FAME II के तहत सब्सिडी में बढ़ोतरी से देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग बढ़ाने में मदद मिलेगी: Hero Electric

मुंजाल ने कहा, ‘‘यह पिछले एक दशक में इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग की दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण कदम है

FAME India Phase II में किए गए ताजे बदलाव के मुताबिक इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों पर मिलने वले डिमांड इंसेंटिव को 10,000 रुपये प्रति KWh से बढ़ाकर 15000 रुपये प्रति KWh कर दिया गया है.

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    नई दिल्ली. फेम दो (Fame II )  के तहत सब्सिडी (Subsidy) में बढ़ोतरी से देश में इलेक्ट्रिक वाहनों (Electric vehicles) की मांग (Demand) बढ़ाने में मदद मिलेगी. यह मानना हैं इलेक्ट्रिक दोपहिया कंपनी हीरो इलेक्ट्रिक (Hero Electric).कंपनी के प्रबंध निदेशक नवीन मुंजाल का. न्यूज एजेंसी भाषा से हुई बातचीत में उन्होंने कहा  ‘‘यह पिछले एक दशक में इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग की दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण कदम है. फेम दो के तहत सब्सिडी में बढ़ोतरी से देश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का नया दौर शुरू होगा. सब्सिडी की सीमा में बढ़ोतरी पासा पलटने वाली होगी. इससे पेट्रोल के दाम 100 रुपये प्रति लीटर पर पहुंचने के बीच उपभोक्ताओं का रुझान इलेक्ट्रिक स्कूटरों की ओर बढ़ेगा.’’


    सरकार ने शुक्रवार को फास्टर एडॉप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑफ इलेक्ट्रिक वेहिकल्स इन इंडिया चरण दो (फेम इंडिया दो) योजना में आंशिक संशोधन किया है.इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर के लिए शुरु किए गए सब्सिडी स्कीम को मिलते कमजोर रिस्पॉन्स को देखते हुए सरकार ने इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर के बिक्री को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से सब्सिडी में और बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया है.


    डिमांड इंसेंटिव को किया इतना 


    FAME India Phase II में किए गए ताजे  बदलाव के मुताबिक इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों पर मिलने वले डिमांड इंसेंटिव को 10,000 रुपये प्रति KWh से बढ़ाकर 15000 रुपये प्रति KWh कर दिया गया है. ताजा संशोधन के तहत भारी उद्योग मंत्रालय ने इलेक्ट्रिक दोपहिया के लिए प्रोत्साहन की सीमा को वाहन की लागत के 40 प्रतिशत तक सीमित किया है. पहले यह सीमा 20 प्रतिशत थी.  


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    अनुकूल नीति से इलेक्ट्रिक वाहनों की वृद्धि को प्रोत्साहन मिलेगा


    मुंजाल ने कहा, ‘‘हम अपनी पहुंच का विस्तार कर रहे हैं, चार्जिंग पॉइंट लगा रहे हैं और मैकेनिक्स को नए सिरे से प्रशिक्षण दे रहे हैं, जिससे इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए पारिस्थितिकी तंत्र तैयार किया जा सकेा. उन्होंने कहा कि इन सबके बीच एक अनुकूल नीति से इलेक्ट्रिक वाहनों की वृद्धि को प्रोत्साहन मिलेगा और क्षेत्र में बदलाव आएगा. हालांकि इनमें प्लग इन हाइब्रिड और स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड शामिल हैं, बसें इसमें शामिल नहीं हैं.


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