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  • IF YOU KEEP THIS THING IN MIND WHILE INSURING THE CAR THEN THERE WILL BE 50 PERSANT SAVINGS IN PREMIUM KULD

कार का इंश्योरेंस कराते वक्त यह बात ध्यान रखेंगे तो प्रीमियम में हो जाएगी 50% की बचत

जीरो डेप्रिसिएशन कवर एक बार खत्म करने के बाद उसे दोबारा लेना मुश्किल होगा

थर्ड पार्टी बीमा (Third Party Cover) के साथ आग और चोरी से सुरक्षा का कवर जरूर लें. इससे आपकी प्रीमियम आधी हो जाएगी.

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    नई दिल्ली. कार, बाइक आदि गाड़ियों का बीमा कराना (Car Insurance) कानूनन जरूरी है. इससे वाहन के चोरी होने, आगजनी, दुर्घटना आदि में बीमा कवर मिलता है. लेकिन बीमा पॉलिसी को अच्छी तरह से समझ लिया जाए तो इसकी प्रीमियम कम हो सकती है. आज हम बीमा पॉलिसियों पर बचत की ऐसी ही कुछ बातें बताने जा रहे हैं.
    वाहन बीमा के दो हिस्से होते हैं - पहला थर्ड पार्टी (टीपी) और दूसरा ओन डैमेज (ओडी). टीपी कवर अनिवार्य है मगर यह सस्ता होता है. ओडी कवर लेना या न लेना आपकी मर्जी पर है और यह महंगा भी होता है. जब ये दोनों कवर वाहन बीमा में शामिल होते हैं तो उसे कॉम्प्रिहेंसिव वाहन बीमा पॉलिसी कहा जाता है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर आप वाहन बीमा पर खर्च घटाने की ठान चुके हैं तो ओडी कवर न लें. लेकिन थर्ड पार्टी बीमा के साथ आग और चोरी से सुरक्षा का कवर जरूर लें. इससे आपको महज 50 प्रतिशत की प्रीमियम में अधिकतम कवर मिल जाएगा.
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    नो क्लेम बोनस का भी मिलेगा फायदा
    बीएस में प्रकाशित खबर में पॉलिसीबाजार में कार बीमा प्रमुख उत्पल रमण शर्मा कहते हैं, 'कॉम्प्रिहेंसिव बीमा के मुकाबले थर्ड पार्टी, आग और चोरी से सुरक्षा का बीमा लेना 50 फीसदी तक सस्ता पड़ सकता है.' यदि वाहन मालिक पूरे साल कोई दावा नहीं करता है तो पॉलिसी नवीकरण के समय उसे नो क्लेम बोनस का फायदा मिलता है. न्यूनतम बीमा कवर लेने पर भी आपको बोनस का फायदा मिलता है.
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    महामारी की वजह से दुर्घटनाओं की संभावना कम हुई
    कोविड-19 महामारी के बीच ज्यादातर लोग घरों से ही काम कर रहे हैं और उनके वाहनों का इस्तेमाल भी कम हो रहा है. जब वाहन सड़कों पर कम उतरेंगे तो दुर्घटना का जोखिम भी कम हो जाएगा. ऐसे में कई लोग यह सोचने लगे हैं कि व्यापक यानी कॉम्प्रिहेंसिव वाहन बीमा बनाए रखने की कोई तुक है या नहीं. कई लोग न्यूनतम खर्च वाला बीमा लेने के बारे में भी सोचने लगे हैं.
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    खड़े वाहन के चोरी होने या आग लगने का खतरा रहता है
    बिजनेस स्टैंडर्ड में प्रकाशित खबर में फ्यूचर जेनेराली इंडिया इंश्योरेंस के मुख्य परिचालन अधिकारी श्रीराज देशपांडे कहते हैं, 'इस समय लोग सार्वजनिक स्थानों पर वाहनों का इस्तेमाल शायद नहीं कर रहे हों और इसीलिए ओन डैमेज कवर लेने के इच्छुक भी नहीं हों. लेकिन खड़े वाहन पर भी चोरी होने या आग लगने का खतरा रहता है, इसलिए इनसे बचाव के कवर जरूर लेने चाहिए.'
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    जोखिम पर जरूर विचार करें
    बीमा कवर इसीलिए लिया जाता है ताकि जोखिम से बचाव हो और चिंता नहीं रहे. इसलिए ओडी न लेने पर किसी दुर्घटना (जैसे वाहन पर पेड़ गिरना या पानी में वाहन फंसना) से होने वाले नुकसान से आपको सुरक्षा नहीं मिल सकेगी. अगर कार चलाते समय आप हादसे के शिकार हो जाते हैं और आपकी कार को नुकसान पहुंचता है तो आपको मुआवजा नहीं मिलेगा. इतना ही नहीं, अगले साल आप कॉम्प्रिहेंसिव बीमा लेने जाएंगे तो अंडरराइटिंग की कुछ शर्तें आपको माननी पड़ सकती हैं.
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    यह बात जरूर ध्यान रखें
    यदि आप बाद के सालों में अधिक खूबियों वाला बीमा कवर लेना चाहेंगे तो आपको कुछ शर्तों का पालन करना पड़ सकता है. हो सकता है कि इन शर्तों को पालन करने में पिछले साल की आपकी बीमा की बचत इसमें खर्च भी हो सकती है. यही नहीं, जीरो डेप्रिसिएशन कवर एक बार खत्म करने के बाद उसे दोबारा लेना मुश्किल होगा. दोबारा कॉम्प्रिहेंसिव बीमा लेने जाएंगे तो आपके वाहन का घोषित बीमा मूल्य (आईडीवी) भी कम हो सकता है. आईडीवी आपके वाहन की वह अधिकतम कीमत होती है, जो हादसे में वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने पर आपको मिल सकती है.
    इन मामलों में भूलकर भी कॉम्प्रिहेंसिव कवर बंद न करें
    जिन्हें कार खरीदे अधिक 5 साल से कम समय हुआ है या जिनकी कार ज्यादा कीमती है, उनके लिए तो कॉम्प्रिहेंसिव कवर बनाए रखना ही बेहतर हेागा. क्योंकि ऐसी स्थिति में यदि कोई अनहोनी होती है तो बीमा की वजह से नुकसान की भरपाई आसानी से हो सकती है. हालांकि 5 साल से ज्यादा पुरानी कारों का डेप्रिसिएशन की वजह से मूल्य काफी कम हो जाता है. ऐसे में यदि कोई दुर्घटना होती भी है तो नुकसान की रकम भी काफी हो जाएगी.
    कार का इस्तेमाल कम, तब ही सिर्फ थर्ड पार्टी बीमा करवाएं
    आपके परिवार में कई कार हों और उनमें से कोई कभीकभार ही इस्तेमाल होती हो. साथ ही, आपका अपना गैराज हो या इमारत में आपकी कार ढकी हुई जगह पर खड़ी होती हो और वहां पानी जमा होने का खटका नहीं हो. इस स्थति में उस कार पर न्यूनतम बीमा विकल्प लिया जा सकता है.ब
    Published by:Kuldeep Singoria
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