह से स्लो-डाउन के कारण करेंट फ़िस्कल इयर में वाहन की बिक्री में भारी गिरावट के बावजूद, हुंडई तेजी से बढ़ते फास्ट-ग्रोविंग-सपोर्ट-यूटिलिटि (एसयूवी) सेगमेंट में मार्केट-लीडर के रूप में उभरने में कामयाब रही है. हुंडई अपने क्रेटा और वेन्यू मॉडल की बढ़ती मांग के कारण मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड को पछाड़कर आगे बढ़ने में कामयाब हुई है.

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    हुंडई ने सरकार से की ये मांग- सरकार से उम्मीद की जाती है कि वह 2022 और 2023 तक क्रमशः कॉरपोरेट एव्रेज फ्युल एफिशिएंसी  और रीयल-टाइम ड्राइविंग एमिशन (RDE) टेस्ट नॉर्म्स के सेकंड फेज़ को इंट्रड्यूस करेगी, लेकिन ऑटो उद्योग ने रेग्युलेशन को स्थगित करने का आग्रह करते हुए कहा है कि ये रेग्युलेशन पोस्ट-पेंडेमिक-सेल को प्रभावित करते हैं. CAFE (कॉर्पोरेट एवरेज फ्यूल एफिशिएंसी) नॉर्म्स और RDE नॉर्म्स के इंप्लेमेंशन का अर्थ है मटेरियल कॉस्ट में वृद्धि, और यह अंततः मूल्य वृद्धि का कारण भी बनेगा. 

    किम ने कहा, 'हमें डर है कि यह मांग को प्रभावित करेगा और कंज्यूमर के सेंटीमेंट को चोट पहुंचेगी. एक कंपनी के रूप में, हुंडई तैयार है अगर सरकार इसे ओरिजिनल डेट से लागू करने का फैसला करती है.' भारत में वाहनों का एलेक्ट्रिफ़िकेशन एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. दक्षिण कोरियाई कार निर्माता की लोकल यूनिट बदलती जरूरतों के साथ तालमेल रखने के लिए डिजिटल रूप से जुड़े प्रोडक्ट के लॉन्च के साथ-साथ सिर्फ कार बेचने के बजाय मोबिलिटी सर्विसेज प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित करेगी.

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